Cyclone Jawad | चक्रवात को लेकर तीन राज्यों में हाई अलर्ट, भयंकर तबाही मचाने की संभवना, भारी बारिश शुरू

Cyclone Jawad | चक्रवात को लेकर तीन राज्यों में हाई अलर्ट, भयंकर तबाही मचाने की संभवना, भारी बारिश शुरू

चक्रवात का नाम जवाद सऊदी अरब ने प्रस्तावित किया है। आईएमडी ने बताया कि 30 नवंबर को अंडमान सागर के ऊपर हवा का कम दबाव का एक क्षेत्र बना था। यह दो दिसंबर को अवदाब में और शुक्रवार सुबह एक गहरे अवदाब में बदल गया। आईएमडी ने बताया कि यह शुक्रवार को दोपहर तक चक्रवात में तब्दील हो गया।

चक्रवात जवाद का असर शनिवार सुबह ओडिशा में महसूस किया जा सकता है क्योंकि राजधानी भुवनेश्वर सहित राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश शुरू हो गई है। चक्रवात के चलते शनिवार को राज्य के 19 जिलों के स्कूल बंद रहे। भारतीय मौसम विभाग ने कहा कि हवा की गति 70-80 किमी प्रति घंटे से लेकर 90 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी और रविवार तक राज्य के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इसके अतिरिक्त, आईएमडी ने कहा कि वह जवाद को 'गंभीर चक्रवाती तूफान' में अपग्रेड नहीं करेगा, यह 'चक्रवाती तूफान' बना रहेगा।

रविवार को ओडिशा पहुंचेगा चक्रवात जवाद

बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा अवदाब चक्रवात ‘जवाद’ में तब्दील हो गया है और इसके रविवार को ओडिशा में पुरी के पास पहुंचने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। मौसम विभाग ने कहा है कि चक्रवात से जो इलाके सर्वाधिक प्रभावित होंगे, उनमें उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम, विजयनगरम और विशाखापत्तनम जिले तथा ओडिशा के गजपति, गंजाम, पुरी, नयागढ़, खुर्दा, कटक, जगतसिंहपुर और केंद्रपाड़ा जिले शामिल हैं। आईएमडी के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि चक्रवात के शनिवार को सुबह उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा तट के पास पश्चिमी-मध्य बंगाल की खाड़ी पहुंचने की संभावना है। इसके बाद यह ओडिशा और निकटवर्ती आंध्र प्रदेश के तट के पास उत्तर-पूर्वोत्तर की ओर बढ़ेगा और पांच दिसंबर को दोपहर तक पुरी के आसपास के तट पर पहुंचेगा। 

ओडिशा में भारी बारिश 

चक्रवात का नाम जवाद सऊदी अरब ने प्रस्तावित किया है। आईएमडी के महानिदेशक ने बताया कि 30 नवंबर को अंडमान सागर के ऊपर हवा का कम दबाव का एक क्षेत्र बना था। यह दो दिसंबर को अवदाब में और शुक्रवार सुबह एक गहरे अवदाब में बदल गया। आईएमडी ने बताया कि यह शुक्रवार को दोपहर तक चक्रवात में तब्दील हो गया। उन्होंने बताया कि चक्रवात से उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और इससे लगे दक्षिणी तटीय ओडिशा में शुक्रवार की शाम तक बहुत भारी वर्षा शुरू होने की संभावना है तथा शनिवार को बारिश की तीव्रता बढ़ने के आसार हैं। आईएमडी ने शनिवार और रविवार को पश्चिम बंगाल में छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने तथा रविवार और सोमवार को असम, मेघालय व त्रिपुरा में छिटपुट स्थानों पर भारी बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है।

मछुआरों के लिए समुद्री मौसम असुरक्षित 

शुक्रवार से रविवार तक मध्य एवं उत्तर बंगाल की खाड़ी में मछुआरों के लिए समुद्री मौसम असुरक्षित रहेगा। मौसम विभाग ने कहा कि 65 किमी प्रति घंटा की गति से उत्तरी आंध्र प्रदेश तट और ओडिशा तट पर शनिवार की शाम से अगले 12 घंटे तक तेज हवाएं चल सकती हैं। महापात्र ने बताया कि चक्रवाती तूफान अस्थायी अवधि के लिए समुद्र में बड़े तूफान में तब्दील हो जाएगा तथा 110 किमी प्रति घंटा की गति से हवाएं चलेंगी। पश्चिम बंगाल के तट पर शुक्रवार की शाम से 65 किमी प्रति घंटा की गति से हवाएं चलने की संभावना है।

