• पहले टीके को लेकर भय पैदा करने वाले अब कीमत पर भ्रम पैदा कर रहे हैं: नकवी

नकवी ने कहा कि भगवान महावीर का पंचशील का सिद्धांत-- अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अचौर्य और ब्रह्मचर्य-- दुनिया के संकट का समाधान बन सकता है। जियो और जीने दो , यह वाक्य नहीं-विचार नहीं बल्कि मानव जीवन को सार्थक बनाने का सार है।

नयी दिल्ली। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने रविवार को विरोधी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग पहले कोरोना के स्वदेशी टीकों के प्रभाव पर भय पैदा कर रहे थे, वो अब टीकों की कीमत पर भ्रम पैदा कर रहे हैं। उन्होंने महावरी जयंती के अवसर पर आयोजित डिजिटल ‘सर्वधर्म सम्मेलन’ में यह भी कहा कि सभी को संकट के समाधान का हिस्सा बनना चाहिए, भय और भ्रम का किस्सा नहीं गढ़ना चाहिए। इस सम्मेलन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और विभिन्न धर्मगुरु शामिल हुए। नकवी ने कहा, ‘‘कोरोना के खिलाफ लड़ाई में “घबराहट” नहीं, “ बचाव, सावधानी, उपचार, ध्यान” ही हमें इस संकट से बाहर निकालेगा। शमशान-कब्रिस्तान के हॉरर शो से बाहर निकल कर समाज में भरोसा और विश्वास कायम करने के संकल्प के साथ सबको काम करना होगा।’’

उनके मुताबिक, केंद्र सरकार 150 रुपए प्रति खुराक की दर पर दोनों स्वदेशी टीके खरीद रही है और राज्यों को पूरी तरह निःशुल्क दे रही है नकवी ने कहा, ‘‘अभी तक देश भर में 13 करोड़ 83 लाख से ज्यादा लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। आज देश भर में 73 हजार 600 टीकाकरण केंद्र चल रहे हैं। लाखों लोगों को प्रतिदिन टीका लगाया जा रहा है।’’ केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया, ‘‘आज देश-दुनिया संकट और परीक्षा की घड़ी से गुजर रही है। इस आपदा को आफत बनने से रोकने में भगवान महावीर के सन्देश-सबक महत्वपूर्ण हैं।’’ नकवी ने कहा कि भगवान महावीर का पंचशील का सिद्धांत-- अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अचौर्य और ब्रह्मचर्य-- दुनिया के संकट का समाधान बन सकता है। जियो और जीने दो , यह वाक्य नहीं-विचार नहीं बल्कि मानव जीवन को सार्थक बनाने का सार है।