क्या CWC की बैठक से पहले कांग्रेस और G-23 के नेताओं के बीच बनी सहमति ? राहुल के साथ काफी दिख रहे हैं गुलाम नबी

क्या CWC की बैठक से पहले कांग्रेस और G-23 के नेताओं के बीच बनी सहमति ? राहुल के साथ काफी दिख रहे हैं गुलाम नबी

लखीमपुर हिंसा मामला समेत मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने और संगठनात्मक चुनावों पर फैसला करने के लिए 16 अक्टूबर को सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाई गई है।

नयी दिल्ली। कांग्रेस में क्या सबकुछ सुलझ गया है ? या फिर कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक में सबकुछ सुलझा लिया जाएगा इस पर सहमति बन गई है ? ऐसा इसलिए कहा जा रहा है कि क्योंकि जी-23 नेताओं में शामिल गुलाम नबी आजाद बुधवार को पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ देखे गए हैं। 

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कब होगी CWC की बैठक ?

आपको बता दें कि लखीमपुर हिंसा मामला समेत मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर चर्चा करने और संगठनात्मक चुनावों पर फैसला करने के लिए 16 अक्टूबर को सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाई गई है।

पार्टी संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सीडब्ल्यूसी की बैठक 16 अक्टूबर को सुबह 10 बजे एआईसीसी के कार्यालय 24 अकबर रोड पर बुलाई गई है, ताकि मौजूदा राजनीतिक हालात, आगामी विधानसभा चुनावों और संगठनात्मक चुनावों पर चर्चा की जा सके।

क्या जी-23 के नेताओं को साध रही पार्टी ?

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले को लेकर कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की। इस दौरान पार्टी नेताओं के साथ गुलाम नबी आजाद भी दिखाई दिए। इसके अलावा 1971 युद्ध को लेकर आयोजित हुई फोटो प्रदर्शनी में भी गुलाम नबी आजाद राहुल, प्रियंका के साथ दिखे। 

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सिब्बल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बढ़ा विवाद

हाल ही में पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने नाम लिए बिना गांधी परिवार पर निशाना साधा था और जल्द ही सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाने की मांग की थी। जिसके बाद अब 16 अक्टूबर को सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाई।   

माना जा रहा है कि सीडब्ल्यूसी की इस बैठक में कांग्रेस के नए अध्यक्ष के चुनाव को लेकर रूपरेखा तैयार हो सकती है। इससे पहले हुई सीडब्ल्यूसी की बैठक में जून में अध्यक्ष पद का चुनाव कराने का निर्णय लिया गया था लेकिन कोरोना महामारी की वजह से इसे टाल दिया गया था।

आपको बता दें कि कपिल सिब्बल ने कांग्रेस की पंजाब इकाई में मचे घमासान और पार्टी की मौजूदा स्थिति को लेकर आला नेतृत्व पर सवाल खड़े किए थे और कहा था कि सीडब्ल्यूसी की बैठक बुलाकर इस स्थिति पर चर्चा होनी चाहिए और संगठनात्मक चुनाव कराए जाने चाहिए।

इस दौरान उन्होंने कई नेताओं के पार्टी छोड़ने का उल्लेख भी किया था। वहीं उन्होंने कहा था कि हम जी हुजूर 23 नहीं हैं। हम अपनी बात रखते रहेंगे।





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