महाराष्ट्र में सूखे की हालत 1972 से भी खराब: शरद पवार

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: May 13 2019 8:42PM
महाराष्ट्र में सूखे की हालत 1972 से भी खराब: शरद पवार
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राकांपा द्वारा राजनीतिक मतभेदों को एक तरफ रखते हुए सूखा प्रभावित लोगों को राहत मुहैया कराने का प्रयास किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि खाद्यान्न और पेयजल की कमी है। उन्होंने अश्टी तालुका के खादकाट गांव के लोगों से बातचीत भी की।

मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि महाराष्ट्र में सूखे की हालत 1972 में पड़े सूखे से भी गंभीर है और उनकी पार्टी देवेंद्र फडणवीस सरकार और केंद्र के समक्ष यह मामला उठाएगी। पवार ने कहा कि उन्होंने फडणवीस से इस पर चर्चा के लिये अगले चार-पांच दिनों में मिलने का वक्त मांगा है। उन्होंने यहां से करीब 380 किलोमीटर दूर बीड में संवाददाताओं को बताया, “मौजूदा हालात 1972 में पड़े सूखे से ज्यादा गंभीर हैं। मैंने कल मुख्यमंत्री से संपर्क कर अगले चार-पांच दिनों में मिलने का वक्त मांगा है। वह जब भी हमें समय देंगे हम दूसरे विपक्षी नेताओं के साथ यह मुद्दा उठाएंगे।”

भाजपा को जिताए

पवार ने कहा कि उन्होंने देखा कि किसानों की फसलें खराब हो गई हैं और उनके पास पीने का पर्याप्त पानी नहीं है। उन्होंने कहा, “पशुओं के लिये यहां पर्याप्त चारा नहीं है, टैंकरों के जरिये पानी की आपूर्ति अपर्याप्त है, 95 फीसद किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ नहीं मिला। राजनीतिक मतभेद को दरकिनार कर हम केंद्र और राज्य सरकार के सामने यह मुद्दा उठाएंगे।”
पवार ने कई ट्वीट कर कहा, ‘‘हम राज्य के सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री के साथ स्थिति की समीक्षा करेंगे। राकांपा द्वारा राजनीतिक मतभेदों को एक तरफ रखते हुए सूखा प्रभावित लोगों को राहत मुहैया कराने का प्रयास किया जाएगा।’’ उन्होंने कहा कि खाद्यान्न और पेयजल की कमी है। उन्होंने अश्टी तालुका के खादकाट गांव के लोगों से बातचीत भी की।


 

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