कांग्रेस संगठन में 50 साल से कम उम्र के लोगों को दिया जा सकता है 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मई 14, 2022   09:35
कांग्रेस संगठन में 50 साल से कम उम्र के लोगों को दिया जा सकता है 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व
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पार्टी युवाओं के लिए रोजगार की गारंटी को लेकर भी चर्चा कर रही है और उसका कहना है कि उसके शासन वाले राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ में योजनाओं को लागू किया जा सकता है जिन परचिंतन शिविर में चर्चा हो रही है।पार्टी महासचिव अजय माकन के अनुसार, युवाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने के प्रस्ताव पर चिंतिन शिविर में चर्चा होगी।

उदयपुर|  कांग्रेस अपनी स्थानीय स्तर की कमेटी से लेकर कार्य समिति तक 50 साल के कम उम्र के लोगों को 50 प्रतिशित प्रतिनिधित्व देने की व्यवस्था लागू कर सकती है।

पार्टी युवाओं के लिए रोजगार की गारंटी को लेकर भी चर्चा कर रही है और उसका कहना है कि उसके शासन वाले राजस्थान एवं छत्तीसगढ़ में योजनाओं को लागू किया जा सकता है जिन परचिंतन शिविर में चर्चा हो रही है। पार्टी महासचिव अजय माकन के अनुसार, युवाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व देने के प्रस्ताव पर चिंतिन शिविर में चर्चा होगी।

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘संगठन में स्थानीय समिति से लेकर कांग्रेस कार्य समिति तक, हर समिति में 50 प्रतिशत स्थान 50 साल से कम उम्र के लोगों को दिए जाने का भी प्रस्ताव रखा गया है।’’ कांग्रेस प्रवक्ता रागिनी नायक ने कहा कि इस बात की पूरी संभावना है कि ‘50 बिलो 50 फामूर्ला’ (50 साल से कम के लोगों को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व) को लागू किया जाए।

उन्होंले कहा, ‘‘ब्लॉक कमेटी से लेकर कांग्रेस कार्य समिति में 50 साल से कम उम्र के लोगों को 50 फीसदी प्रतिनिधित्व देने का विचार आया है। 50 बिलो 50 फामूर्ला लागू हो, यह संभव है।’’ एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘50 साल के कम का अर्थ यह भी है कि 45 साल के नेता को जगह मिल सकती है, 40 साल के युवा को भी जगह मिल सकती है।’’ पार्टी प्रवक्ता अलका लांबा ने रोजगार के अधिकार का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘ यह चर्चा में आया है। जो भी बात हो रही है कानूनी हो रही है। सूचना का अधिकार आया, भोजन का अधिकार आया, शिक्षा का अधिकार आया।

यह कोशिश है कि कांग्रेस मजबूत विपक्ष के तौर पर अगले दो साल में इस (केंद्र) सरकार को कैसे इसे लागू करने के लिए मजबूर कर सकती है।’’ उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रयास है कि राजस्थान और छत्तीसगढ़ में जहां कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकारें हैं वहां चर्चा में शामिल सभी बातों को लागू करके एक उदाहरण प्रस्तुत किया जाए ताकि भाजपा शासित राज्यों में इन्हें लागू कराया जा सके।

अलका लांबा ने बताया कि कांग्रेस के चिंतन शिविर में युवाओं से जुड़े मुद्दों पर 12 घंटे 30 मिनट चर्चा होगी। राज्यसभा सदस्य जेबी मैथर ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति सरकार सांप्रदायिक एजेंडे के साथ आगे बढ़ा रही है और इतिहास के साथ छेड़छाड़ कर रही है।





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