षडयंत्र रचकर धोखा हो रहा सेब बागवानों के साथ-दीपक शर्मा बोले- किसान विरोधी काले कानूनों का कुप्रभाव दिखने लगा है

Deepak sharma
सेब कार्टन महंगा,मजदूरी,पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है।ऐसे में सेब की सही कीमत मिलनी आवश्यक है लेकिन सेब बागवान आर्थिक संकट में घिर गया है। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मंडियों में खरीद के बड़े व्यापारियों ने विसात बिछा दी है

धर्मशाला  । सेब बागवानों की कमाई 70 प्रतिशत तक कम हो गई है। एक सोचे समझे षड्यंत्र के तहत अडानी,लदानी मिल कर बागवानों को लूट रहे हैं।यह एक बड़ी साजिश है।यह आरोप प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता दीपक शर्मा ने आज सेब खरीद कर रहे बड़े आढ़तियों पर लगाए।

 

 

इसे भी पढ़ें: मुख्य सचिव राम सुभग सिंह ने प्रदेश में स्वर्ण जयंती समारोह तैयारियों की समीक्षा की

 

 उन्होंने कहा कि सेब कार्टन महंगा,मजदूरी,पेट्रोल-डीजल महंगा हो गया है।ऐसे में सेब की सही कीमत मिलनी आवश्यक है लेकिन सेब बागवान आर्थिक संकट में घिर गया है।कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि मंडियों में खरीद के बड़े व्यापारियों ने विसात बिछा दी है जिसके चलते बागवानों को कम कीमत दी जा रही है। यही नहीं अब भी बोली तौलिए के नीचे लगा कर बागवानों का शोषण हो रहा है।

उन्होंने कहा कि बागवानों को कम कीमत देने के चक्कर में खरीददार नहीं मिलने का ड्रामा किया जा रहा है।दीपक शर्मा ने कहा कि आढ़ती के रूप में अडानी जैसे बड़े खरीददारों ने सारा खेल रचा है।यह मोदी सरकार के किसान विरोधी तीन काले कानूनों का कुप्रभाव है जो दिखाई देने लगा है ।दीपक शर्मा ने कहा कि करोना संकट के चलते पहले ही सेब बागवान भारी आर्थिक संकट में है ऐसे में सेब सीज़न के ज़ोर पकड़ने से पहले ही खरीददार न मिलने की प्रायोजित कमी दर्शाई जा रही है ताकि बागवानों को मजबूरी में कम मूल्य पर अपना उत्पाद बेचने पर मजबूर होना पड़े।

दीपक शर्मा ने आरोप लगाया कि इस षडयंत्र में सरकार की भी मौन स्वीकृति है।तभी तो बागवानी मंत्री और मुख्यमंत्री अलग अलग भाषा बोल रहे हैं।उन्होंने कहा कि यह षड्यंत्र बिना सरकारी षड्यंत्र के सम्भव नहीं है।दीपक शर्मा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सेब बागवानों की बर्तमान स्थिति को लेकर चिंतित है।अगर दो दिनों के भीतर सरकार ने व्यवस्था में सुधार नहीं किया तो कांग्रेस सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करने पर मजबूर होगी।

नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़