उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें: ऑनलाइन व्यवस्था से उद्यमियों को सुविधाओं का लाभ घर बैठे मिलेगा

उत्तर प्रदेश की बड़ी खबरें: ऑनलाइन व्यवस्था से उद्यमियों को सुविधाओं का लाभ घर बैठे मिलेगा
प्रतिरूप फोटो

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के चार जिलों मिर्जापुर, बांदा, गौतमबुद्ध नगर व अलीगढ़ में जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्रों के आधुनिकीकरण एवं उच्चीकरण हेतु 320 लाख रुपये धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के क्रियान्वयन हेतु 50 करोड़ रुपये की धनराशि को स्वीकृत किया गया है।

उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद ने वर्षा की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि गत 24 घंटे में प्रदेश में 9.6 मि0मी0 औसत वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षा से 5.1 मि0मी0 के सापेक्ष 188 प्रतिशत है। इस प्रकार प्रदेश में 01 जून, 2021 से अब तक 742.7 मि0मी0 औसत वर्षा हुए, जो सामान्य वर्षा 779.6 मि0मी0 के सापेक्ष 95 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि गंगा नदी बदायूं, शारदा-खीरी, तथा क्वानों-गोंडा में खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही है। प्रदेश में वर्तमान में 12 जनपदों में 118 गांव बाढ़ से प्रभावित है। प्रदेश के वर्षा से प्रभावित जनपदों में सर्च एवं रेस्क्यू हेतु एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 तथा पी0ए0सी0 की कुल 59 टीमें तैनाती की गयी है, 8409 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगायी गयी है तथा 1383 मेडिकल टीमें लगायी गयी है। एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 द्वारा 58351 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।

प्रसाद ने बताया कि अब तक कुल 354478 ड्राई राशन किट वितरित किए गये हैं। अब तक कुल 642928 फूड पैकेट वितरित किए गए हैं। प्रदेश में 290070.07 मी त्रिपाल, पीने के पानी का पाउच 270868 ली0, ओ0आर0एस0 के 287152 पैकेट तथा क्लोरीन के 3013251 टेबलेट वितरित किया गया है। प्रदेश में 1134 बाढ़ शरणालय तथा 1307 बाढ़ चौकी स्थापित की गयी है। प्रदेश में अब तक कुल 1942 पशु शिविर स्थापित किये गये हैं। विगत 24 घंटों में पशु टीकाकरण की संख्या 2883 तथा अब तक कुल पशु टीकाकरण की संख्या 986868 है।

फिरोजाबाद में पशुचिकित्सालय, फरिहा के निर्माण हेतु 42.02 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत

उत्तर प्रदेश सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में पशु चिकित्सा सेवायें तथा पशु स्वास्थ्य के दृष्टिगत जनपद फिरोजाबाद में पशुचिकित्सालय, फरिहा के निर्माण हेतु 42.02 लाख रूपये की धनराशि द्वितीय किश्त के रूप में स्वीकृत की है। पशुचिकित्सालय की स्थापना से स्थानीय स्तर पर पशुचिकित्सा सेवाओं हेतु आवश्यक औषधि एवं उपकरण की व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।

पशुधन विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में शासनादेश जारी करते हुए जनपद फिरोजाबाद के मुख्य पशुचिकित्साधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गये हैं। शासनादेश में कहा गया है कि स्वीकृत धनराशि का आहरण व व्यय अनुमोदित कार्ययोजना एवं मदों में योजना हेतु निर्धारित गाइडलाइन का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया जाये। 

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ग्राम स्वराज कर्मयोग एवं सतत् विकास विषय पर कार्यशाला का आयोजन

दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान लखनऊ द्वारा आज युगपुरूष पं0 दीनदयाल उपाध्याय के जन्म दिवस के अवसर पर उनके वैचारिक मार्गदर्शन, विचारधारा, राष्ट्रीय भावना एवं एकात्म मानववाद के अन्तर्गत, ‘‘ग्राम स्वराज, कर्मयोग एवं सतत् विकास’’ विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुये महानिदेशक संस्थान वेंकटेश्वर लू ने आध्यात्म दर्शन एवं कर्मयोग के परिप्रेक्ष्य में कहा कि एकात्म मानववाद के प्रणेता पं0 उपाध्याय का मानना था कि अपनी संस्कृति, संस्कारों की विरासत के कारण भारतवर्ष विश्वगुरू के स्थान को प्राप्त करेगा, क्योंकि मनुष्य का शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा यह चारों अंग ठीक से रहेंगे तभी मनुष्य को चर्मोत्कर्ष का सुख और वैभव की प्राप्ति हो सकती है। मानव किसी स्वाभाविक प्रवृत्ति को पं0 दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद की संज्ञा प्रदान की। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा को समझना है तो उसे राजनीति अथवा अर्थनीति के चश्मे से न देखकर सांस्कृतिक दृष्टिकोण से ही देखना होगा तथा भारतीयता की अभिव्यक्ति, राजनीति के द्वारा न होकर उसकी संस्कृति के द्वारा ही होगी। समाज में जब लोग धर्म को बेहद संकुचित दृष्टि से देखते हुये और समझते हैं तो उसी के अनुकूल व्यवहार करते हैं, उनके लिये पं0 उपाध्याय की दृष्टि को और भी समझना आवश्यक हो जाता है। जैसा कि उन्होने बहुधा अपने सम्बोधन में कहा है कि विश्व को यदि हम कुछ सिखा सकते हैं या नैतिक रूप से कुछ दे सकते हैं तो उसे अपनी सांस्कृतिक सहिष्णुता एवं कर्तव्य प्रधान जीवन की भावना की ही शिक्षा दे सकते हैं।

आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग, उ0प्र0 अवधेश तिवारी ने कहा कि ग्राम स्वराज व्यवस्था, व्यक्ति के स्तर पर आत्मशासन और आत्मसंयम है तथा समाज के स्तर पर सरकारी नियन्त्रण से मुक्त होने के लिये लगातार प्रयास जारी है। स्वतंत्र भारत में ’’ग्राम स्वराज’’ के रूप में सत्ता के विकेन्द्रीकरण का एक राष्ट्र स्तरीय प्रयोग बनाने का लक्ष्य तय किये थे। आजादी के 75 वर्ष बाद देश की राज्य व्यवस्था में जिस तरह की विकृतियां बड़े स्तर पर उभर कर आयी हैं उसके परिप्रेक्ष्य में एकबार फिर संसदीय व्यवस्था और ग्राम स्वराज का विषय अद्यतन रूप से प्रासंगिक हो गया है।

ग्राम स्वराज के सपने को जयप्रकाश नारायण और आचार्य विनोबा भावे ने पूरी निष्ठा और समझ के साथ साकार करने की कोशिश की थी। विनोबा भावे जहां उसके सामाजिक और सांस्कृतिक पक्ष पर जोर दे रहे थे वहीं जयप्रकाश नारायण राजनैतिक व सामुदायिक चरित्र पर अपने को केन्द्रित किये हुये थे क्योंकि जयप्रकाश नारायण का मानना यह था कि राजनीति के क्षेत्र में यदि हमारी राजनीतिक संस्थाओं की गहरी जड़ स्थायी हों और वह बुनियादी निष्ठाओं के अधिकारी बनें तथा हमारे समष्टिगत अस्तित्व की वास्तविक अभिव्यक्तियों का रूप ले तो ग्राम पंचायतों को उनके सम्पूर्ण गौरव तथा समस्त तत्कालीन सत्ता के साथ पुनर्जीवित करना न्यायोचित होगा।

मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व पुलिस महानिदेशक अरविन्द कुमार जैन ने उपस्थित प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुये बताया कि मेरे पूर्व में समस्त प्रबुद्ध वक्ताओं ने आध्यात्म दर्शन, कर्मयोग तथा सांस्कृतिक विरासत पर बहुत कुछ विस्तार से बताया है। हम अपनी पुलिस सेवा में रहकर मात्र कानून व्यवस्था तक सीमित रहे परन्तु फिर भी मेरे अन्तर्मन में आध्यात्मिक प्रबन्धन एवं कर्मयोग की भावना समय-समय पर मेरे ज्ञान चक्षुओं को उत्प्रेरित करती रहती है। फलस्वरूप जहां एक ओर हमारी दृष्टि विश्व की उपलब्धियों पर हो, वहीं दूसरी ओर हम अपने राष्ट्र की मूल प्रकृति, प्रतिभा एवं प्रवृत्ति को पहचानकर अपनी परम्परा और परिस्थिति के अनुरूप भविष्य के विकास क्रम का निर्धारण करने की अनिवार्यता को भी न भूलें। अपने स्वयं के आंकलन एवं साक्षात्कार के बिना न तो स्वतंत्रता सार्थक हो सकती है और न ही वह कर्मचेतना जागृत हो सकती है, जिसमें परावलम्बन और पराभूति का भाव न होकर स्वाधीनता और स्वैच्छा हो। लोकतंत्र, समानता, राष्ट्रीयता स्वतंत्रता तथा विश्व शान्ति परस्पर सम्बद्ध कल्पनायें हैं किन्तु पाश्चात्य राजनीति में इनमें कई बार टकराव भी हुआ है कारण समाजवाद और विश्व शासन के विचार भी इन समस्याओं के समाधान के प्रयत्न से उत्पन्न हुये है पर वे कुछ नहीं कर पाये बल्कि नई समस्यायें पैदा हो गयी। भारत का सांस्कृतिक चिन्तन ही तात्विक अधिष्ठान प्रस्तुत करता है। भारतीय तात्विक सत्यों का ज्ञान देश और काल से स्वतंत्र है।

विशिष्ट एवं प्रमुख वक्ता के रूप में लोकभारती संस्था के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बृजेन्द्र पाल सिंह उर्फ बृजेन्द्र भाई द्वारा प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुये कहा कि एकात्म मानववाद के प्रणेता पं0 दीनदयाल उपाध्याय 20वीं सदी के वैचारिक युगपुरूष थे, उन्होने भारत के जन-गण-मन को गहराई में आत्मसात करते हुये न केवल वैचारिक क्रान्ति की बल्कि व्यक्ति क्रान्ति के प्रेरक बने। उनके दर्शन में आज भारत की संस्कृति और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के साथ-साथ मानव को केन्द्र बिन्दु में रखकर ही राष्ट्र एवं समाज को स्थापित करने का संकल्प लेते हुये व्यवहारिक परिणीति हेतु आम जनमानस को भी आमंत्रित किया जो स्वयं में एक विशिष्ट प्रेरणा स्वरूप है। दीनदयाल जी कल भी प्रासंगिक थे, आज भी प्रासंगिक हैं, और आगे भी प्रासंगिक रहेंगे। एकात्म मानववाद यह राजनीति के लिये नहीं अपितु विश्व की मानव सभ्यता और संस्कृति के लिये एक मुख्य पाथेय है, जो एक नई सामाजिक व्यवस्था का प्रेरक भी है।

