कश्मीर को हिंसा और आतंक की आग में झोंकने के लिए अकेले गिलानी जिम्मेदार: राम माधव

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जून 29, 2020   18:56
कश्मीर को हिंसा और आतंक की आग में झोंकने के लिए अकेले गिलानी जिम्मेदार: राम माधव

भाजपा महासचिव राम माधव ने कहा कि यह व्यक्ति हजारों कश्मीरी युवाओं और परिवारों की जिंदगियां तबाह करने, घाटी को हिंसा और आतंक की आग में झोंकने के लिए अकेले जिम्मेदार है।

नयी दिल्ली। भाजपा महासचिव राम माधव ने सोमवार को कहा कि जम्मू एवं कश्मीर को हिंसा और आतंकवाद की आग में झोंकने के लिए अगर कोई एक व्यक्ति सबसे अधिक जिम्मेदार है तो वह अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी ही हैं। माधव का यह बयान ठीक उस दिन आया जब गिलानी ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के उस धड़े से अलग होने की घोषणा की जिसका गठन उन्होंने 2003 में किया था। उन्होंने कश्मीर के हजारों युवाओं व परिवारों की जिंदगी बर्बाद करने के लिए गिलानी को जिम्मेदार ठहराया। गिलानी पर हमला करते हुए माधव ने सवाल किया कि आज जो उन्होंने कदम उठाया है उससे उनके पूर्व में किए गए पाप धुल नहीं जाते। 

इसे भी पढ़ें: अलगाववादी नेता गिलानी ने पार्टी से दिया इस्तीफा, जानें क्या है हुर्रियत की पूरी कहानी? 

माधव ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘यह व्यक्ति हजारों कश्मीरी युवाओं और परिवारों की जिंदगियां तबाह करने, घाटी को हिंसा और आतंक की आग में झोंकने के लिए अकेले जिम्मेदार है। और अब बिना कोई कारण बताए हुर्रियत से इस्तीफा दे दिया। क्या ऐसा करने से इस व्यक्ति के पूर्व के सारे पाप धुल जाते हैं?’’ माधव, जम्मू एवं कश्मीर में भाजपा के मुख्य रणनीतिकार हैं। 

इसे भी पढ़ें: कश्मीर में बड़े आतंकवादी समूह का भंडाफोड़, लश्कर से जुड़े पांच आतंकवादी गिरफ्तार 

मीडिया के लिए जारी चार पंक्ति के पत्र और एक ऑडियो संदेश में, 90 वर्षीय नेता के प्रवक्ता ने कहा, “ गिलानी ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस फोरम से पूरी तरह से अलग होने की घोषणा की है।” गिलानी ने संगठन के सभी घटकों को विस्तृत पत्र लिखते हए हुर्रियत कॉन्फ्रेंस छोड़ने के अपने फैसले के पीछे के कारण बताए हैं। उन्हें इसका (संगठन का) आजीवन प्रमुख नामित किया गया था। गिलानी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के अलगाववादी नेता अवसरवादी हैं और उन्होंने निजी स्वार्थों के लिए कश्मीर के इस मंच का इस्तेमाल किया।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।