कांग्रेस उम्मीदवार मानवेंद्र सिंह ने भी माना, वसुंधरा राजे को हराना मुश्किल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 30, 2018   15:41
कांग्रेस उम्मीदवार मानवेंद्र सिंह ने भी माना, वसुंधरा राजे को हराना मुश्किल

चुनाव से कुछ हफ्ते पहले भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए सिंह ने कहा कि जब उन्हें मुख्यमंत्री के खिलाफ लड़ने के लिए कहा गया तो उन्होंने एक सेकंड में इस चुनौती को स्वीकर कर लिया।

झालावाड़ (राजस्थान)। राजस्थान की चुनावी लड़ाई में अति उत्सुकता भरा मुकाबला लड़ रहे कांग्रेस उम्मीदवार मानवेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को उनके गढ़ में हराना मुश्किल काम है, लेकिन वह ‘‘लड़ने और जीतने’’ के लिए यहां हैं। 'झालावाड़ आजाद होगा' नारे के साथ सिंह ने कहा कि वह अपनी प्रबल प्रतिद्वंद्वी को चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पूर्व भाजपा नेता जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह ने कहा, "मैं सिर्फ चुनाव लड़ने और जीतने के लिए यहां हूं।"

चुनाव से कुछ हफ्ते पहले भाजपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए सिंह ने कहा कि जब उन्हें मुख्यमंत्री के खिलाफ लड़ने के लिए कहा गया तो उन्होंने एक सेकंड में इस चुनौती को स्वीकर कर लिया। यह पूछ जाने पर कि क्या वह इस चुनाव को "डेविड और गोलिएथ" के युद्ध की तरह देख रहे हैं, सिंह ने इसका जवाब ‘न’ में दिया। उन्होंने कहा, "इसमें कोई शक नहीं कि यह मुश्किल काम है। मैं इस चुनौती को कम करके नहीं आंक रहा हूं। मैं खुद को डेविड बिल्कुल नहीं मानता। वसुंधरा राजे यहां से तीन बार विधायक होने के अलावा पांच बार सांसद भी रह चुकी हैं।" सिंह ने कहा, "उनके पास 30 साल का अनुभव है और मुझे 15 दिन में उन 30 वर्षों को पाटना होगा। इसलिए यह एक चुनौती है जिसके लिए मैं तैयार हूं।"

यह भी पढ़ें: राजस्थान की जनता जसवंत सिंह के अपमान का लेगी बदला: मानवेंद्र सिंह

खुद के बाहरी होने के विरोधियों के दावे को खारिज करते हुए सिंह ने कहा कि झालवाड़ के लोग उन्हें खुले दिल और पूरी गर्मजोशी से स्वीकर कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि लोगों को यह जानने में एक-दो दिन से ज्यादा समय नहीं लगता कि कोई उनसे संबंध रखता है या नहीं। झालरपाटन विधानसभा सीट पर जबरदस्त प्रचार के बाद मिल रही प्रतिक्रिया पर उन्होंने कहा, "मैं आशावादी हो रहा हूं। मैं किसी चमत्कार की उम्मीद नहीं कर रहा हूं, लेकिन यह नामुमकिन भी नहीं है। मुझे लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है, जो इस सीट पर कई वर्षों से मेहनत कर रहे हैं।" 





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।