दिग्विजय सिंह की बढ़ी मुश्किलें, मानहानि मामले में गैर जमानती वारंट जारी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  फरवरी 22, 2021   20:09
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दिग्विजय सिंह की बढ़ी मुश्किलें, मानहानि मामले में गैर जमानती वारंट जारी

यह मामला उनके खिलाफ 2017 में दायर किया गया था। सांसदों/विधायकों के खिलाफ मामलों पर सुनवाई के लिये गठित विशेष अदालत ने दिग्विजय सिंह के उसके समक्ष उपस्थित होने में विफल रहने के बाद गैर जमानती वारंट जारी किया।

हैदराबाद। हैदराबाद की एक अदालत ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ मानहानि के एक मामले में उसके समक्ष उपस्थित नहीं होने को लेकर सोमवार को गैर जमानती वारंट जारी किया। यह मामला उनके खिलाफ 2017 में दायर किया गया था। सांसदों/विधायकों के खिलाफ मामलों पर सुनवाई के लिये गठित विशेष अदालत ने दिग्विजय सिंह के उसके समक्ष उपस्थित होने में विफल रहने के बाद गैर जमानती वारंट जारी किया। 

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सिंह के खिलाफ मानहानि का यह मामला एआईएमआईएम नेता एस ए हुसैन अनवर ने दायर किया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि सिंह ने यह कहकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की मानहानि की कि हैदराबाद के सांसद की पार्टी वित्तीय लाभों के लिये दूसरे राज्यों में चुनाव लड़ रही है। याचिकाकर्ता के वकील, मोहम्मद आसिफ अमजद ने कहा कि उन्होंने दिग्विजय सिंह और लेख प्रकाशित करने वाले एक उर्दू दैनिक के संपादक दोनों को कानूनी नोटिस भेजे थे और माफी मांगने को कहा था लेकिन उन दोनों ने जवाब नहीं दिया जिसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया। सुनवाई की पिछली तारीख के दौरान, अदालत ने निर्देश दिया था कि दिग्विजय सिंह और संपादक 22 फरवरी को उसके समक्ष उपस्थित हों। 

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अमजद ने बताया कि संपादक ने ऐसा किया, लेकिन सिंह अदालत में पेश नहीं हुए। अमजद ने कहा कि दिग्विजय सिंह के वकील ने एक याचिका दायर करके चिकित्सा आधार पर उपस्थिति से छूट की मांग की थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया और गैर जमानती वारंट जारी किया। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई आठ मार्च को तय की है। सिंह के वकील ने कहा कि उन्होंने कार्यवाही को रद्द करने के लिए उच्च न्यायालय के समक्ष पहले ही रोक को बढ़ाने के लिये याचिका दायर कर दी है।





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मोदी और शाह सबसे बड़े लुटेरे, परिवर्तन दिल्ली में होगा, बंगाल में नहीं: ममता

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 8, 2021   08:24
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मोदी और शाह सबसे बड़े लुटेरे, परिवर्तन दिल्ली में होगा, बंगाल में नहीं: ममता

लपीजी मूल्य में बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन मार्च के बाद यहां एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि मोदी-शाह के शासनकाल में ‘‘एक सिंडिकेट फल-फूल रहा है’’ और उनकी देखरेख में धन का हेरफेर हो रहा है।

सिलीगुड़ी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नए सिरे से मोर्चा खोलते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री अमित शाह ‘‘सबसे बड़े लुटेरे’’ हैं और जानना चाहा कि किस तरह सार्वजनिक उपक्रम के विनिवेश के माध्यम से धन जुटाया गया। एलपीजी मूल्य में बढ़ोतरी के खिलाफ प्रदर्शन मार्च के बाद यहां एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि मोदी-शाह के शासनकाल में ‘‘एक सिंडिकेट फल-फूल रहा है’’ और उनकी देखरेख में धन का हेरफेर हो रहा है। कोलकाता में एक रैली के दौरान ‘‘वास्तविक बदलाव’’ के मोदी के बयान पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘परिवर्तन दिल्ली में होगा, बंगाल में नहीं।’’ प्रधानमंत्री पर राज्य में ‘‘मतदाताओं को गुमराह करने के लिए झूठ का सहारा लेने’’ का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हर नागरिक के बैंक खाते में 15 लाख रुपये क्यों नहीं जमा किए, जैसा कि उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनावों से पहले वादा किया था।

