दिल्ली में ही केजरीवाल को घेरने की तैयारी में जुटी कांग्रेस, गेस्ट टीचर्स के प्रदर्शन में शामिल हुए सिद्धू

दिल्ली में ही केजरीवाल को घेरने की तैयारी में जुटी कांग्रेस, गेस्ट टीचर्स के प्रदर्शन में शामिल हुए सिद्धू

सिद्धू ने कहा कि मैं उनका रेत का महल तोड़ कर जाऊंगा। सिद्धू ने यह भी कहा कि केजरीवाल पंजाब आकर टीचर्स को लालच दे रहे हैं। लेकिन पहले भी यह बताएं कि आखिर उन्होंने दिल्ली में टीचर्स के लिए क्या किया है?

एक ओर जहां अरविंद केजरीवाल लगातार पंजाब में कांग्रेस सरकार के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं। तो वहीं अब कांग्रेस ने भी दिल्ली में केजरीवाल को घेरने की तैयारी शुरू कर दी है। यही कारण है कि पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू दिल्ली में गेस्ट टीचर्स की प्रदर्शन में शामिल हुए। आपको बता दें कि यह गेस्ट टीचर्स अपनी मांगों को लेकर सीएम केजरीवाल के घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं। नवजोत सिंह सिद्धू ने केजरीवाल के खिलाफ नारा भी लगाया। इसके साथ ही सिद्धू ने कहा- ऊंची दुकान-फीके पकवान। सिद्धू ने सवाल किया कि आखिर केजरीवाल कहां है? दिल्ली में 22000 गेस्ट टीचर से बंधुआ मजदूर की तरह काम कराया जा रहा है।

केजरीवाल ने कहा कि टीचर से दिहारी मजदूरी कराई जा रही है। इनके लिए कोई नीति नहीं है। नीति बनाकर केजरीवाल सरकार को काम करना चाहिए। केजरीवाल सिर्फ मायाजाल बिछाने में है। इसके साथ ही सिद्धू ने कहा कि मैं उनका रेत का महल तोड़ कर जाऊंगा। सिद्धू ने यह भी कहा कि केजरीवाल पंजाब आकर टीचर्स को लालच दे रहे हैं। लेकिन पहले भी यह बताएं कि आखिर उन्होंने दिल्ली में टीचर्स के लिए क्या किया है?

इससे पहले केजरीवाल ने मोहाली में पंजाब राज्य शिक्षा विभाग के बाहर प्रदर्शन कर रहे राज्य के अध्यापकों से मुलाकात की थी। इस दौरान मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि हमने दिल्ली में अध्यापकों के सारे मसले हल किए हैं। अब पंजाब में भी करेंगे। उन्होंने कहा कि पहले काम करने वाले अध्यापकों ने कमाल करके दिखा दिया। अध्यापकों के मसले हमने ठीक किए और उन्होंने मेरे बच्चों की पढ़ाई ठीक कर दी। मैं आज सिर्फ इतना वादा करके जा रहा हूं कि हमारी सरकार आएगी तो आपके मसले जरूर हल करेंगे और मैं दिल्ली में करके आया हूं, यहां भी करूंगा। उन्होंने कहा कि मैं यहां इन अध्यापकों का समर्थन करने के लिए आया हूं। अध्यापक 6,000 रुपए की तनख्वाह पर काम कर रहे हैं। 6,000 रुपए की सैलरी लेकर किसका गुजारा चल सकता है। पंजाब सरकार इनकी मांगों पर विचार करें।





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