वक्ताओं के सम्बोधन के दृष्टिगत द्वितीय चरण में प्रमुख राष्ट्रीय प्रशिक्षक, औद्योगिक विकास एवं आध्यात्मिक वरिष्ठ परामर्शी ज्ञान पाण्डेय ने कहा कि हम सभी भारतीय संस्कृति, सभ्यता एवं परम्पराओं को इतर रखते हुये पाश्चात्य संस्कृति के आकर्षण में फंसकर जो हम आर्थिक, सामाजिक व सांस्कृतिक विकास का दिवास्वप्न देखते हैं, यह परम् विडम्बनापूर्ण विषय है। पुनः प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि पं0 दीनदयाल उपाध्याय एकात्म मानववाद के दर्शन पर श्रेष्ठ विचार व्यक्त करते हुए समानांतर रूप से साम्यवाद, समाजवाद और पूंजीवाद तीनों की ही समालोचनाएं की हैं। एकात्म मानववाद में मानव जाति की मूलभूत आवश्यकताओं और श्रजित कानूनों के अनुरूप राजनीतिक कार्यवाही हेतु एक वैकल्पिक संदर्भ दिया गया है, उनकी दृष्टि में विश्व का ज्ञान हमारी थाती है। अपने स्वयं के आंकलन व साक्षात्कार के बिना न तो स्वतंत्रता सार्थक हो सकती है और न ही कर्म चेतना जागृत हो सकती है, जिसमें परावलंबन और पराभूति का भाव न होकर, स्वाधीनता, स्वेच्छा और स्वअनुभवजनित सुख हों। अज्ञान, अभाव तथा अन्याय की परिस्थितियों को समाप्त करने के लिए सुदृढ, समृ़द्ध, सुसंस्कृत एवं सखी व बौद्धिक राष्ट्र जीवन का शुभारंभ सबके द्वारा स्वेच्छा से किये जाने वाले कठोर से कठोर श्रम तथा सहयोग की आवश्कता का औचित्य है। यह महान कार्य राष्ट्र जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में एक नये नेतृत्व की अपेक्षा रखता है तथा भारतीय जनमानस का जन्म इसी अपेक्षा को पूर्ण करने के लिए हुआ है।

ग्राम पंचायत विकास कार्यक्रमों को गति प्रदान करने के दृष्टिगत सतत् विकास लक्ष्यों की महती उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुये संस्थान के उप निदेशक राकेश रंजन ने प्रतिभागियों को सर्वांगीण रूप से उक्त विषय को परिभाषित करते हुये अवगत कराया।

इस एक दिवसीय कार्यशाला का कुशलतापूर्वक संचालन संस्थान के उप निदेशक अनुज वास्तव द्वारा किया गया तथा कार्यशाला के अन्तर्गत उपस्थित मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथिगणों तथा समस्त प्रतिभागियों को संस्थान के अपर निदेशक डॉ0 डी0सी0 उपाध्याय द्वारा धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यशाला के प्रबन्धन एवं व्यवस्था के अन्तर्गत संस्थान के उप निदेशक बी0डी0 चौधरी तथा सुबोध दीक्षित का विशिष्ट एवं महत्वपूर्ण योगदान रहा। 

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कार्यशाला के अन्तर्गत विशिष्ट अतिथियों व प्रबुद्ध वार्ताकार के रूप में लोकभारती संस्था के राष्ट्रीय संगठन मंत्री बृजेन्द्र पाल सिंह उर्फ बृजेन्द्र भाई तथा प्रमुख राष्ट्रीय प्रशिक्षक, औद्योगिक विकास एवं आध्यात्मिक वरिष्ठ परामर्शी ज्ञान पाण्डेय द्वारा कर्मयोग, ग्राम स्वराज तथा सतत् विकास पर महत्वपूर्ण विचार प्रकट करने के साथ पं0 दीनदयाल उपाध्याय के वैचारिक दर्शन पर विशिष्ट प्रकाश डाला गया।

पोषण पंचायत का किया जायेगा आयोजन

राज्य महिला आयोग उत्तर प्रदेश की अध्यक्ष विमला बाथम ने बताया कि जनपदों में पोषण पंचायत कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। जिसके क्रम में 30 सितम्बर, 2021 को प्रदेश के चयनित 25 जनपदों में ग्रामीण स्तर पर तहसील/ब्लाक में पोषण पंचायत का आयोजन किया जायेगा। उन्होंने बताया कि इसके पूर्व 26 जनपदों में पोषण पंचायत कार्यक्रम का सफल संचालन कराया गया है।

