कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों की नियत में खोट: भाजपा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Sep 12 2018 7:18PM
कांग्रेस और आम आदमी पार्टी दोनों की नियत में खोट: भाजपा
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कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए बुधवार को भाजपा ने आरोप लगाया कि दोनों की नीयत में खोट है।

नयी दिल्ली। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए बुधवार को भाजपा ने आरोप लगाया कि दोनों की नीयत में खोट है। एक पार्टी आयकर में करोड़ों की हेराफेरी करती है तो दूसरी पार्टी ईमानदारी का ढोंग करने की आड़ में चुनावी चंदों में हवाला का कारोबार करती है। भाजपा प्रवक्ता मीनाक्षी लेखी ने संवाददाताओं से कहा कि आम आदमी पार्टी की कथनी और करनी में बहुत अंतर है। जो पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने का दिखावा करके दिल्ली की सत्ता पर काबिज हुई, आज वही पार्टी भ्रष्टाचार के नए गुल खिला रही है।

 
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग के पारदर्शिता के दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया। आम आदमी पार्टी के दिए खातों की जानकारी में भी अनियमितताएं पाई गई हैं। भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जांच में यह भी पाया गया है कि आम आदमी पार्टी ने चुनाव आयोग से चंदे की जानकारी छिपाई और चंदे का हिसाब ही नहीं दिया। लेखी ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने अपनी वेबसाइट पर चंदे की जानकारी कुछ और दिखाई जबकि चुनाव आयोग को कुछ और ही जानकारी दी।सवाल उठने पर आम आदमी पार्टी ने अपने खातों की जानकारी भी बदल दी।
 
उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी की रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि आम आदमी पार्टी ने हवाला ऑपरेटरों के जरिये दो करोड़ रुपये के एक लेनदेन को गलत तरीके से स्वैच्छिक दान के रूप में दिखाया। ‘‘ यह एक निहायत ही गंभीर आरोप है।’’ भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इस विषय की कई स्तरों पर जांच की गई और मीडिया में कई वीडियो इसको लेकर वायरल हुए जिसमें यह स्पष्ट था कि हवाला के जरिये ये पैसा आम आदमी पार्टी के खाते में स्थानांतरित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फर्जीवाड़े में शामिल एक व्यक्ति के घर से नोटबंदी के दौरान काफी करेंसी भी बरामद की गई थी ।


 
लेखी ने कहा कि रिप्रेजेंटेशन ऑफ़ पीपुल्स एक्ट के सेक्शन 29सी के तहत उल्लेखित नियमों का आम आदमी पार्टी ने उल्लंघन किया है। इलेक्शन सिम्बल्स रिजर्वेशन एंड अलॉटमेंट आर्डर 1968 के 16ए नियम के तहत पार्टी का चिन्ह दिया जाता है लेकिन नियमों में पार्टी द्वारा अनियमितता करने पर पार्टी का चुनाव चिह्न वापस भी लिया जा सकता है।

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