बनर्जी ने पूछा, ‘‘रेल, एअर इंडिया और कोल इंडिया लिमिटेड को बेचकर कितना धन इकट्ठा किया गया? पूरा देश मोदी-शाह सिंडिकेट के बारे में जानता है।’’ वह भाजपा के इन आरोपों का जवाब दे रही थीं कि उनके शासन में राज्य में ‘‘कट मनी की संस्कृति’’ को संस्थागत रूप दिया गया है। टीएमसी सुप्रीमो ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में पूरी दुनिया में कमी आई है लेकिन भारत में ईंधन की कीमतें आसमान छू रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने इतने वर्षों में कई ‘‘खोखले’’ वादे किए और लोगों को अब उन पर विश्वास नहीं है। बनर्जी ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘आपने कई खोखले वादे किए हैं। लोग हमेशा आपके झूठ को स्वीकार नहीं करेंगे। हम मांग करते हैं कि आप एलपीजी सिलेंडर देश के हर नागरिक के लिए सस्ता करिए। आपने एलपीजी सिलेंडर आम आदमी की पहुंच से दूर कर दिया है।’’ ममता ने राज्य में अपनी सरकार की उपलब्धियां भी गिनाईं। टीएमसी के ‘खेला होबे’ नारे पर मोदी द्वारा कटाक्ष किए जाने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इसका मतलब है कि हम आपकी चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं। और हम हैं... चुनावों से पहले खेल होगा। मैं आमने-सामने चर्चा के लिए तैयार हूं।’’ 

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मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मोदी को ‘‘झूठ बोलने की अपनी आदत पर शर्मिंदा होना चाहिए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वह बंगला में भाषण देते हैं जबकि स्क्रिप्ट हमेशा गुजराती में लिखा होता है और उनके सामने पारदर्शी शीशे के अंदर रखा होता है। वह बहाना करते हैं कि वह अच्छी तरह बांग्ला जानते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘आपकी पार्टी ने विद्यासागर की प्रतिमा तोड़ी। आपकी पार्टी ने बिरसा मुंडा का अपमान किया। आपकी पार्टी ने गलत तरीके से कहा कि रबिंद्रनाथ टैगोर का जन्म शांतिनिकेतन में हुआ। यह बंगाल और इसकी संस्कृति के बारे में आपके ज्ञान की गहराई को दर्शाता है।’’ ‘‘दंगा भड़काने वाली भाजपा’’के खिलाफ लोगों से आवाज उठाने की अपील करते हुए बनर्जी ने कहा, ‘‘बंगाल के लोग समुदाय और की बाधाओं से अलग शांति से रह रहे थे, जो राज्य में भगवा दल के सत्ता में आने के बाद काफी तनाव में रहेंगे।





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संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से, विधानसभा चुनावों के चलते अवधि में कटौती संभव

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 8, 2021   08:17
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संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से, विधानसभा चुनावों के चलते अवधि में कटौती संभव

सत्र के दूसरे चरण में सरकार का ध्यान मुख्य रूप से वित्त विधेयक और वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों को पारित कराने पर होगा। इन अनिवार्य एजेंडा के अलावा, सरकार ने इस सत्र में कई विधेयकों को भी पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया है।

