केंद्र सरकार को संसद तथा विधायिका में 33 फीसदी आरक्षण देने के लिए दम उठाना चाहिए: बीजद

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Jul 8 2019 3:53PM
केंद्र सरकार को संसद तथा विधायिका में 33 फीसदी आरक्षण देने के लिए दम उठाना चाहिए: बीजद
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भाजपा के नारायण लाल पंचारिया ने विशेष उल्लेख के जरिये, राष्ट्रीय आपदा कोष में गठित उच्च स्तरीय समिति में राजस्थान को प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग उठाई। माकपा सदस्य के एस सोमाप्रसाद ने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार का और अन्नाद्रमुक की विजिला सत्यानंद ने कन्याकुमारी से ले कर तृणवेली जिले की सभी रेलवे लाइनों के दोहरीकरण का मुद्दा उठाया।

नयी दिल्ली। राज्यसभा में सोमवार को बीजू जनता दल के एक सदस्य ने महिलाओं को संसद तथा विधायिकाओं में 33 फीसदी आरक्षण दिए जाने की मांग उठाई। बीजद के सस्मित पात्रा ने विशेष उल्लेख के जरिये यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि आधी आबादी को संसद तथा विधायिकाओं में 33 फीसदी आरक्षण दिए जाने के बारे में कोई चर्चा नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि ओडिशा में महिलाओं को यह सुविधा दी गई है जिसका विभिन्न राजनीतिक दलों ने स्वागत किया था। पात्रा ने कहा कि केंद्र सरकार को संसद तथा विधायिका में 33 फीसदी आरक्षण देने के लिए तत्काल कदम उठाना चाहिए। विशेष उल्लेख के जरिये ही भाजपा के सत्यनारायण जटिया ने शिक्षा का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि टीकाकरण अभियान की तरह ही शिक्षा केंद्र तक आना सबके लिए अनिवार्य किया जाना चाहिए। 

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भाजपा के नारायण लाल पंचारिया ने विशेष उल्लेख के जरिये, राष्ट्रीय आपदा कोष में गठित उच्च स्तरीय समिति में राजस्थान को प्रतिनिधित्व दिए जाने की मांग उठाई। माकपा सदस्य के एस सोमाप्रसाद ने शिक्षा के क्षेत्र में सुधार का और अन्नाद्रमुक की विजिला सत्यानंद ने कन्याकुमारी से ले कर तृणवेली जिले की सभी रेलवे लाइनों के दोहरीकरण का मुद्दा उठाया। तृणमूल कांग्रेस के डॉ शांतनु सेन, सपा के विशंभर प्रसाद निषाद, कांग्रेस की वानसुक सियाम और इसी पार्टी के हुसैन दलवई ने भी विशेष उल्लेख के जरिये लोकमहत्व से जुड़े मुद्दे उठाए।



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