राफेल पर प्रधानमंत्री की खामोशी ‘तूफान’ से पहले की शांति: कांग्रेस

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 17, 2018   11:54
राफेल पर प्रधानमंत्री की खामोशी ‘तूफान’ से पहले की शांति: कांग्रेस

कांग्रेस ने राफेल सौदे को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ हमला जारी रखते हुए शुक्रवार को दावा किया कि इस मामले पर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खामोशी ‘बड़े तूफान’ से पहले की शांति है।

नयी दिल्ली। कांग्रेस ने राफेल सौदे को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ हमला जारी रखते हुए शुक्रवार को दावा किया कि इस मामले पर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खामोशी ‘बड़े तूफान’ से पहले की शांति है। ग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, ‘‘राफेल के नए नए सबूतों पर भाजपा और प्रधानमंत्री ने जो शांति बना रखी है, वो बड़े तूफान से पहले की शांति है।’’ न्होंने कहा, ‘‘इस मामले में एक बाद एक तथ्य सामने आए हैं। इसी क्रम में नया तथा आईसीआईसीआई बैंक के ‘मैनेजमेंट मीट नोट’ से जुड़ा है। यह नोट 28 फरवरी, 2017 का है। इसमें इसका उल्लेख किया गया है कि रिलायंस को कितने का ऑफसेट कॉन्ट्रैक्ट और कितने का लाइफ साइकिल कॉन्ट्रैक्ट मिला। यह दस्तावेज बता रहा है कि 59 हजार करोड़ रुपये में 36 राफेल विमान खरीदे जा रहे हैं।’’

खेड़ा ने कहा कि सरकार की ओर कहा गया कि समझौते में विमानों की कीमत को लेकर गोपनीयता का प्रावधान है, जबकि ऐसा नहीं है। अगर मान भी लेते हैं कि तो कीमत बताने पर दसाल्ट और रिलायंस इफ्रास्ट्रक्चर पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की?’’ ग्रेस नेता ने यह मांग दोहराई के राफेल मामले की संयुक्त संसदीय समिति से जांच करानी चाहिए। न्होंने सवाल किया, ‘‘हमें ये बताइए कि 526 करोड़ रू की चीज 1670 करोड़ रू में अब क्यों खरीदी जा रही है? ये अपने मुँह से क्यों नहीं बताते? इनकी चुप्पी से जो राज खुल रहे हैं, वो कहीं ज्यादा हैं और रोज नए राज खुल रहे हैं।’’





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...