चुनाव आयोग ने DMK के ए राजा पर 48 घंटे के लिए चुनाव प्रचार करने पर रोक लगाई

A Raja

आदेश के मुताबिक, राजा ने 31 मार्च को सौंपे गये अपने अंतरिम जवाब मेंआरोपों से इनकार किया था और अपनी कथित अशोभनीय टिप्पणी के पूरे विवरण की प्रति, अन्नाद्रमुक की शिकायत की प्रति मांगी थी तथा विस्तृत जवाब देने का मौका दिये जाने का अनुरोध किया था।

नयी दिल्ली। चुनाव आयोग ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर द्रमुक नेता ए राजा के चुनाव प्रचार करने पर बृहस्पतिवार को 48 घंटे के लिए पाबंदी लगा दी। आयोग ने राजा को इस मामले में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का दोषी पाने के कुछ घंटे बाद यह कदम उठाया। चुनाव आयोग ने अपने आदेश में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने को लेकर राजा को फटकार लगाते हुए द्रमुक के स्टार प्रचारकों की सूची से उनका नाम हटा दिया और 48 घंटे के लिए उनके चुनाव प्रचार करने पर ‘‘तत्काल प्रभाव से’’ रोक लगा दी। आदेश में कहा गया है, ‘‘आयोग आपको चुनाव प्रचार के दौरान भविष्य में सतर्क रहने और असंयमित, अशोभनीय, अपमानजनक, अश्लील टिप्पणी नहीं करनेतथा महिला की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचाने की हिदायत देता है।’’ 

इसे भी पढ़ें: चुनाव आयोग ने द्रमुक के ए राजा पर 48 घंटे के लिए चुनाव प्रचार करने पर रोक लगाई

हालांकि, आदेश में पाबंदी के समाप्त होने के सटीक समय के बारे में नहीं बताया गया है, लेकिन यदि राजा को आज दोपहर आदेश की प्रति मिल गई है तो वह तीन अप्रैल दोपहर तक प्रचार नहीं कर सकते हैं। ऐसे उदाहरण रहे हैं, जब चुनाव आयोग ने पाबंदी समाप्त होने के सटीक समय का उल्लेख किया है। बहरहाल, 48 घंटे की पाबंदी का यह अर्थ है कि राजा तीन अप्रैल तक कोई जन सभा, रैली, संवाददाता सम्मेलन नहीं कर सकते हैं और ना ही मीडिया को साक्षात्कार दे सकते हैं। यदि कोई नेता स्टार प्रचारक है, तो उसके प्रचार का खर्च पार्टी द्वारा उठाया जाता है, ना कि उम्मीदवार के खुद के द्वारा। तमिलनाडु में एक ही चरण में छह अप्रैल को विधानसभा चुनाव होने वाला है, जिसके लिए चुनाव प्रचार चार अप्रैल की शाम समाप्त हो जाएगा। 

इसे भी पढ़ें: देश की राजनीति की दिशा तय करेंगे पांच राज्यों के चुनाव परिणाम

आदेश के मुताबिक, राजा ने 31 मार्च को सौंपे गये अपने अंतरिम जवाब मेंआरोपों से इनकार किया था और अपनी कथित अशोभनीय टिप्पणी के पूरे विवरण की प्रति, अन्नाद्रमुक की शिकायत की प्रति मांगी थी तथा विस्तृत जवाब देने का मौका दिये जाने का अनुरोध किया था। उन्होंने अपने वकील के साथ व्यक्तिगत सुनवाई की अनुमति मांगी थी। चुनाव आयोग ने उनके जवाब के संतोषजनक नहीं होने का जिक्र करते हुए कहा कि अधिक विवरण एवं वक्त मांगना समय को खींचने की कोशिश है, लेकिन चुनाव के बीच आयोग इसकी अनुमति नहीं दे सकता है। चुनाव आयोग ने इससे पहले राजा को अपने नोटिस में 26 मार्च को थाउजैंड्स लाइट्स विधानसभा क्षेत्र में उनके भाषण के अंश दिये थे। उनके भाषणों का हवाला देते हुए आयोग ने यह जिक्र किया था कि राजा ने कथित तौर पर कहा था कि द्रमुक नेता एमके ‘‘स्टालिन अच्छे संबंध से पैदा हुए बच्चे हैं,जबकि पलानीस्वामी खराब संबंध से पैदा हुए बच्चे हैं।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


We're now on WhatsApp. Click to join.
All the updates here:

अन्य न्यूज़