बिहार चुनाव: कांग्रेस मीरा कुमार पर लगा सकती है दांव, नेताओं के बीच सुगबुगाहट तेज

बिहार चुनाव: कांग्रेस मीरा कुमार पर लगा सकती है दांव, नेताओं के बीच सुगबुगाहट तेज

कोरोना काल से पहले यानि साल की शुरुआत में जब बिहार में तीसरे मोर्चे की सुगबुगाहट चल रही थी तब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता तेजस्वी को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में अस्वीकार कर चुके थे और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार का नाम आगे किया था।

पटना। बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। हालांकि कोरोना काल के बीच में चुनाव होंगे यह कह पाना अभी मुश्किल है। फिलहाल पार्टियां नीतीश कुमार को मात देने के लिए रणनीतियां बनाने में जुटी हुई हैं। बिहार में कांग्रेस और आरजेडी का गठबंधन है और आरजेडी ने पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव के बैगर तले चुनाव लड़ने का मन बना लिया है। मगर सवाल यह खड़ा होता है कि क्या कांग्रेस मुख्यमंत्री पद के लिए तेजस्वी यादव के नाम का समर्थन करेगी।

कोरोना काल से पहले यानि साल की शुरुआत में जब बिहार में तीसरे मोर्चे की सुगबुगाहट चल रही थी तब कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता तेजस्वी को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के रूप में अस्वीकार कर चुके थे और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार का नाम आगे किया था। 

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कांग्रेस खेल सकती है बड़ा दांव

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बिहार चुनाव को लेकर कांग्रेस बड़ा दांव खेल सकती है। हालांकि, वह तेजस्वी यादव के चेहरे पर चुनाव लड़ने का मन बना चुकी है लेकिन राजनीति संभावना का खेल है और इसमें कभी भी बाजी पलट सकती है। क्योंकि विपक्ष के सभी वरिष्ठ नेता ऑफ द रिकॉर्ड बातचीत में मानते हैं कि नीतीश कुमार से सामने तेजस्वी का टिक पाना आसान नहीं होगा।

बिना चेहरे के चुनाव लड़े आरजेडी

एक राय ऐसी भी है कि नीतीश कुमार को सत्ता की कुर्सी से उतारने के लिए आरजेडी को मुख्यमंत्री उम्मीदवार के बिना चुनाव में जाना चाहिए और ऐसा करना फायदेमंद भी हो सकता है। जबकि दूसरी तरफ खबर है कि कांग्रेस कुछ धमाका कर सकती है और वह इसके लिए नेताओं के साथ मिलकर विचार-विमर्श कर रही है। 

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कांग्रेस का आला नेतृत्व और वरिष्ठ नेता मीरा कुमार के नाम पर विचार विमर्श कर रहे है। क्योंकि मीरा कुमार कांग्रेस के लिए हुकुम का एक्का साबित हो सकती हैं। मीरा कुमार का राजनीतिक कद मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से कम नही है और तो और बाबू जगजीवन राम की पुत्री होने की वजह से मीरा कुमार उनके राजनीतिक विरासत की मालकिन भी हैं। लेकिन सबसे जरूरी सवाल यह है कि क्या आरजेडी को यह मंजूर होगा कि कांग्रेस मुख्यमंत्री उम्मीदवार की घोषणा करे ?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता से जब एक हिन्दी समाचार पत्र ने इस विषय पर सवाल पूछा तो उन्होंने जवाब दिया कि पार्टी को पहले अपना फैसला सुनाना चाहिए और यदि आरजेडी को कोई परेशानी नहीं होती है तो हम साथ चलते के लिए तैयार हैं और यदि वह उन्हें स्वीकार नहीं हैं तो उन्हें उनका फैसला मुबारक हमें हमारा... हालांकि अभी पार्टी आलाकमान ने इस विषय पर कोई भी जानकारी साझा नहीं की है। राजनीतिक गलियारों में यही आवाज सुनाई दे रही है कि नीतीश कुमार को मात देने के लिए मीरा कुमार को खड़ा करना जरूरी है।





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