नयी दिल्ली। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से आरंभ होगा। हालांकि, चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में मार्च-अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सत्र की अवधि में कटौती किए जाने की संभावना है क्योंकि अधिकतर शीर्ष नेता चुनाव प्रचार में व्यस्त रहेंगे। इस सत्र का समापन आठ अप्रैल को होना है। सूत्रों ने कहा कि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सभी दल सत्र की अवधि में कटौती किए जाने के समर्थन में हैं। हालांकि, इस बारे में अभी आधिकारिक निर्णय लिया जाना बाकी है। 

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सत्र के दूसरे चरण में सरकार का ध्यान मुख्य रूप से वित्त विधेयक और वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अनुदान की अनुपूरक मांगों को पारित कराने पर होगा। इन अनिवार्य एजेंडा के अलावा, सरकार ने इस सत्र में कई विधेयकों को भी पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया है। सरकार ने जिन विधेयकों को सूचीबद्ध किया है, उनमें पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक, राष्ट्रीय वित्त पोषण अवसंरचना और विकास बैंक विधेयक, विद्युत (संशोधन) विधेयक, क्रिप्टो करेंसी एवं आधिकारिक डिजिटल मुद्रा नियमन विधेयक शामिल हैं। बजट सत्र का दूसरा चरण ऐसे समय हो रहा है, जब सभी सियासी दलों का ध्यान पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों पर है। इन राज्यों में मार्च-अप्रैल में चुनाव होने हैं। बजट सत्र का पहला चरण 29 जनवरी को शुरू हुआ था। इसके तहत, केंद्रीय बजट एक फरवरी को पेश किया गया था।





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अमित शाह ने विजयन पर किया पलटवार, सोना तस्करी मामले में किये सवाल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 8, 2021   08:06
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अमित शाह ने विजयन पर किया पलटवार, सोना तस्करी मामले में किये सवाल

शाह ने केरल में चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस पर दक्षिणी राज्य में वाम दलों के खिलाफ लड़ने और पश्चिम बंगाल में भाजपा से मुकाबला करने के लिए माकपा के साथ गठजोड़ करने को लेकर निशाना साधा।

तिरुवनंतपुरम। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोना और डॉलर की तस्करी मामलों की जांच कर रही केंद्रीय जांच एजेंसियों पर निशाना साधने को लेकर केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर रविवार को पलटवार किया और उनसे यह स्पष्ट करने को कहा कि इन मामलों की मुख्य आरोपी ने उनके कार्यालय में काम किया था, या नहीं। शाह ने केरल में चुनाव प्रचार अभियान के दौरान कांग्रेस पर दक्षिणी राज्य में वाम दलों के खिलाफ लड़ने और पश्चिम बंगाल में भाजपा से मुकाबला करने के लिए माकपा के साथ गठजोड़ करने को लेकर निशाना साधा। शाह ने साथ ही कांग्रेस को तब चुप्पी साधने के लिए भी आड़े हाथ लिया, जब राज्य में सबरीमला मंदिर में एक खास आयु समूह (10 से 50 वर्ष) की महिलाओं के प्रवेश मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन हो रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा का मानना है कि सबरीमला मंदिर और उसका प्रशासन भक्तों को सौंप देना चाहिए और इसमें कोई सरकारी हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।’’ यहां के षनगुमुगम बीच पर भाजपा की ‘विजय यात्रा’ के समापन के मौके पर शाह ने यह भी जानना चाहा कि क्या मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले में सीमा शुल्क अधिकारियों को प्रभावित करने की कोशिश की। उन्होंने सोना तस्करी के मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी स्वप्ना सुरेश की ओर इशारा करते हुए सवाल किया, ‘‘मुख्यमंत्री का आरोप है कि केंद्रीय एजेंसियां ​​राजनीतिक औजार (भाजपा नीत राजग सरकार की) के रूप में काम कर रही हैं। मैं कुछ सवाल पूछना चाहता हूं। मैं मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं कि डॉलर या सोना घोटाले की मुख्य आरोपी उनके कार्यालय में काम करती थी या नहीं?’’

