लोकतांत्रिक देशों को इंटरनेट को सुरक्षित, जवाबदेह बनाने के बारे में सोचने की जरूरत:चंद्रशेखर

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 27, 2021   20:07
लोकतांत्रिक देशों को इंटरनेट को सुरक्षित, जवाबदेह बनाने के बारे में सोचने की जरूरत:चंद्रशेखर

चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘इंटरनेट और साइबर क्षेत्र के आकार को देखते हुए, जिसकी कोई सीमा नहीं है, उसे सहयोग की जरूरत है। दुनिया को इसके बारे में सोचने की जरूरत है, खासकर लोकतांत्रिक देशों और समाज को।’’

नयी दिल्ली|  इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने शनिवार को कहा कि लोकतांत्रिक देशों को इंटरनेट को लेकर सुरक्षा, विश्वास और जवाबदेही तय करने के बारे में सोचने की जरूरत है, क्योंकि इंटरनेट की कोई सीमा नहीं है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय इंटरनेट एक्सचेंज (एनआईएक्सआई) द्वारा आयोजित पहले भारत इंटरनेट गवर्नेंस फोरम (आईआईजीएफ) को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि भारत 80 करोड़ इंटरनेट उपयोगकर्ताओं के साथ दुनिया में इंटरनेट इस्तेमाल के मामले में सबसे बड़े देशों में से एक है।

इसे भी पढ़ें: भारत-ब्रिटेन साइबर डोमेन में सहयोग मजबूत करने पर राजी हुए

उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे बड़े ग्रामीण ब्रॉडबैंड कार्यक्रम के साथ भारत में जल्द ही इंटरनेट पर एक अरब से अधिक लोग होंगे।

चंद्रशेखर ने कहा, ‘‘इंटरनेट और साइबर क्षेत्र के आकार को देखते हुए, जिसकी कोई सीमा नहीं है, उसे सहयोग की जरूरत है। दुनिया को इसके बारे में सोचने की जरूरत है, खासकर लोकतांत्रिक देशों और समाज को।’’

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन प्रमुख उद्देश्यों के साथ डिजिटल इंडिया मिशन की शुरुआत की – भारतीयों के जीवन को बदलने के लिए, डिजिटल उद्यमिता के साथ आर्थिक अवसरों का विस्तार करने के लिए और इंटरनेट सहित कुछ प्रौद्योगिकियों में रणनीतिक क्षमताओं को बढ़ाने के लिए, ताकि इंटरनेट का भविष्य उन देशों द्वारा संचालित किया जा सके जहां मुक्त समाज है, जो समान लोकतांत्रिक मूल्यों को साझा करता है और नागरिक अधिकारों का सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि सरकार सभी भारतीयों को इंटरनेट से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

इसे भी पढ़ें: ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, राजस्थान से पांच गिरफ्तार

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और उच्चतम न्यायालय में वकील पवन दुग्गल ने कहा कि सरकार ने 2008 में आईटी अधिनियम में व्यापक संशोधन किया, लेकिन साथ ही इसमें सुरक्षा के भी प्रावधान किए गए थे।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

Prabhasakshi logoखबरें और भी हैं...

राष्ट्रीय

झरोखे से...