यूपी के छोटे से जिले से एक ही परिवार के चार बच्चे बने आईएएस, आया रिकार्ड बुक में नाम

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देश की सर्वाेच्च परीक्षा आइएएस में सबसे ज्यादा सगे भाई-बहनों के रूप में स्थान बनाने वालों में प्रतापगढ़ के एक ही परिवार के इन चार लोगों की उपलब्धि रही है। इस कारण उनका नाम इंडिया बुक आफ रिकार्ड व एशिया बुक आफ रिकार्ड में दर्ज हुआ है।

उत्तर प्रदेश का प्रतापगढ़ जिला आजकल चार बहन-भाइयों की कामयाबी के चलते देश ही नहीं विदेश तक में चर्चा बटोर रहा है। दरअसल, इन चार भाई-बहनों ने एक साथ सिविल सेवा की परीक्षा पास की है। देश की सर्वाेच्च परीक्षा पास करके आईएएस अधिकारी के तौर पर  परचम लहरा रहे चार भाई-बहन योगेश,क्षमा,माधवी व लोकेश ने अपनी कामयाबी से विश्व स्तर पर कीर्तिमानों का रिकार्ड रखने वाली संस्थाओं में भी अपना परचम लहरा दिया है। देश की सर्वाेच्च परीक्षा आइएएस में सबसे ज्यादा सगे भाई-बहनों के रूप में स्थान बनाने वालों में प्रतापगढ़ के एक ही परिवार के इन चार लोगों की उपलब्धि रही है। इस कारण उनका नाम इंडिया बुक आफ रिकार्ड व एशिया बुक आफ रिकार्ड में दर्ज हुआ है।

आइएएस योगेश ने बताया कि छह माह पूर्व आवेदन किया गया था। सप्ताह भर पहले दोनों रिकार्ड में नाम दर्ज होने की अधिकृत रूप से पुष्टि की गई। इसी माह यानी सितंबर 2022 में दोनों संस्थाओं से सर्टिफिकेट व मेडल प्राप्त होगा। वे बोले कि गिनीज बुक आफ रिकार्ड में भी हम चारों भाई-बहनों के नाम दर्ज होने की प्रक्रिया चल रही है।  योगेश का दावा है कि शीघ्र ही खुद के मार्गदर्शन में एक वर्ष में सर्वाधिक अभ्यर्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित करवाने का रिकार्ड भी दर्ज कराने में सफल होंगे। बीते आठ वर्षों में अभी तक 150 परीक्षार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल कराने में सफलता हासिल हो चुकी है।

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प्रतापगढ़ जिले में लालगंज तहसील के इटौरी मकनपुर निवासी बड़ौदा ग्रामीण बैंक में शाखा प्रबंधक पद से रिटायर्ड अनिल मिश्र के चारों बच्चे शुरू से ही मेधावी थे। इनके बेटे योगेश व लोकेश और बेटी क्षमा व माधवी ने देश की सर्वाेच्च सेवा आइएएस परीक्षा में सफलता हासिल की। इन चारों की प्रारंभिक शिक्षा लालगंज के पुनीत जूनियर हाई स्कूल व इसके बाद इंटर तक की शिक्षा राम अंजोर मिश्र इंटर कालेज में हुई।

योगेश ने मोतीलाल नेहरू इलाहाबाद से बीटेक तथा क्षमा ने हेमवती नंदन बहुगुणा पीजी कालेज लालगंज से हिंदी में एमए की परीक्षा उत्‍तीर्ण की थी। तीसरे नंबर की माधवी ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से अर्थशास्त्र में पीजी किया। छोटे बेटे लोकेश ने दिल्ली से आइआइटी की पढ़ाई पूरी की। क्षमा का आइपीएस एवं योगेश का आइएएस में चयन हुआ। क्षमा बंगलौर में एवं योगेश शाहजहांपुर में तैनात हैं। वर्ष 2015 में माधवी व लोकेश का आइएएस पद पर चयन हुआ। माधवी इन दिनों रामगढ़ झारखंड एवं लोकेश कोडरमा झारखंड में तैनात हैं।

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राम अंजोर मिश्र इंटर कालेज के शिक्षक विजय तिवारी का कहना है कि चारों बच्‍चे बचपन से ही मेधावी थे, इनकी प्रतिभा को निखारने में वह खुद भी सम्मानित हो चुके हैं। चारों भाई-बहन अपनी सफलता में गुरुजनों के साथ ही पिता, मां कृष्णा, बाबा व प्रधानाचार्य रहे स्वर्गीय राम किशोर मिश्र, चाचा शिक्षक ज्ञान प्रकाश मिश्र को श्रेय देते हैं। फिलहाल एक ही परिवार से चार आइएएस होने से परिवार की ख्याति बढ़ी है और इलाके व जिले के लोग भी गर्व करते हैं।

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