दिग्विजय सिंह को राजनीति से कोई अलग नहीं कर सकता: लक्ष्मण सिंह

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  नवंबर 26, 2018   20:00
दिग्विजय सिंह को राजनीति से कोई अलग नहीं कर सकता: लक्ष्मण सिंह

दिग्विजय 1993 से 2003 तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। उन्होंने कई मौकों पर कहा है कि यदि कांग्रेस इन विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करती है तो वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार नहीं होंगे।

राघोगढ़। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह का मानना है कि दिग्विजय को राजनीति से अलग नहीं किया जा सकता, क्योंकि उनकी सांसों में राजनीति है और वह राजनीति ही पीते और सोते हैं। गुना जिले की चचौड़ा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ रहे लक्ष्मण ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की योजना खुद कभी नहीं बनाई बल्कि उनके भाई राजनीति के ‘मास्टर’ हैं।

लक्ष्मण ने इंटरव्यू में कहा, ‘‘उन्होंने (दिग्विजय ने) कहा था कि (यदि कांग्रेस मध्य प्रदेश की सत्ता में आती है तो) वह मुख्यमंत्री उम्मीदवार नहीं होंगे। लेकिन वह राजनीति में बहुत सक्रिय हैं और वह राजनीति में बने रहेंगे। आप दिग्विजय सिंह को राजनीति से अलग नहीं कर सकते। कोई नहीं कर सकता। वह राजनीति में ही सांस लेते हैं, पीते हैं, खाते हैं और सोते हैं। वह इसके मास्टर हैं।’’।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि दिग्विजय सिंह की जरूरत न सिर्फ राज्य में बल्कि देश में भी है। पार्टी ने उनकी सेवाएं भी ली हैं और यदि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे कांग्रेस पार्टी के पक्ष में आए तो वे उनसे सेवाएं लेना जारी रखेंगे।

दिग्विजय 1993 से 2003 तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं। उन्होंने कई मौकों पर कहा है कि यदि कांग्रेस इन विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करती है तो वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार नहीं होंगे। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय के एक हालिया विवादित वीडियो पर लक्ष्मण ने कहा कि उन्होंने ‘मजाक’ में यह बात कही थी और वह पार्टी कार्यकर्ताओं से कह रहे थे कि चुनावों में जीत सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होकर प्रयास करें।

गौरतलब है कि दिग्विजय को एक हालिया वीडियो में यह कहते देखा गया था कि जब वह कांग्रेस के लिए प्रचार करते हैं तो पार्टी के वोट घट जाते हैं। बाद में दिग्विजय ने साफ किया था कि वीडियो ‘‘उचित तरीके से नहीं दिखाया गया’’ और इसका सिर्फ एक ही हिस्सा सोशल मीडिया पर डाला गया। यह पूछे जाने पर कि यदि कांग्रेस मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव जीतती है तो वह अपने लिए कोई भूमिका मांगेंगे, इस पर उन्होंने कहा कि वह पार्टी के समर्पित सिपाही मात्र हैं।





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