कर्नाटक के सियासी घटनाक्रम पर हंगामे के बीच कांग्रेस ने सदन से किया वाकआउट

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Jul 10 2019 1:42PM
कर्नाटक के सियासी घटनाक्रम पर हंगामे के बीच कांग्रेस ने सदन से किया वाकआउट
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शून्यकाल शुरू होने पर कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी इस विषय को उठाना चाहते थे। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि उन्हें बाद में मौका दिया जायेगा। चौधरी ने कहा कि कर्नाटक में मौजूदा सरकार को ‘‘गिराने की साजिश’’ की जा रही है। इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गिराने के लिये विधायकों की खरीद फरोख्त की जा रही है।

नयी दिल्ली। लोकसभा में कांग्रेस ने बुधवार को लगातार तीसरे दिन कर्नाटक के सियासी घटनाक्रम का मुद्दा उठाया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर कर्नाटक में जद(एस)..कांग्रेस गठबंधन सरकार को सत्ता से हटाने की ‘‘साजिश रचने’’ तथा महाराष्ट्र में ‘‘मार्शल लॉ’’ लागू होने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कर्नाटक के सिंचाई मंत्री डी के शिवकुमार को मुम्बई में असंतुष्ट विधायकों से मिलने से रोके जाने एवं विधायकों की खरीद फरोख्त करने का आरोप लगाया। इस मामले मेंसरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस, राकांपा सहित विपक्षी दलों ने सदन से वाकआउट किया। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कांग्रेस अपने विधायकों को साथ रखने में विफल रहने के कारण ऐसे आरोप लगा रही है। 

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उन्होंने कहा कि कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले विधायकों ने डी के शिवकुमार से खतरा होने के बारे में मुम्बई के पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा था और इस शिकायत के आधार पर इन विधायकों को पुलिस सुरक्षा प्रदान कर रही है। जोशी ने कहा कि मुम्बई में जिन विधायकों के होटल में रूकने की बात की गई है, वे कांग्रेस से विधायक हैं। उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दिया है। उन्होंने मुम्बई के पुलिस आयुक्त को पत्र लिखा कि उन्हें डी के शिवकुमार से खतरा है। ऐसे में पुलिस उन्हें सुरक्षा प्रदान कर रही है तो क्या गलत है। उन्होंने कहा कि जहां तक विधायकों के इस्तीफे की बात है, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहले ही कह चुके हैं कि राहुल गांधी ने इस्तीफे का जो सिलसिला शुरू किया, उसी कड़ी में इन विधायकों ने इस्तीफा दिया है। 
इससे पहले, शून्यकाल शुरू होने पर कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी इस विषय को उठाना चाहते थे। इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि उन्हें बाद में मौका दिया जायेगा। चौधरी ने कहा कि कर्नाटक में मौजूदा सरकार को ‘‘गिराने की साजिश’’ की जा रही है। इसमें कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गिराने के लिये विधायकों की खरीद फरोख्त की जा रही है। महाराष्ट्र में तो ‘‘मार्शल लॉ’’ लागू हो गया लगता है। कर्नाटक के सिंचाई मंत्री मुम्बई के होटल में विधायकों से मिलना चाहते थे लेकिन पुलिस ने उनकी गाड़ी को रोक दिया, होटल में उनकी बुकिंग रद्द कर दी गई। लोकसभा में कांग्रेस के नेता ने कहा ‘‘ हमारे एमएलए को ले गए हैं, चुने हुए प्रतिनिधियों की खरीद फरोख्त का प्रयास किया जा रहा है। हिन्दुस्तान के लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। ’’इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि रोज रोज एक ही विषय को उठाना ठीक नहीं है। ‘‘यह सदन आपका है।इसे भी पढ़ें: हमने मेक-इन-इंडिया के तहत पर्याप्त स्टार्टअप को बढ़ावा दिया है: राज्यवर्धन राठौर
इसके बाद कांग्रेस सदस्य आने स्थान से नारेबाजी करने लगे। वे ‘वी वांट जस्टिस’ (हमें न्याय चाहिए) के नारे लगा रहे थे। कुछ देर बाद कांग्रेस सदस्य अध्यक्ष के आसन के समीप आकर नारेबाजी करने लगे। कांग्रेस सदस्य सोमवार से ही संसद में कर्नाटक में विधायकों के इस्तीफे के करण बनी राजनीतिक अस्थिरता का मुद्दा उठा रहे हैं और भाजपा नीत केंद्र सरकार पर विपक्षी पार्टी के सदस्यों को प्रलोभन देकर दल बदल कराने का आरोप लगा रहे हैं। मंगलवार को भी संसद के दोनों सदनों में यह मुद्दा छाया रहा । विपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा में प्रश्नकाल और शून्यकाल नहीं चल पाया और भोजनावकाश के बाद उच्च सदन को दिनभर के लिये स्थगित करना पड़ा। कर्नाटक में चल रहे राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक बुधवार को भी बाधित रही और कार्यवाही एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
 


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