बाथम ने बताया कि पोषण पंचायत में कुपोषित महिलाओं, बच्चों के लिए पुष्टाहार विभाग द्वारा चलायी जा रही कल्याणकारी योजना की जानकारी एवं पोषण अभियान के अन्तर्गत चलायी जा रही योजनाओं की विस्तृत जानकारी एवं लाभ दिलाया जायेगा। सैम एवं मैम श्रेणी में रह चुके बच्चों के अभिभावक कार्यक्रम में उपस्थित रहेंगे। पोषण वाटिका, पौधारोपण एवं सुपोषण के लिए योग एवं आयुष के महत्व से सम्बन्धित महत्वपूर्ण जानकारी दिलायी जायेगी। स्थानीय खाद्य पदार्थों एवं पौष्टिक भोजन की जनजागरूकता तथा आवश्यकतानुसार अनुपूरक पुष्टाहार आदि का वितरण किया जायेगा। उपस्थित समुदाय में पोषण अभियान से सम्बन्धित जागरूकता सामग्री/साहित्य का वितरण एवं कार्यक्रम स्थल पर प्रदर्शनी लगायी जायेगी। अन्नप्राशन व गोदभराई का कार्यक्रम भी किया जायेगा। पोषण अभियान को सशक्त करने हेतु अन्य प्रभावी उपाय किये जायेंगे।

अध्यक्ष महिला आयोग द्वारा प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 30 सितम्बर, 2021 को ग्रामीण क्षेत्र स्थित ब्लाक/तहसील स्तर पर मिशन शक्ति पोषण पंचायत कार्यक्रम आयोजन के सम्बन्ध में सम्बन्धित जिलाधिकारियों तथा निदेशक बाल विकास तथा महिला कल्याण को पत्र प्रेषित किया है।

30 सितम्बर, 2021 को जनपद बाराबंकी में अध्यक्ष महिला आयोग विमला बाथम, जनपद मेरठ में उपाध्यक्ष सुषमा सिंह, जनपद कुशीनगर में उपाध्यक्ष अंजु चौधरी, जनपद सोनभद्र में सदस्य अनीता सिंह, जनपद मैनपुरी में सदस्य सुमन चतुर्वेदी, जनपद देवरिया में सदस्य निर्मला द्विवेदी, जनपद अमरोहा में सदस्य राखी त्यागी, जनपद हाथरस में सदस्य निर्मला दीक्षित, जनपद अलीगढ़ में सदस्य मीना कुमारी, जनपद जालौन में सदस्य डा0 कंचन जायसवाल, जनपद महोबा में सदस्य प्रभा गुप्ता, जनपद कानपुर देहात में सदस्य पूनम कपूर, जनपद भदोही में सदस्य सु उषारानी, जनपद अमेठी में सदस्य अनिता सचान, जनपद जौनपुर में सदस्य शशि मौर्या, जनपद कन्नौज में सदस्य कुमुद वास्तव, जनपद मथुरा में सदस्य रामसखी कठेरिया, जनपद अम्बेडकरनगर में सदस्य संगीता तिवारी, जनपद मुरादाबाद में सदस्य अवनी सिंह, जनपद प्रतापगढ़ में सदस्य सुमन सिंह, जनपद उन्नाव में सदस्य मनोरमा शुक्ला, जनपद लखीमपुरखीरी में सदस्य अंजू प्रजापति, जनपद महराजगंज में सदस्य अर्चना, जनपद बरेली में सदस्य मिथिलेश अग्रवाल, जनपद हरदोई में सदस्य रंजना शुक्ला द्वारा पोषण पंचायत कार्यक्रम में प्रतिभाग किया जायेगा।

