DU में विदेशी छात्रों की बढ़ी मुसीबतें, नहीं ले पा रहे नए कॉलेजों में एडमिशन

DU में विदेशी छात्रों की बढ़ी मुसीबतें, नहीं ले पा रहे नए कॉलेजों में एडमिशन

बता दें कि आगे की पढ़ाई करने के लिए कई विदेशी छात्र जब किसी दूसरे विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन करते है तो उसमें अंतिम सेमेस्टर के परिणाम को प्रवेश प्रक्रिया में जमा कराना अनिवार्य होता है और विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए, डीयू ने अभी तक दिसंबर-जनवरी में आयोजित सेमेस्टर परीक्षाओं के परिणाम घोषित नहीं किए हैं।

बाहर देश से अपनी पढ़ाई करने के लिए कई छात्र डीयू में एडमिशन लेते है क्योंकि डीयू में पढ़ाई और फीस कोर्स के हिसाब से कम होता है। इसी को देखते हुए ऐसे कई विदेशी छात्र है जो डीयू में एडमिशन भी लेते है। लेकिन कोरोना महामारी के बढ़ने से अब इन विदेशी छात्रों को काफी दिक्कते आ रही है। जिन विदेशी छात्रों की पढ़ाई कोरोना काल में पूरी हो चुकी है और अपने लास्ट सेमेस्टर के रिजल्ट का इंतजार कर रहे है उनके लिए समस्याएं काफी बढ़ गई है।

इसे भी पढ़ें: हीलियम के गुब्बारों में कुत्ते को बांधकर उड़ाया, वीडियो वायरल होने का बाद यूट्यूबर हुआ अरेस्ट

बता दें कि आगे की पढ़ाई करने के लिए कई विदेशी छात्र जब किसी दूसरे विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन करते है तो उसमें अंतिम सेमेस्टर के परिणाम को प्रवेश प्रक्रिया में जमा कराना अनिवार्य होता है और विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए, डीयू ने अभी तक दिसंबर-जनवरी में आयोजित सेमेस्टर परीक्षाओं के परिणाम घोषित नहीं किए हैं। टीओआई में छपी एक खबर के मुताबिक, ऐसी ही दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतिम वर्ष के एक छात्र ने यूरोप के एक विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए आवेदन किया  लेकिन अपने पांचवें सेमेस्टर के परिणाम को जमा नहीं करा पाने के कारण  उसका आवेदन अस्वीकार कर दिया गया।

इसे भी पढ़ें: उत्तर प्रदेश में कर्मचारियों की हड़ताल पर पाबंदी 6 महीने और बढ़ी

कॉलेज ऑफ वोकेशनल स्टडीज के एक परीक्षा नोडल अधिकारी कुमार आशुतोष के अनुसार, इस समस्या का सामना ज्यादातर उन छात्रों को हो रहा है, जिन्होंने अपनी आंसर शीठ ईमेल पर भेजी थीं। कुमार ने कहा, “केवल कुछ पाठ्यक्रमों के लिए परिणाम घोषित नहीं किए गए हैं। हमने एक Google शीट तैयार की है और हम समझते हैं कि छात्रों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है,”।डीयू के परीक्षा डीन डीएस रावत ने आश्वासन दिया कि एक सप्ताह से 10 दिनों में सभी परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि, “आमतौर पर परीक्षाओं के बाद एक ब्रेक हुआ करता था जब शिक्षकों को मूल्यांकन के लिए समय मिलता था। लेकिन इस बार वे मूल्यांकन के साथ-साथ ऑनलाइन क्लास भी ले रहे है। उस समय, परीक्षा विभाग के कई कर्मचारियों को कोविड -19 भी हुआ। लेकिन अब यह सब साफ हो रहा है और हम चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं"।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।