सरकार फैसला करे तो कोरोना के टीके को आपात मंजूरी देने पर किया जा सकता विचार: ICMR

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अगस्त 19, 2020   22:34
सरकार फैसला करे तो कोरोना के टीके को आपात मंजूरी देने पर किया जा सकता विचार: ICMR

आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति के सदस्यों को सूचित किया कि भारत बायोटेक, कैडिला और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा विकसित टीके परीक्षण के विभिन्न स्तर पर हैं।

नयी दिल्ली। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के एक शीर्ष अधिकारी ने बुधवार को एक संसदीय समिति से कहा कि देश में विकसित किये जा रहे कोविड-19 रोधी दो टीकों के दूसरे चरण का क्लीनिकल परीक्षण लगभग पूरा हो गया है और केंद्र सरकार के फैसला करने पर किसी टीके को आपात मंजूरी देने पर विचार किया जा सकता है। आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने गृह मामलों की संसदीय स्थायी समिति के सदस्यों को सूचित किया कि भारत बायोटेक, कैडिला और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा विकसित टीके परीक्षण के विभिन्न स्तर पर हैं। बैठक में मौजूद एक सांसद ने यह जानकारी दी। भारत बायोटेक और कैडिला द्वारा विकसित किये जा रहे टीकों का दूसरे चरण का परीक्षण लगभग पूरा होने वाला है। 

इसे भी पढ़ें: रूस ने विकसित किया दुनिया का पहला कोरोना टीका, अमेरिका को संदेह 

सांसद ने बताया कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा विकसित टीके के विकास का काम सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया संभाल रही है और इस हफ्ते के अंत में इसका दूसरे चरण के दूसरे हिस्से का परीक्षण शुरू हो जाएगा। इसके लिए देशभर के 17 केंद्रों में 1,700 मरीजों को चिह्नित किया गया है। बैठक में शामिल हुए सांसदों के अनुसार जब भार्गव से पूछा गया कि लोगों को कितने समय तक महामारी के साथ रहना होगा तो उन्होंने जवाब दिया कि सामान्यत: अंतिम परीक्षण में छह से नौ महीने लगते हैं लेकिन अगर सरकार फैसला करे तो आपात स्थिति में स्वीकृति प्रदान करने पर विचार किया जा सकता है।

अमेरिका में कोरोना वायरस का तेजी से पता लगाने के लिए एफडीए द्वारा स्वीकृत सलाइवा जांच के बारे में समिति के सवालों के जवाब में भार्गव ने कहा कि गरारे के पानी से लार के नमूने लेने पर पहले ही विचार चल रहा है और जल्द ही आगे का ब्योरा साझा किया जाएगा। बैठक में भाग लेने वाले एक अन्य सांसद ने यह जानकारी दी। संसदीय समिति में सभी दलों के सदस्यों ने महामारी से निपटने में विशेष रूप से आईसीएमआर की भूमिका और सामान्य रूप से पूरे चिकित्सा समुदाय की भूमिका की सराहना की। 

इसे भी पढ़ें: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा- रूसी टीका उन्नत परीक्षण चरणों में नहीं 

बैठक की अध्यक्षता समिति के प्रमुख, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य आनंद शर्मा ने की। बैठक चार घंटे से अधिक समय तक चली और इसमें महामारी से निपटने के अनेक पहलुओं पर चर्चा हुई। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग मंत्रालय के सचिव अरविंद कुमार शर्मा भी समिति के समक्ष उपस्थित हुए और उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र पर महामारी के प्रभाव के बारे में जानकारी दी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...