डिप्लोमा इन फार्मेसी का परीक्षाफल घोषित

प्राविधिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा प्रथम बार ऑनलाइन माध्यम से 19 सितम्बर, 2021 से 24 सितम्बर, 2021 के मध्य संपन्न डिप्लोमा इन फार्मेसी (प्रथम वर्ष) परीक्षा एवं 05 सितम्बर, 2021 से 18 सितम्बर, 2021 के मध्य संपन्न डिप्लोमा इन टूल एण्ड मोल्ड मेकिंग (प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय वर्ष) परीक्षा, अगस्त 2021 का परीक्षाफल आज विद्या सागर गुप्ता, अध्यक्ष, प्राविधिक शिक्षा परिषद, उ0प्र0 लखनऊ की अध्यक्षता में आहूत परीक्षाफल समिति की बैठक में लिये गये निर्णय के अनुसार घोषित किया गया।

आलोक कुमार तृतीय, सचिव, मुख्यमंत्री/प्राविधिक शिक्षा विभाग, उप्र शासन के कुशल निर्देशन में यह परीक्षा प्रथम बार ऑनलाइन माध्यम से संपादित हुई। सुनील कुमार चौधरी, विशेष सचिव, प्राविधिक शिक्षा, उ0प्र0 शासन द्वारा सुचारू रूप से परीक्षा संपादित कराने एवं शीघ्रातिशीघ्र परीक्षाफल घोषित किये जाने के निर्देशों के अनुक्रम में परीक्षा समाप्ति के पश्चात् रिकार्ड समय (एक दिवस के अंदर) परीक्षाफल घोषित किया गया।

इस परीक्षा में कुल 56461 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिसमें 53501 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए। परीक्षा में 5548 परीक्षार्थी बैक पेपर के साथ उत्तीर्ण घोषित हुए जबकि 2479 परीक्षार्थी परीक्षा में अनुत्तीर्ण घोषित हुए। छात्र/छात्राओं का कुल उत्तीर्ण प्रतिशत 95.36 रहा। परीक्षा में परिषद द्वारा नियुक्त प्रॉक्टर्स द्वारा 576 परीक्षार्थियों को 25 से अधिक चैट के माध्यम से लिखित चेतावनी निर्गत की गयी है, जिनका परीक्षाफल परीक्षा समिति द्वारा लिये गये निर्णय के अनुक्रम में रोका गया। साथ ही सुपर प्रॉक्टर्स/प्रॉक्टर्स द्वारा उक्त परीक्षा में 1276 परीक्षार्थियों की परीक्षा निरस्त/टर्मीनेट की गयी।

प दीनदयाल उपाध्याय प्रखर राष्ट्रवादी प्रणेता थे

उप मुख्यमंत्री डा दिनेश शर्मा आज यहां अटल बिहारी बाजपेई साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर केजीएमयू में पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के 105वे जन्मदिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।इस अवसर पर कोरोना योद्धाओं एवं कोरोना शहीदों के परिजनों का सम्मान समारोह भी आयोजित किया गया।

उप मुख्यमंत्री डा दिनेश शर्मा ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती पर पंडित जी को शत्-शत् नमन करते हुए कहा कि प० दीनदयाल उपाध्याय जी प्रखर राष्ट्रवादी, उत्कृष्ट संगठनकर्ता, एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता थे। उन्होंने भारत की सनातन विचारधारा को युगानुकूल रूप में प्रस्तुत करते हुए देश को एकात्म मानववाद की विचारधारा दी। वे एक समावेशित विचारधारा के समर्थक थे वे एक मजबूत और सशक्त भारत चाहते थे। प० जी का लखनऊ से घनिष्ठ संबंध था। लखनऊ उनकी कर्मस्थली रही है।

