दिल्ली की महिला ने ब्रिटेन के PM को भेजा आत्महत्या का MAIL! पुलिस ने बचाया

दिल्ली की महिला ने ब्रिटेन के PM को भेजा आत्महत्या का MAIL! पुलिस ने बचाया

रोहिणी में रह रही एक महिला ने डिप्रेशन में आकर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को एक ऐसा ई-मेल किया जिसके बाद यूके के पीएमओ ऑफिस से लेकर लंदन में इंडियन ऐंबेसी और भारतीय विदेश मंत्रालय में हड़कंप मच गया।

कोरोना महामारी के कारण सामान्य जीवन काफी अस्त-व्यस्त हो गया है। इस महामारी के कारण कई लोगों को अपनी नौकरी भी गंवानी पड़ गई है जिससे टेंशन और डिप्रेशन जैसी मेंटल प्रोबल्म का आकंड़ा बढ़ता जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, महामारी के कारण देश में डिप्रेशन का मामला काफी तेजी से बढ़ गया है, इसी वजह से आत्महत्या की घटनाओं की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है। डॉक्टर्स के मुताबिक,आर्थिक तंगी और बदलती जीवन शैली डिप्रेशन के बढ़ने की मुख्य वजह है।

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इसी बीच दिल्ली के रोहिणी से एक ऐसी खबर आ रही है जो डिप्रेशन से ही संबधित है। बता दें कि रोहिणी में रह रही एक महिला ने डिप्रेशन में आकर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को एक ऐसा ई-मेल किया जिसके बाद यूके के पीएमओ ऑफिस से लेकर लंदन में इंडियन ऐंबेसी और भारतीय विदेश मंत्रालय में हड़कंप मच गया। महिला ने ब्रिटेन के पीएम को ई-मेल करके लिखा कि 'अगर 2 घंटे के भीतर मूझे मदद नहीं मिली तो में आत्महत्या कर लूंगी'।  ई-मेल के मिलते ही रोहिणी पूलिस उस महिला को ढूंढने में लग गई और काफी मश्क्कत के बाह महिला को बचा लिया गया।

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पुलिस के मुताबिक, 43 साल की महिला रोहिणी सेक्टर-21 में रहती है और काफी ज्यादा डिप्रेशन से ग्रसित है। बता दें कि इस महिला ने मदद के लिए ब्रिटेन के पीएम को ऐसा मेल किया था। जिसके बाद यह मामला विदेश मंत्रालय तक पहुंचा और फिर पुलिस महिला के घर तक पहुंची। बता दें कि जब पुलिस महिला के घर पहुंची तब उसने गेट खोलने से इंकार कर दिया जिसके बाद पुलिस को मजबूरन गेट को तोड़ना पड़ा। जब पुलिस महिला के घर के अंदर पहुंची तो उन्हें कमरे में 16-18 बिल्लियां मिली और कमरे का हाल-बेहाल हो रखा था। महिला ने बताया कि वह एमसीडी स्कूल में टीचर थी और उनकी नौकरी छूट गई है। वह तालाकशुदा है और इस बीच उन्होंने काफी कर्जा भी लिया हुआ था जिसके कारण वह ईएमआई नहीं चुका पा रही थी। भारी कर्ज के कारण महिला डिप्रेशन में चली गई।फिलहाल महिला की काउंसलिंग के लिए ले जाया गया है। उनके उलाज के लिए उन्हें इहबास भेजा गया है। 





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