पर्वतीय क्षेत्रों के लिए स्वायत्तता की मांग संबंधी प्रदर्शन तेज , मणिपुर में राजमार्ग जाम

Manipur img
Google Creative Commons
पर्वतीय जिलों को अधिक स्वायत्तता दिए जाने की मांग को लेकर अपना प्रदर्शन तेज करते हुए ऑल ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन मणिपुर (एटीएसयूएम) ने शुक्रवार को दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों पर आर्थिक नाकेबंदी शुरू की। इससे असम से आपूर्ति पर असर पड़ा।
इंफाल, 6 अगस्त।  पर्वतीय जिलों को अधिक स्वायत्तता दिए जाने की मांग को लेकर अपना प्रदर्शन तेज करते हुए ऑल ट्राइबल स्टूडेंट यूनियन मणिपुर (एटीएसयूएम) ने शुक्रवार को दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों पर आर्थिक नाकेबंदी शुरू की। इससे असम से आपूर्ति पर असर पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा सड़क जाम करने से असम से आ रहे कई ट्रक इम्फाल-दीमापुर राजमार्ग (एनएच2) और इंफाल-जिरिबाम राजमार्ग (एनएच 39) पर फंस गये। एटीएसयूएम पहाड़ी क्षेत्र को और वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वायत्तता देने के लिए विधानसभा के मानसून सत्र में मणिपुर (पर्वतीय क्षेत्र) स्वायत्त जिला परिषद (संशोधन) विधेयक, 2021 पेश करने की मांग कर रहा था ताकि पर्वतीय क्षेत्र का राज्य के घाटी वाले इलाकों के समतुल्य विकास सुनिश्चित हो सके। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह की अगुवाई वाली भाजपा सरकार ने मंगलवार को मणिपुर (पर्वतीय क्षेत्र) जिला परिषद छठे एवं सातवें संशोधन विधेयक पेश किये थे। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि ये विधेयक उनकी मांगों के अनुरूप नहीं हैं। बिना किसी घोषणा के नये संशोधन पेश किये जाने के बाद मंगलवार से एटीएसयूएम ने आदिवासी बहुल कांगपोकपी एवं सेनपति में पूर्ण बंद कर रखा है।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़