टिड्डियों का हमला देख सहमे किसान, हाई अलर्ट पर प्रशासन, इन उपायों के जरिए बचाएं अपनी फसल

टिड्डियों का हमला देख सहमे किसान, हाई अलर्ट पर प्रशासन, इन उपायों के जरिए बचाएं अपनी फसल

ईरान से निकलीं और पाकिस्तान के रास्ते में भारत में पहुंची इन टिड्डियों ने शुरुआत में राजस्थान में घुसपैठ की और बाद में फिर मध्य प्रदेश में धावा बोल दिया।

नयी दिल्ली। पाकिस्तान के रास्ते भारत पहुंची टिड्डियों की वजह से किसान परेशान हैं। उन्हें फसलों के खराब हो जाने का डर सता रहा है। दरअसल, राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा को पार कर अब टिड्डी दल झांसी पहुंचा है। टिड्डी के एक दल ने उन्नाव के किसानों की मेहनत पर पानी फेरते हुए मक्के की कई बीघा फसल को चट दिया। जिसकी वजह से किसानों को लाखों की चपट लग चुकी है।

यूपी के 10 जिले हाई अलर्ट पर

ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्थान और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में आफत का सबब बने टिड्डी दल के प्रकोप के मद्देनजर राज्य के 10 जिलों को हाई अलर्ट पर रखा है। एक प्रवक्ता ने बताया कि मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के करीब 10 जिलों में टिड्डी दल के हमले का खतरा है। 

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ईरान से निकलीं और पाकिस्तान के रास्ते में भारत में पहुंची इन टिड्डियों ने शुरुआत में राजस्थान में घुसपैठ की और बाद में फिर मध्य प्रदेश में धावा बोल दिया।

प्रवक्ता ने बताया कि टिड्डी दल के हमले की आशंका के मद्देनजर स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने और टिड्डी दल को समाप्त करने या भगाने की सभी तैयारियां पूरी करने को कहा गया है। साथ ही उन्हें लोकस्ट वार्निंग ऑर्गेनाइजेशन की तकनीकी टीम तथा क्षेत्रीय निवासियों एवं कृषकों से लगातार तालमेल बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। गलत समय पर हुआ टिड्डी का हमला

पर्यावरण मंत्रालय में महानिरीक्षक (वन्यजीव) सौमित्र दासगुप्ता ने कहा कि यह रेगिस्तानी टिड्डी है जिसने बड़ी संख्या में भारत में हमला बोला है और इसके हमले से फसलों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि टिड्डी दल का भारत में आना सामान्य घटनाक्रम है लेकिन इस बार यह हमला बड़ा है। उन्होंने कहा कि इसमें बड़े टिड्डे हैं, मुख्य रूप से ऊष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों के हैं जिनमें उड़ने की अधिक क्षमता है और बड़े झुंडों में चलते हैं जिससे फसलों को बड़ा नुकसान होता है। 

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संयुक्त राष्ट्र ने पहले ही किया था आगाह

संयुक्त राष्ट्र की खाद्य एवं कृषि एजेंसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने आगाह किया था कि आजीविका और खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले मरुस्थलीय टिड्डियों का दल अगले महीने पूर्वी अफ्रीका से भारत और पाकिस्तान की ओर बढ़ सकता हैं और उनके साथ अन्य कीड़ों के झुंड भी आ सकते हैं।

टिड्डियों से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

  • टिड्डी को दुनिया में सबसे विनाशकारी प्रवासी कीट माना जाता है और एक वर्ग किलोमीटर में फैले एक झुंड में 8 से 15 करोड़ तक टिड्डी हो सकती हैं।
  • टिड्डियों को औसत आकार 2 से ढ़ाई इंच तक का होता है। इतना ही नहीं अगर डेढ़ लाख टिड्डियों का वजन किया जाए तो वह करीब एक टन तक हो सकता है।
  • टिड्डी के भीतर 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से एक दिन में 150 किमी तक उड़ने की क्षमता होती हैं।
  • विशेषज्ञों ने बताया कि हवा की दिशा की तरफ उड़ने वाले टिड्डियों का दल रात में हमला करता है और एक बार खाने के बाद करीब 100 किमी तक उड़ता रहता है। भूख लगते ही इलाके में मौजूद फसलों को नष्ठ कर देती हैं। 

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टिड्डियों से बचाव के उपाय

  • खेतों में टिड्डियों का हमला होने पर पटाखे, ढोल, नगाड़ा, थाली इत्यादि बजा बजाकर इन्हें बैठने ने दिया जाए।
  • टिड्डियों के बैठने के समय में कीटनाशकों का छिड़काव किया जाए। इससे टिड्डियों के दल को मारा जा सकता है।
  • माना जाता है कि टिड्डियों का दल सुबह 7 बजे से लेकर करीब शाम के 7 बजे तक उड़ता रहता हैं। इसके बाद टिड्डियां सो जाती हैं, जिसके बाद इन्हें मारा जा सकता है। 

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राजस्थान के कृषि विभाग ने जयपुर जिले में टिड्डियों को नियंत्रित करने के लिये कीटनाशक के छिड़काव करना शुरू कर दिया है और अब इसके लिए वह ड्रोन का सहारा ले रहे हैं। कृषि विभाग के आयुक्त ओमप्रकाश ने बताया कि हमने किराये पर लिए गये ड्रोन का उपयोग करना शुरू किया है और आने वाले कुछ दिनों के आवश्यकतानुसार और ड्रोन इस्तेमाल किए जाने की संभावना है। उन्होंने बताया कि ड्रोन ऊंचाई से कीटनाशक का छिड़काव करने में उपयोगी होते हैं।





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