CUET UG : क्या है राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी का ‘सामान्यीकृत स्कोर’

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विभिन्न विषयों के लिये सीयूईटी-यूजी 2022 अलग अलग पालियों में आयोजित की गई। चूंकि अलग अलग पालियों में प्रश्न पत्र भिन्न होते हैं, ऐसे में काफी प्रयास किये जाने के बावजूद हो सकता है कि विभिन्न प्रश्न पत्रों में समानता का स्तर बनाने में कठिनाई आए।

नयी दिल्ली। देशभर के केंद्रीय विश्वविद्यालय दाखिले के लिये सीयूईटी-यूजी स्कोर कार्ड के आधार पर मेधा सूची तैयार करेंगे लेकिन यह मेधा सूची पर्सेंटाइल या मूल अंकों के जरिये नहीं बल्कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के ‘सामान्यीकृत स्कोर’ का उपयोग करके किया जायेगा। इस सामान्यीकृत प्रक्रिया के बारे में सवालों को लेकर कुछ जानकारी यहां उपलब्ध है। 

प्रश्न 1 : सामान्यीकृत पद्धति क्या है ? 

उत्तर : विभिन्न विषयों के लिये सीयूईटी-यूजी 2022 अलग अलग पालियों में आयोजित की गई। चूंकि अलग अलग पालियों में प्रश्न पत्र भिन्न होते हैं, ऐसे में काफी प्रयास किये जाने के बावजूद हो सकता है कि विभिन्न प्रश्न पत्रों में समानता का स्तर बनाने में कठिनाई आए। ऐसा भी संभव है कि कुछ छात्रों ने कठिन प्रश्नों के सेट को हल किया हो जबकि कुछ ने अन्य सेट में हाथ आजमाया हो। जिन छात्रों ने कठिन प्रश्नों के सेट हल किये हों, उन्हें आसान सेट हल करने वाले उम्मीदवारों की तुलना में कम अंक मिलने की संभावना रहती है। ऐसे में विभिन्न पालियों में स्कोर को सामान्यीकृत करने की जरूरत होती है। 

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प्रश्न 2 : सामान्यीकृत पद्धति कैसे निर्धारित की गई ?

 उत्तर :भारतीय सांख्यिकी संस्थान, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली और दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों की एक समिति द्वारा ‘इक्वीपर्सेंटाइल पद्धति’ का इस्तेमाल करते हुए स्कोर को सामान्य बनाने का फॉर्मूला तय किया गया है।

प्रश्न 3 : रैंक निर्धारित करने में पर्सेंटाइल का उपयोग क्यों नहीं किया जा सकता है ? 

उत्तर : सीयूईटी-यूजी जैसी प्रवेश परीक्षाओं में एक विषय के लिये अलग अलग दिनों में और कई सत्रों में परीक्षाएं होती है, इससे प्रत्येक समूह के छात्रों के लिये कई पर्सेंटाइल तैयार हो जाते हैं। ऐसी परीक्षाओं के लिये पर्सेंटाइल का उपयोग करने से जुड़ी एक अन्य समस्या यह है कि खेल और ललित कलाओं जैसे विषयों में कुछ विश्वविद्यालय कौशल को महत्व देते हैं। लेकिन रैंक तैयार करने में कौशल से जुड़े आयाम को मूल अंक से जोड़ने तथा शेष के लिये पर्सेंटाइल को महत्व नहीं दिया जा सकता है। 

प्रश्न 4 : सम प्रतिशतता या इक्वीपर्सेंटाइल पद्धति क्या है ? 

उत्तर : राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने सभी छात्रों के लिये समान स्तर या स्केल का उपयोग किया है, चाहे उन्होंने किसी भी पाली में परीक्षा क्यों न दी हो। बड़ी संख्या में उम्मीदवारों, उनकी अलग-अलग तारीखों, पालियों, और चुने गए विषयों के लिए स्कोर जारी करने में सम-प्रतिशतता (इक्वीपर्सेटाइल) पद्धति को आधार बनाया जाता है। विभिन्न विषयों, तारीखों और पालियों में आयोजित सीयूईटी-यूजी 2022 के हर विषय समूह के लिए छात्रों का सामान्यीकृत स्कोर तैयार करने की बात कही गई है। सभी उम्मीदवार के सही मूल्यांकन के लिए इसी आधार को अपनाया जायेगा, फिर चाहे वे उस विषय समूह के लिए किसी भी तारीख या पाली में, परीक्षा में सम्मिलित हुए हों। 

प्रश्न 5 : एनटीए द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं में सामान्यीकृत पद्धति का उपयोग क्यों नहीं किया जा सकता है ? 

उत्तर : सीयूईटी-यूजी के विपरीत अन्य प्रवेश परीक्षाओं में सीमित संख्या में विषय होते हैं। एक सत्र में होने वाली प्रवेश परीक्षा में सांख्यिकी आधारित एक साझा पद्धति से पर्सेंटाइल प्रक्रिया का उपयोग कर अंकों को सामान्य एकरूप स्केल में बदला जाता है ताकि छात्रों के प्रदर्शन की एक दूसरे से तुलना की जा सके।

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