धर्मजीत सिंह ने कहा- पार्टी नेतृत्व ने मुझे मेरे 'कुकर्मों' को छिपाने के लिए निष्कासित किया

Dharamjit Singh
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सिंह ने निष्कासन पत्र में अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का खंडन किया और जेसीसी (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी पर आरोप लगाया कि जोगी ने पिछले महीने रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद फोन पर उनकी पत्नी के साथ दुर्व्यवहार किया था।

छत्तीसगढ़ में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के विधायक दल के नेता धर्मजीत सिंह ने पार्टी से निकाले जाने के एक दिन बाद सोमवार को पार्टी नेतृत्व की आलोचना की और आरोप लगाया कि उन्होंने अपने ‘कुकृत्य‘ को छिपाने के लिए उन्हें (सिंह को) हटाया है। सिंह ने निष्कासन पत्र में अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों का खंडन किया और जेसीसी (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी पर आरोप लगाया कि जोगी ने पिछले महीने रायपुर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद फोन पर उनकी पत्नी के साथ दुर्व्यवहार किया था।

जेसीसी (जे) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और विधायक रेणु जोगी ने रविवार को छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष चरण दास महंत को पत्र सौंपकर विधायक सिंह के निष्कासन की जानकारी दी थी। रेणु जोगी ने लोरमी विधानसभा क्षेत्र के विधायक सिंह के निष्कासन पत्र में सिंह पर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदायों के हितों की अनदेखी करने तथा पार्टी के संस्थापक द्वारा निर्धारित सिद्धांतों के खिलाफ कार्य करने का आरोप लगाया है। सिंह को छह वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित किया गया है।

रायपुर प्रेस क्लब में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि उनके निष्कासन पत्र में उनके खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह से झूठे हैं और पार्टी नेतृत्व ने अपने “कुकृत्य” को छिपाने के लिए उन्हें हटाने का निर्णय लिया है। उन्होंने दावा किया, ‘‘मै और पार्टी के एक अन्य विधायक प्रमोद शर्मा पिछले माह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे तब पार्टी अध्यक्ष अमित जोगी ने मेरी पत्नी से फोन पर बात करते हुए मेरे और मेरी पत्नी के खिलाफ अपशब्दों का प्रयोग किया था।’’

सिंह ने कहा, ‘‘मैं और प्रमोद समारोह में गए थे क्योंकि हमें आमंत्रित किया गया था और विभिन्न क्षेत्रों के लोग भी गृह मंत्री को सुनने के लिए वहां मौजूद थे। मैं वहां भाजपा में शामिल होने या शाह से मिलने नहीं गया था। अगर अमित जोगी को इससे कोई परेशानी होती तब उन्हें मुझे फोन करना चाहिए था... उन्होंने मेरी पत्नी को क्यों फोन किया और उनके खिलाफ अभद्र का इस्तेमाल किया। मैं राजनीति में सब कुछ बर्दाश्त कर सकता हूं लेकिन स्वाभिमान से समझौता नहीं कर सकता।

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