मवेशियों में फैले लम्पी चर्म रोग को राष्ट्रीय आपदा घोषित करे केन्द्र : गहलोत

Gehlot
प्रतिरूप फोटो
ANI
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मवेशियों में फैले संक्रामक लम्पी चर्म रोग को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग रविवार को करते हुए कहा कि उन्होंने इस संबंध में केन्द्र सरकार को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने राज्य को पूरी मदद देने का भरोसा दिलाया है।

जयपुर, 29 अगस्त। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मवेशियों में फैले संक्रामक लम्पी चर्म रोग को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग रविवार को करते हुए कहा कि उन्होंने इस संबंध में केन्द्र सरकार को पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय मंत्री पुरुषोत्तम रुपाला ने राज्य को पूरी मदद देने का भरोसा दिलाया है। गहलोत ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के जनप्रतिनिधि, पशुपालक, गौशाला संचालक, अधिकारी व आमजन से संवाद किया। उन्होंने सभी से लम्पी रोग के नियंत्रण एवं रोकथाम और बाढ़ राहत कार्य में राज्य सरकार का सहयोग करने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि मवेशियों में फैली इस बीमारी से निपटने के लिए सभी भेद-भाव और मतभेद से ऊपर उठकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार, जनप्रतिनिधि, पशुपालक, गौशाला संचालक व जनसहभागिता से यह बीमारी अब घट रही है। उन्होंने कहा कि लम्पी चर्म रोग की दवाइयों की कमी नहीं होने दी जा रही है। उन्होंने बताया कि टीके का अभी परीक्षण चल रहा है और विकल्प के रूप में अभी गोट पॉक्स टीके का उपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लम्पी रोग से मरने वाले पशुओं का निस्तारण वैज्ञानिक तरीके से हो रहा है, जिससे संक्रमण पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।

उन्होंने बताया कि सभी जिलों में नियंत्रण कक्ष स्थापित गए हैं और रोग को लेकर आमजन में फैल रही भ्रांतियों को दूर करने के लिए गांव-ढाणी तक जन-जागरुकता अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गौशालाओं की साफ-सफाई, सोडियम हाइपोक्लोराइट के छिड़काव, फॉगिंग तथा जेसीबी की उपलब्धता भी सुनिश्चित कराई गई है। बैठक में कृषि एवं पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि प्रदेश में अब तक लम्पी रोग से आठ लाख मवेशियों के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जिनमें से 7.40 लाख का उपचार हुआ है और लगभग 4.30 लाख पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि पश्चिमी राजस्थान में संक्रमण की दर तेजी से घट रही है। पशुपालन विभाग के अनुसार, शनिवार तक राज्य में लम्पी रोग से 34,243 मवेशियों की मौत हुइ्र है। गोपालन मंत्री प्रमोद जैन भाया ने कहा कि यह महामारी देश के 16 राज्यों में फैल गई है और राज्य सरकार भी इस बीमारी को लेकर काफी चिंतित है। उन्होंने बताया कि आरसीडीएफ द्वारा अब तक गोट पॉक्स के छह लाख टीके वितरित किए जा चुके हैं। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से बैठक में शामिल नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया व विधायक और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनियां ने लम्पी बीमारी की रोकथाम के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

टीकाकरण व मृत पशुओं के निस्तारण के संबंध में सुझाव देते हुए उन्होंने राज्य सरकार को पूर्ण सहयोग का भी आश्वासन दिया। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अतिवृष्टि से हुए नुकसान और बाढ़ प्रभावितों के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। गहलोत ने हाल ही में बाढ़ से प्रभावित छह जिलों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया है। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को जिलों की सभी व्यवस्थाओं, राहत और बचाव कार्यों की नियमित निगरानी और बाढ़ से हुए नुकसान का एक ज्ञापन तैयार कर केंद्र सरकार को भेजने का भी निर्देश दिया।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


अन्य न्यूज़