AAP विधायक प्रकाश जरवाल की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मई 27, 2020   18:45
AAP विधायक प्रकाश जरवाल की जमानत याचिका पर फैसला सुरक्षित

दक्षिण दिल्ली के दुर्गाविहार इलाके में राजेंद्र सिंह (52) ने 18 अप्रैल को कथित तौर पर खुदकुशी कर ली थी। अपने सुसाइड नोट में डॉक्टर ने मौत के लिये जरवाल को जिम्मेदार ठहराया था।

नयी दिल्ली। दक्षिण दिल्ली में पिछले महीने एक डॉक्टर की कथित खुदकुशी के सिलसिले में गिरफ्तार आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक प्रकाश जरवाल की जमानत याचिका पर दिल्ली की एक अदालत बृहस्पतिवार को फैसला सुनाएगी। दक्षिण दिल्ली के दुर्गाविहार इलाके में राजेंद्र सिंह (52) ने 18 अप्रैल को कथित तौर पर खुदकुशी कर ली थी। अपने सुसाइड नोट में डॉक्टर ने मौत के लिये जरवाल को जिम्मेदार ठहराया था। जरवाल की तरह ही सिंह भी दिल्ली जल बोर्ड के साथ 2007 से पानी की आपूर्ति के कारोबार में शामिल थे और पुलिस का आरोप है कि विधायक और उनके सहयोगी डॉक्टर समेत अन्य पानी टैंकर मालिकों से रुपये वसूलते थे। देवली विधानसभा का प्रतिनिधित्व करने वाले जरवाल को नौ मई को अवैध वसूली और खुदकुशी के लिये उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस ने डॉक्टर के बेटे हेमंत की शिकायत पर यह कार्रवाई की थी। इस मामले में जरवाल का करीबी सहयोगी कपिल नागर सह-आरोपी है। 

इसे भी पढ़ें: चिकित्सक आत्महत्या मामले में AAP विधायक प्रकाश जरवाल गिरफ्तार 

विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहार ने बुधवार को जरवाल की जमानत याचिका पर दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा। यह सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिये हुई। विधायक के वकील रवि ड्राल ने अदालत को बताया कि सुसाइड नोट की लिखावट अलग है और जरवाल के नाम पर कोई अवैध संपत्ति नहीं पाई गई है। उन्होंने कहा, “मरने वाला टैंकर माफिया था और एक टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन के बाद उसे काली सूची में डाल दिया गया था। आरोपी एक मौजूदा विधायक है और उसके फरार हो जाने की कोई आशंका नहीं है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।