कोरोना पर नियंत्रण पहली प्राथमिकता, जीत का जश्न ना मनाए कार्यकर्ता: ममता बनर्जी

कोरोना पर नियंत्रण पहली प्राथमिकता, जीत का जश्न ना मनाए कार्यकर्ता: ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने दावा किया कि खेला होबे नारे का फायदा हुआ। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अभी जीत मनाने का वक्त नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी पहली प्राथमिकता कोरोना वायरस पर नियंत्रण करने का है।

पश्चिम बंगाल में एकतरफा जीत के बाद ममता बनर्जी ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बंगाल ने देश को बचा लिया है। उन्होंने कहा कि यह बंगाल के जीत है। जीत के लिए सभी को बधाई। ममता बनर्जी ने दावा किया कि खेला होबे नारे का फायदा हुआ। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि अभी जीत मनाने का वक्त नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी पहली प्राथमिकता कोरोना वायरस पर नियंत्रण करने का है।

ममता ने आज भी आरोप लगाया कि केंद्र की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा था। मुझे 221 सीटों पर जीत का भरोसा था। उन्होंने कहा कि लोगों को मुफ्त में वैक्सीन दें केंद्र सरकार। ममता ने कहा कि चुनाव आयोग से हमें कोई सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे विजय जुलूस ना निकाले। बीजेपी चुनाव हार गई है। उन्होंने गंदी राजनीति की। हमने चुनाव आयोग के आतंक का सामना किया। 

करीब दो महीने बाद खड़े होकर बनर्जी ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘यह बंगाल के लोगों, लोकतंत्र की जीत है। बंगाल ने आज भारत को बचा लिया है। कई विषमताओं-केंद्र, उसके तंत्र और उसकी एजेंसियों के खिलाफ लड़ते हुए यह जबरदस्त जीत मिली है। इस जीत ने मानवता को बचा लिया है।’’ बनर्जी ने कहा, ‘‘मैं अब ठीक हो रही हूं। कुछ दिन पहले मैंने आपको बताया था कि मैं ठीक हो गयी हूं और प्लास्टर हटवाऊंगी।’’ नंदीग्राम में 10 मार्च को बनर्जी को चोट लग गई थी जिसके बाद उन्होंने व्हीलचेयर पर बैठकर चुनाव प्रचार में हिस्सा लिया। अपने चुनावी वादे को दोहराते हुए बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के लोगों को नि:शुल्क टीके मुहैया कराएगी। 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं केंद्र से सभी भारतीय नागरिकों को टीका देने का अनुरोध करती हूं। देश के 140 करोड़ लोगों को टीका देने के लिए 30,000 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अगर केंद्र ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया तो मैं यहां महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने धरना दूंगी।’’ मुख्यमंत्री ने निर्वाचन आयोग पर भी हमला करते हुए कहा कि उनकी पार्टी से गलत व्यवहार किया गया। बनर्जी ने कहा, ‘‘मैंने 2021 में 221 (सीटों) का लक्ष्य बनाया था। हम इस आंकड़े के पास पहुंच गए और मैं बंगाल के लोगों का शुक्रिया अदा करती हूं।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि नंदीग्राम में कुछ ‘‘गड़बड़ी’’ हुई है और वह इसके खिलाफ अदालत का रुख करेंगी। बनर्जी ने कहा, ‘‘बंगाल में हमें इतनी बड़ी जीत मिली है लेकिन मैं नंदीग्राम के लोगों के फैसले को स्वीकार करती हूं। नंदीग्राम के लोगों को फैसला करने दें। जो भी फैसला है, मैं इसे स्वीकार करती है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मुझे लगता है कि मेरी जीत की खबर आने के बाद कुछ गड़गड़ी हुई है। इसके बाद सुनने में आया कि परिणाम बदल गया। मैं इस मुद्दे पर अदालत जाऊंगी। 





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