शीला दीक्षित को लेकर दिल्ली कांग्रेस में अंदरूनी कलह, प्रदेश प्रमुख पद से हटाने की मांग

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Jun 18 2019 8:57AM
शीला दीक्षित को लेकर दिल्ली कांग्रेस में अंदरूनी कलह, प्रदेश प्रमुख पद से हटाने की मांग
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लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर दीक्षित और चाको में गंभीर मतभेद थे। दीक्षित गठबंधन के खिलाफ थीं तो चाको चाहते थे कि गठजोड़ हो जाए।

नयी दिल्ली। कांग्रेस में अंदरूनी कलह सोमवार को तब सामने आ गई जब एक वरिष्ठ नेता ने दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित को राष्ट्रीय राजधानी में पार्टी की करारी शिकस्त की वजह से पद से हटाने की मांग की। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को लिखी चिट्ठी में दिल्ली मेट्रोपोलिटन काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष पुरुषोत्तम गोयल ने दीक्षित को हटाने की मांग की तथा अगले साल शुरू में होने वाले विधानसभा चुनाव ‘किसी नए चेहरे’ के साथ लड़ने का सुझाव दिया। यह काउंसिल अब अस्तित्व में नहीं है।

 
गोयल के पत्र से पहले, कांग्रेस नेता रोहित मनचन्दा ने दिल्ली इकाई के एआईसीसी प्रभारीपीसी चाको को बदलने की मांग की थी। दीक्षित ने कहा, ‘‘ठीक है। यह उनकी राय है।’’ गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव से पहले दिल्ली में आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन को लेकर दीक्षित और चाको में गंभीर मतभेद थे। दीक्षित गठबंधन के खिलाफ थीं तो चाको चाहते थे कि गठजोड़ हो जाए। आखिरकार दोनों पार्टियों ने अलग अलग चुनाव लड़ा।


गोयल ने कहा, ‘‘ दीक्षित तीन लाख से ज्यादा वोटों से चुनाव हारी हैं। इस बार वह पार्टी की हार की जिम्मेदारी से बच नहीं सकती हैं। वह अपनी उम्र की वजह से जमीन पर सक्रिय नहीं हो सकीं और पार्टी का नेतृत्व नहीं कर सकीं। वह विधानसभा चुनावों में एक आपदा साबित होंगी।’’ पत्र में गोयल ने कहा कि दिल्ली कांग्रेस को कपिल सिब्बल या योगानंद शास्त्री को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाकर विधानसभा चुनाव लड़ना चाहिए।

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