आपरेशन ब्लूस्टार के दौरान जब्त खजाने को सम्मान के साथ लौटा दिया जाना चाहिए: शिअद

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Jun 6 2019 6:26PM
आपरेशन ब्लूस्टार के दौरान जब्त खजाने को सम्मान के साथ लौटा दिया जाना चाहिए: शिअद
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बादल ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि सिख समुदाय उस बेशकीमती खजाने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है जिसे सेना ने जब्त कर लिया था। उन्होंने कहा, ‘‘इसमें महत्वपूर्ण पवित्र शास्त्र, कलाकृतियां, हजारों ऐतिहासिक पुस्तकें और सिख संदर्भ पुस्तकालय का संग्रह हिस्सा तथा श्री गुरु साहिब और अन्य सिख हस्तियों की निशानियां शामिल हैं। इन्हें उचित सम्मान के साथ समुदाय को लौटा दिया जाना चाहिए।

नयी दिल्ली। शिरोमणि अकाली दल ने बृहस्पतिवार को मांग की कि आपरेशन ब्लूस्टार के दौरान सेना द्वारा कथित रूप से जब्त किए गए सिखों के कीमती खजाने को तत्काल लौटाया जाए। इसके साथ ही पार्टी ने उन लोगों के लिए नियमित पेंशन की भी मांग की जो स्वर्ण मंदिर से आतंकवादियों को बाहर करने के लिए सैन्य अभियान के बाद सेना से अलग हो गए थे। पार्टी प्रमुख सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व में शिअद प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के समक्ष यह मांग उठायी।

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बादल ने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि सिख समुदाय उस बेशकीमती खजाने का बेसब्री से इंतजार कर रहा है जिसे सेना ने जब्त कर लिया था। उन्होंने कहा, ‘‘इसमें महत्वपूर्ण पवित्र शास्त्र, कलाकृतियां, हजारों ऐतिहासिक पुस्तकें और सिख संदर्भ पुस्तकालय का संग्रह हिस्सा तथा श्री गुरु साहिब और अन्य सिख हस्तियों की निशानियां शामिल हैं। इन्हें उचित सम्मान के साथ समुदाय को लौटा दिया जाना चाहिए। 

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बादल ने कहा कि ऑपरेशन ब्लूस्टार को लेकर 309 सिखों ने सेना को छोड़ दिया था और उन सभी को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। उन्होंने कहा, ‘‘उनमें से करीब 100 लोग अब भी जीवित हैं। हम उनके पुनर्वास और पेंशन लाभ के लिए विनम्रतापूर्वक अनुरोध करते हैं। इससे पीड़ित सिख समुदाय को सकारात्मक संदेश मिलेगा। अकाली दल के नेता ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार चार महीने बाद श्री गुरु नानक देव की 550 वीं जयंती मनाने जा रही है। उन्होंने कहा कि एक कार्यक्रम भारत से सिख धर्म के संस्थापक की जन्म स्थली ननकाना साहिब तक नगर कीर्तन भीहै। ननकाना साहिब पाकिस्तान में है। बादल ने कहा कि हमने अनुरोध किया है कि इस कार्यक्रम का आयोजन शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक समिति द्वारा किया जाए। हमने अनुरोध किया है कि भारत सरकार नगर कीर्तन के सफल आयोजन के लिए पाकिस्तान सरकार से संपर्क कर सकती है। 

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