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पण्डित दीनदयाल उपाध्याय जी का जीवन कठिन परिस्थितियों में व्यतीत हुआ था उन्होंने सतत अध्ययन से जीवन की उपलब्धियों को प्राप्त किया। उनका सपना था की एक भेदभाव एवं जातिवाद रहित समाज की स्थापना हेतु अथक प्रयास किया जाए। उन्होंने कहा कि राजनीति के अतिरिक्त साहित्य में भी उनकी गहरी अभिरुचि थी। उन्होंने हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में कई लेख लिखे, जो विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए। वे राष्ट्र के सजग प्रहरी व सच्चे राष्ट्र भक्त के रूप में भारतवासियों के प्रेरणास्त्रोत रहे हैं। राष्ट्र की सेवा में सदैव तत्पर रहने वाले दीनदयालजी का यही उद्देश्य था कि वे अपने राष्ट्र भारत को सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, शैक्षिक क्षेत्रों में बुलंदियों तक पहुंचा देख सकें।

केंद्रीय मंत्री कौशल किशोर ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के 105वे जन्मदिवस के अवसर पर कहा कि प० दीनदयाल उपाध्याय जी के उद्देश्यों को गांव गांव तक तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया गया और यह भी बताया गया की माननीय प्रधानमंत्री जी तथा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पंडित जी के सपनो को साकार करने हेतु युद्ध स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। 

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पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के 105वे जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेश के विधायी एवं न्याय मंत्री बृजेश पाठक, नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, महापौर लखनऊ मती संयुक्ता भाटिया, कुलपति केजीएमयू डा विपिन पुरी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने इसके उपरांत ममता मॉर्डन स्कूल राजाजीपुरम में बने अटल टिंकरिंग लैब का उद्घाटन किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा कि विद्यालयों में कोरोना गाइडलाइन का अक्षरशः पालन करते हुए भौतिक रूप से पठन-पाठन कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। उन्होंने इस अवसर पर उपस्थित संभ्रांत नागरिकों पार्षदों शिक्षकों एवं संगठन के पदाधिकारियों से विचार विमर्श किया और कराएं जा रहे विकास कार्यों के बारे में जानकारी भी ली। इस अवसर पर पार्षद गण नागेंद्र सिंह, संतोष राय, विजय गुप्ता, शिवपाल सावरिया, राजीव त्रिपाठी संतोष राय अरविंद मिश्रा अनुराग मिश्रा योगेश शुक्ला पूर्व पार्षद जितेन्द्र उपाध्याय तथा ममता मॉर्डन स्कूल के प्रबंधक ईशान शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

ऑनलाइन व्यवस्था से उद्यमियों को सुविधाओं का लाभ घर बैठे मिलेगा

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के चार जिलों मिर्जापुर, बांदा, गौतमबुद्ध नगर व अलीगढ़ में जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्रों के आधुनिकीकरण एवं उच्चीकरण हेतु 320 लाख रुपये धनराशि की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के क्रियान्वयन हेतु 50 करोड़ रुपये की धनराशि को स्वीकृत किया गया है।

यह जानकारी अपर मुख्य सचिव, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यम डा0 नवनीत सहगल ने दी। उन्होंने बताया कि जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र के समस्त क्रियाकलापों को सुगम बनाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की जा रही है। इससे उद्यमियों के आवेदन पत्रों का निस्तारण, मांगों की पूर्ति एवं समस्याओं का समाधान घर बैठे हो जायेगा। प्रदेश के समस्त जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र को ऑनलाइन करने हेतु आईसीआईसीआई बैंक के साथ समझौता भी किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश को ईज ऑफ डूईंग बिजनेस में नम्बर वन बनाने यह महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

डा सहगल ने बताया कि मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत उद्योग स्थापना हेतु 25 लाख रुपये तथा सेवा क्षेत्र के लिए 10 लाख रुपये तक ऋण बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा इसमें 25 प्रतिशत मार्जिन मनी अनुदान भी दे रही है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 5000 लोगों को इस योजना से लाभान्वित करने का लक्ष्य है। इसके लिए 9700 लाख रुपये मार्जिन मनी वितरण का प्रबंध है। अब तक 1430 लोगों को बैंको द्वारा ऋण स्वीकृत किया गया है, जिसके सापेक्ष 3403 लाख रुपये की मार्जिन मनी वितरित की जा चुकी है। उन्होंने बताया हाई स्कूल उत्तीर्ण और उत्तर प्रदेश का मूल निवासी व्यक्ति जिनकी उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच है, वह इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि आवेदक जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र में व्यक्ति सम्पर्क कर अथवा विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

