• पूर्व प्रधानमंत्री देवगौड़ा पर लगाया गया 2 करोड़ का जुर्माना, ये है पूरा मामला

दरअसल पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने 10 साल पहले एक टेलीविजन इंटरव्यू में नंदी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर एंटरप्राइजेज के खिलाफ अपमानजनक बयान दिया था। कंपनी के प्रवर्तक और प्रबंध निदेशक अशोक खेनी हैं, जो बीदर दक्षिण पूर्व के विधायक हैं। उन्होंने देवेगौड़ा के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।

पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा मुश्लि में फंसते हुए नजर आ रहे हैं। दरअसल, देवगौड़ा पर 10 साल पहले एक कंपनी के खिलाफ अपमानजनक बयान देने पर 2 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया गया है। उनके खिलाफ यह फैसला कर्नाटक में बेंगलुरु की एक अदालत ने सुनाया है। 

दरअसल पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा ने 10 साल पहले एक टेलीविजन इंटरव्यू में नंदी इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोर एंटरप्राइजेज के खिलाफ अपमानजनक बयान दिया था। कंपनी के प्रवर्तक और प्रबंध निदेशक अशोक खेनी हैं, जो बीदर दक्षिण पूर्व के विधायक हैं। उन्होंने देवगौड़ा के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।

28 जून 2011 को दिया था बयान 

आठवें नगर दीवानी और सत्र नयायाधीश मल्लनगौड़ा ने एनआईसीई के द्वारा दायर मुकदमे पर यह निर्देश दिया है। देवगौड़ा ने एक कन्नड़ समाचार चैनल को 28 जून 2011 एक इंटरव्यू दिया था जिसमें उनपर एनआईसीई के खिलाफ अपमानजनक बयान देने और कंपनी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगा है। 

इसी मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने देवगौड़ा के खिलाफ 2 करोड़ का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया है। जनता दल प्रमुख ने एनआईसीई परियोजना पर निशाना साधा था और उसे लूट बताया था। इस पर कोर्ट ने कहा कि जिस परियोजना पर सवाल किए गए उसे कर्नाटक हाईकोर्ट और उच्चतम न्यायालय ने अपने फैसलों में बरकरार रखा है।   

कंपनी की परियोजना कार्यान्वयन में होगी देरी- कोर्ट

कंपनी की परियोजना को लेकर 17 जून के फैसले में कोर्ट ने कहा कि यह राज्य के हित में है। अदालत ने कहा, अगर भविष्य में इस तरह के अपमानजनक बयान देने की अनुमति दी जाती है तो निश्चित रुप से राज्य के व्यापक जनहित वाली इस बड़ी परियोजना के कार्यान्वयन में देरी होगी। कोर्ट ने कहा कि प्रतिवादी के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा जारी करके ऐसे बयानों पर अंकुश लगाना जरुरी है।