एनडीआरएफ ने तैनात की टीम

हवा की गति रविवारको सुबह से अगले 12 घंटों तक 80 किमी प्रति घंटा हो सकती है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के अधिकारियों ने चक्रवाती तूफान से पैदा होने वाली स्थिति से निपटने के लिए 64 टीम दी है। एनडीआरएफ के महानिदेशक अतुल करवाल ने संवाददाताओं को बताया कि 46 टीम राज्य में जोखिम वाले इलाकों में तैनात कर दी गईहै या वहां तैयार रखी गई हैं , जबकि18 टीम को रिजर्व रखा गया है। कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने भी चक्रवात से निपटने के लिए राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों तथा एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा को लेकर राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति की दूसरी बैठक की अध्यक्षता की। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, बंगाल और अंडमान निकोबार द्वीप समूहों के मुख्य सचिवों व वरिष्ठ अधिकारियों ने समिति को समुद्र से मछुआरों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की कोशिशों से अवगत कराया। एक बयान में बताया गया है कि चक्रवात राहत शिविर बनाये गये हैं तथा निचले इलाकों से लोगों को हटाया जा रहा है।

ओडिशा, आंध्र प्रदेश, बंगाल चक्रवात ‘जवाद’ को लेकर तैयार

चक्रवाती तूफान ‘जवाद’ के शुक्रवार को ओडिशा-आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने और ओडिशा के पुरी जिले में इसके पहुंचने से पहले राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अपनी 64 टीम तैयार रखी है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। चक्रवात से पश्चिम बंगाल के भी प्रभावित होने कीसंभावना है। ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त पी. के. जेना ने बताया कि चक्रवाती तूफान के बंगाल की खाड़ी से बाहर जाने से पहले ओडिशा के पुरी जिले में किसी स्थान पर पहुंचने की संभावना है। उन्होंने भुवनेश्वर में संवाददाताओं से कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा बताये गये चक्रवात के संभावित मार्ग के मुताबिक यह पुरी तट पर दस्तक दे सकता है और समुद्र में लौट सकता है।उन्होंने बताया कि चक्रवात के जिले में पहुंचने के साथ 80 से 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। उन्होंने बताया कि चक्रवात के ओडिशा तट को छूने के बाद रफ्तार में क्रमिक रूप से कमी आ सकती है। उन्होंने कहा, ‘‘इस बात की भी संभावना है कि चक्रवात अपना रास्ता बदल ले और ओडिशा में नहीं पहुंचे। यह महज तट रेखा के ऊपर से गुजर सकता है और पुरी इसके घर्षण प्रभाव का सामना कर सकता है। ’’

चक्रवात ‘जवाद’ के कारण यूजीसी-नेट और आईआईएफटी की परीक्षा टली

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग - राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (यूजीसी-नेट) और भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी) की रविवार को होने वाली प्रवेश परीक्षा, चक्रवात ‘जवाद’ के कारण ओडिशा, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुछ केंद्रों में स्थगित कर दी गई है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने शुक्रवार को एक नोटिस में कहा कि यूजीसी-नेट 2020, जून 2021 का परीक्षा कार्यक्रम आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम, ओडिशा के पुरी, भुवनेश्वर, कटक, गंजम जिले के बरहामपुर और रायगढ़ जिले के गुनुपुर केंद्रों के लिए पुनर्निर्धारित किया गया है। एनटीए ने कहा कि आईआईएफटी के एमबीए (इंटरनेशनल बिजनेस) पाठ्यक्रम की प्रवेश परीक्षा पश्चिम बंगाल के कोलकाता और दुर्गापुर; ओडिशा में भुवनेश्वर, कटक और संबलपुर; और आंध्र प्रदेश में विजयवाड़ा तथा विशाखापत्तनम केंद्रों पर स्थगित कर दी गई है। एजेंसी ने कहा कि जिन उम्मीदवारों की परीक्षा उक्त शहरों के परीक्षा केंद्रों में होनी थी, ऐसे उम्मीदवारों के लिए परीक्षा की तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी।

कैबिनेट सचिव ने चक्रवात ‘जवाद’ के लेकर दिए आदेश

कैबिनेट सचिव राजीव गौबा ने बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात ‘जवाद’ से निपटने की तैयारियों की शुक्रवार को समीक्षा की और सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे यह सुनिश्चित करें कि जनहानि न हो तथा संपत्ति को न्यूनतम क्षति हो। चक्रवात, शनिवार सुबह तक उत्तर आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तट पर पहुंच सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, इसके पांच दिसंबर मध्याह्न तक पुरी पहुंचने की संभावना है। आंध्र और ओडिशा के अलावा पश्चिम बंगाल भी ‘जवाद’ की चपेट में आ सकता है और तटीय इलाकों में भारी बारिश होने के आसार हैं। गौबा की अध्यक्षता में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) की बैठक के बाद सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों की तैयारी की समीक्षा करने के बाद कैबिनेट सचिव ने कहा कि सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जाना चाहिए ताकि जनहानि न हो और संपत्ति को न्यूनतम क्षति हो।” बयान में कहा गया, “कैबिनेट सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि समुद्र में गए सभी मछुआरों और नौकाओं की जानकारी संबंधित राज्यों के पास होनी चाहिए और उन्हें भारतीय तटरक्षक और अन्य केंद्रीय एजेंसियों द्वारा सहायता दी जाएगी।





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