ताजा सर्वे का अनुमान, यूपी में फिर खिलेगा कमल, सपा के सीटों में भी होगा इजाफा

ताजा सर्वे का अनुमान, यूपी में फिर खिलेगा कमल, सपा के सीटों में भी होगा इजाफा

ताजा सर्वे के अनुसार उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली भाजपा की सरकार बन सकती है। यह सर्वे टाइम्स नाउ और पोल स्टार्ट की ओर से किया गया है। इस सर्वे को 9000 लोगों की राय पर के आधार पर किया गया है।

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने है। विधानसभा चुनाव को देखते हुए सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। इन सबके बीच सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि आखिर अगले साल विधानसभा चुनाव में कौन सी पार्टी जीत हासिल करेगी? इसको लेकर लगातार जनता के मन को टटोलने की कोशिश की जा रही है। इसी कड़ी में एक ताजा सर्वे आया है। ताजा सर्वे के अनुसार उत्तर प्रदेश में एक बार फिर से योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली भाजपा की सरकार बन सकती है। यह सर्वे टाइम्स नाउ और पोल स्टार्ट की ओर से किया गया है। इस सर्वे को 9000 लोगों की राय पर के आधार पर किया गया है।

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सर्वे का अनुमान

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी और सत्तारूढ़ भाजपा के बीच कड़ी टक्कर मानी जा रही है। हालांकि सर्वे इस बात का संकेत दे रहा है कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी फिलहाल भाजपा को दोबारा सत्ता में आने से रोकने में विफल दिख रही है। सर्वे के मुताबिक पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल में सपा और भाजपा के बीच नजदीकी टक्कर दिखाई दे रही है। इतना ही नहीं, सर्वे के आंकड़ों को मानें तो प्रियंका गांधी के जोर लगाने के बावजूद भी कांग्रेस को इसका सीधा लाभ मिलता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। मायावती का भी हाल खराब होता दिखाई दे रहा है।

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किसको कितनी सीटें

सर्वे के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी को 239 से 245 सीटें मिल सकती हैं जो कि 2017 की तुलना में काफी कम है। समाजवादी पार्टी की सीटों में इजाफा देखने को मिल रहा है। समाजवादी पार्टी 119 से 125 सीटों पर जीत हासिल कर सकती है। बसपा के खाते में 28 से 32 सीटें जा रही है जबकि कांग्रेस को 5 से 8 सीटें मिल सकती है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में अगले साल फरवरी-मार्च में चुनाव प्रस्तावित है। इस सर्वे में एक बात और भी निकल कर आया है कि भले ही भाजपा अपनी सीटों के आंकड़ों को पहले की तुलना में बढ़ा पाने में नाकामयाब दिखाई दे रही हो लेकिन उसका वोट प्रतिशत बढ़ रहा है। अखिलेश यादव के सीटों के साथ-साथ वोट प्रतिशत में भी बढ़ोतरी है जबकि मायावती को दोनों तरफ से नुकसान हो रहा है। 





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