सुरेश को केरल स्टेट इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के तहत स्पेस पार्क परियोजना में तब एक संविदा पद से हटा दिया गया था, जब उसका नाम पिछले साल राजनयिक चैनल के माध्यम से सोने की तस्करी के सिलसिले में सामने आया था। विजयन के तत्कालीन प्रधान सचिव और आईटी सचिव एम शिवशंकर को सुरेश से उनके संबंधों के आरोपों पर एक आधिकारिक समिति के निष्कर्ष के आधार पर पद से हटाकर निलंबित कर दिया गया था। सोने की तस्करी के मामले की जांच करने वाले सीमा शुल्क विभाग द्वारा यह दावा किये जाने के एक दिन बाद कि सुरेश ने डॉलर की ‘तस्करी’ के मामले में उनके और अन्य लोगों के खिलाफ ‘‘चौंकाने वाले रहस्योद्घाटन’’ किए हैं, विजयन ने शनिवार को एजेंसी पर निशाना साधा और कहा कि वह मामले के संबंध में राज्य कैबिनेट के सदस्यों को ‘‘बदनाम’’ करने की कोशिश कर रही है। सुरेश को पिछले साल 5 जुलाई को शहर में स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर यूएई वाणिज्य दूतावास को भेजे जाने वाले सामान से 15 करोड़ रुपये मूल्य का लगभग 30 किलोग्राम सोना सीमा शुल्क विभाग द्वारा जब्त किये जाने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। सीमा शुल्क विभाग के अलावा सोना तस्करी मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय और राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा की जा रही है। जांच के दौरान मस्कट में यूएई वाणिज्य दूतावास के एक पूर्व वित्त प्रमुख द्वारा 1,90,000 अमेरिकी डालर की कथित तस्करी का मामला भी सामने आया। विजयन ने आरोप लगाया था कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राज्य में भाजपा और कांग्रेस के लिए प्रचार करने के लिए किया जा रहा है जहां छह अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने वाला है। 

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शाह ने यह भी कहा कि उनके पास सरकार के खिलाफ भष्टाचार के और भी आरोप हैं, ‘‘मैं मुख्यमंत्री को भ्रमित नहीं करना चाहता’’ और केवल चाहता हूं कि वह उनके सवालों का जवाब दें। शाह ने यह भी कहा कि केरल को विकास, साक्षरता और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता था, लेकिन ‘‘सत्तारूढ़ एलडीएफ और विपक्षी यूडीएफ के बारी-बारी से सत्ता में आने का परिणाम यह हुआ है कि राज्य राजनीतिक हिंसा का एक मंच बन गया है।’’ उन्होंने एलडीएफ और यूडीएफ पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें लोगों की नहीं बल्कि अपने ‘‘वोट बैंक’’ की चिंता है। उन्होंने कहा, ‘‘वाम एसडीपीआई (सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया) के साथ जुड़ा हुआ है जो पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का एक राजनीतिक संगठन है, जबकि कांग्रेस मुस्लिम लीग के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। मैं कांग्रेस पार्टी की नीति को नहीं समझ पाता हूं। वे पश्चिम बंगाल में माकपा के साथ हाथ मिलाकर हमसे मुकाबला कर रहे हैं जबकि वे यहां वामपंथियों से लड़ रहे हैं।’’ शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार ने देश भर में कोविड-19 के खिलाफ बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू किया है, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि केरल में मामले बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि उपचाराधीन मामलों में से 40 प्रतिशत मामले दक्षिणी राज्य से सामने आ रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने 2018 और 2019 में राज्य में लगातार दो बाढ़ों से निपटने के तरीके को लेकर वाम सरकार पर हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘500 से अधिक लोग मारे गए थे’’, लेकिन सरकार को सोना और डॉलर घोटाले के आरोपियों को बचाने में दिलचस्पी थी।





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नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


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