गरीब कल्याण मेला दिवस

आज प्रदेश की महिला कल्याण, बाल विकस एवं पुष्टाहार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्वाती सिंह द्वारा ब्लॉक मुख्यालय सरोजनी नगर एवं ब्लॉक मुख्यालय काकोरी में आयोजित हो रहे गरीब कल्याण मेला दिवस पर पहुँच कर प्रदेश सरकार की योजनाओं के पात्र लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरण किया। उन्होंने इस अवसर पर आये लोगो से मुलाकात की और उनका हाल चाल भी लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा जन कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है जिसका लाभ पात्र व्यक्तियों को देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में जोड़ा जा रहा है।

सिंह ने बताया कि आज 25 सितम्बर, 2021 को ‘गरीब कल्याण दिवस’ के रूप में मनाया गया है। इस दिन प्रदेश के सभी विकास खण्डों में गरीबों के कल्याण हेतु राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी जनसामान्य को उपलब्ध करायी गई है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर प्रदेश के समस्त विकास खण्डों में जन आरोग्य मेलों का आयोजन किया गया है जिसमें आमजन का स्वास्थ्य परीक्षण, आयुष्मान कार्ड का वितरण तथा कोविड टीकाकरण आदि की व्यवस्था की गई। सभी प्रकार के ऋण वितरण की व्यवस्था, कृषि संयंत्रों के वितरण की व्यवस्था तथा प्रधानमंत्री आवास योजना/मुख्यमंत्री आवास योजना, शौचालय, स्वच्छ पेयजल तथा उज्जवला-2 योजना के अन्तर्गत गैस कनेक्शन दिए जाने की व्यवस्था तथा जनसामान्य को उपलब्ध कराए जाने वाले अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

सिंह ने बताया कि विधवा पेंशन/वृद्धावस्था पेंशन के कैम्प, खाद्य सुरक्षा के अन्तर्गत पात्र परिवारों को राशन कार्ड तथा खाद्य सामग्री का वितरण, गरीब बालिकाओं के विवाह हेतु संचालित योजना का लाभ पात्र बालिकाओं को दिये जाने की व्यवस्था तथा धात्री महिलाओं व कुपोषित बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं पोषाहार वितरण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया है। 

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मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड

प्रबन्ध निदेशक, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लि0, के दिशा निर्देशन में विद्युत चोरी रोकने हेतु चलाये जा रहे रात्रि अभियान तथा विशेष कॉम्बिंग अभियान के अन्तर्गत आज अपट्रॉन डिवीजन के अधिशासी अभियन्ता द्वारा उपखण्ड अधिकारी, नूरबाड़ी तथा विभागीय विजिलेंस टीम के साथ मिलकर सुल्तानपुर गढ़ैया, सआदतगंज लखनऊ में लाइन हानियां कम करने हेतु सघन कॉम्बिंग एवं बकाये पर विद्युत संयोजन के विच्छेदन का कार्य किया गया।

अभियान के दौरान क्षेत्र के लगभग 70 आवासीय परिसरों की जांच की गयी। जांच के दौरान 3 विद्युत उपभोक्ताओं ने मौके पर ही अपना विद्युत भार बढ़वाया तथा 5 विद्युत उपभोक्ताओं का संयोजन रू0 1.20 लाख बकाया होने पर विच्छेदित कर दिया गया। 4 विद्युत उपभोक्तओं द्वारा सीधे केबिल डालकर/मीटर बाईपास कर विद्युत चोरी पाई जाने पर विद्युत अधिनियम के अन्तर्गत धारा 135 में विद्युत थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी।





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