सपा का आरोप, उपसभापति पद पर चुनाव के लिये कांग्रेस और भाजपा जिम्मेदार

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Aug 8 2018 2:26PM
सपा का आरोप, उपसभापति पद पर चुनाव के लिये कांग्रेस और भाजपा जिम्मेदार
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राज्यसभा में उपसभापति पद के लिये किसी एक उम्मीदवार के नाम पर सर्वानुमति नहीं बन पाने के लिये विपक्ष के घटक दलों में असंतोष है।

नयी दिल्ली। राज्यसभा में उपसभापति पद के लिये किसी एक उम्मीदवार के नाम पर सर्वानुमति नहीं बन पाने के लिये विपक्ष के घटक दलों में असंतोष है। सपा ने इसके लिये कांग्रेस और भाजपा को समान रूप से जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस द्वारा राज्यसभा सदस्य बी के हरिप्रसाद की उम्मीदवारी घोषित किये जाने के बाद इस पद के लिये अब चुनाव होना तय हो गया है। राजग की ओर से जदयू के हरिवंश को पहले ही उम्मीदवार घोषित किया जा चुका है।

 
सपा के रामगोपाल यादव ने कहा कि कुछ अपवादों को छोड़ कर उपसभापति पद पर कभी चुनाव नहीं हुआ। सभी दल सर्वसम्मति से उपसभापति का चयन कर लेते हैं। यादव ने इस पर असंतोष व्यक्त करते हुये कहा कि कांग्रेस की तरफ से संप्रग के घटक दल के किसी सदस्य को उम्मीदवार बनाने की बात थी। लेकिन अंतिम क्षण में अपने ही दल के सदस्य को उम्मीदवार घोषित कर दिया। उन्होंने कहा ‘‘चुनाव के लिये कांग्रेस और भाजपा समान रूप से जिम्मेदार हैं।’’
 


उच्च सदन में तीन सदस्यों वाली आप ने भी कांग्रेस के रुख को विपक्ष की एकता के लिये झटका बताया। आप के संजय सिंह ने कहा ‘‘कांग्रेस तंगदिली से राजनीति करती है। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनाव में हमने कांग्रेस द्वारा घोषित उम्मीदवार को बिना मांगे वोट दिया था। लेकिन कांग्रेस ने इसके लिये शुक्रिया अदा करने की औपचारिकता भी नहीं निभायी।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस का यह रवैया विपक्ष की एकता के लिये नुकसानदायक है। व्यापक हित में यह ठीक नहीं है। 
 
उम्मीदवारी घोषित होने के बाद हरिप्रसाद ने कहा ‘‘पार्टी ने निश्चित रूप से काफी सोच विचार के बाद यह फैसला किया होगा। हम सभी विपक्षी दलों से बात करेंगे। देखते हैं क्या होता है।’’ 244 सदस्यीय उच्च सदन में उपसभापति चुनाव को जीतने के लिए 123 मतों की आवश्यकता पड़ेगी। यदि अन्नाद्रमुक (13), बीजद (नौ), टीआरएस (छह) और वाईएसआर कांग्रेस (दो) का समर्थन राजग को मिल जाता है तो उसके पास 126 मत हो जाएंगे। उच्च सदन में भाजपा के 73 और कांग्रेस के 50 सदस्य हैं। भाजपा के सहयोगी जदयू, शिवसेना और अकाली दल के क्रमश: छह और तीन- तीन सदस्य हैं।
 

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