कांग्रेस प्रवक्ताओं की TV पर हो सकती है वापसी, वल्लभ को मिल रही शाबाशी

कांग्रेस प्रवक्ताओं की TV पर हो सकती है वापसी, वल्लभ को मिल रही शाबाशी

इस विज्ञप्ति में कहा गया था कि कांग्रेस का कोई भी प्रवक्ता टीवी चैनलों पर न जाए। जिसका मतलब साफ था कि पार्टी को अब चैनलों में जलालत न झेलनी पड़े।

लोकसभा चुनाव 2019 में मिली करारी हार के बाद इंडियन नेशनल कांग्रेस को गहरा सदमा लगा था। जिसके बाद तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी चाहते थे कि कोई भी नेता या प्रवक्ता टीवी मीडिया के समक्ष कुछ न बोले। इसके लिए उन्होंने एक विज्ञप्ति जारी की थी। इस विज्ञप्ति में कहा गया था कि कांग्रेस का कोई भी प्रवक्ता टीवी चैनलों पर न जाए। जिसका मतलब साफ था कि पार्टी को अब चैनलों में जलालत न झेलनी पड़े।

यह निर्णय लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद लिया गया था। हालांकि इसके बाद पार्टी में बहुत कुछ बदला भी क्योंकि राहुल गांधी ने हार की जिम्मेदारी लेते हुए पद से इस्तीफा दे दिया और फिर शुरू होता है कांग्रेस के भीतर का असल ड्रामा। आपको बता दें कि महीनों तक अध्यक्ष पद के लिए चली कवायद सोनिया गांधी के नाम पर आकर ठहर गई और सोनिया गांधी को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्षा चुना गया।

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इसके बाद अब कांग्रेस पार्टी विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुट गई है। एक तरफ पार्टी नए-नए राष्ट्रीय प्रवक्ताओं की नियुक्त कर रही है तो दूसरी तरफ पार्टी ने ही निर्देश दिया था कि कोई भी प्रवक्ता टीवी चैनलों की डिबेट का हिस्सा न बनें। अब आप सोच रहे होंगे जब ऐसा है तो फिर इसमें नया क्या है। नया यह है कि एक प्रख्यात टीवी चैनल के कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा को कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने चुप करा दिया था। हां, संबित पात्रा को चुप करा पाना बहुत मुश्किल होता है लेकिन गौरव वल्लभ ने यह उपलब्धि हासिल कर ली। 

गौरव वल्लभ के इस अंदाज को देखने के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से बातचीत की कि राहुल गांधी द्वारा जारी किए गए उस निर्देश को खारिज कर दिया जाए। जिसमें टीवी चैनलों से दूरी बनाने की बात कही गई थी।

छिन रहा प्रवक्ताओं का जनाधार

कांग्रेस पार्टी के निर्देश के बाद पार्टी के नेताओं और प्रवक्ताओं को भारी नुकसान हुआ था। प्रवक्ताओं को जनाधार तो टीवी डिबेट से ही मिलता है और कुछ नेता ऐसे भी थे जिनकी रोजी-रोटी प्रवक्ता के तौर पर ही चल रही थी। ऐसा इसलिए था क्योंकि न तो उनका कोई संसदीय क्षेत्र था और न ही उन्हें कहीं से चुनाव लड़ाया जाता था। 

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इतना ही नहीं इन प्रवक्ताओं को ऑक्सीजन इन्हीं टीवी डिबेट से ही मिलती है। पार्टी को भले ही कितना नुकसान क्यों न हुआ हो लेकिन प्रवक्ताओं के लिए तसल्ली की बात यह थी कि उन्हें हर रोज किसी-न-किसी चैनल पर अपनी बात रखने का मौका मिल जाता था और ऐसे में वह आम जनता के बीच बने भी रहते थे।

लेकिन हालिया भर्ती देखने के बाद लग रहा है कि पार्टी आलाकमान एक बार फिर से पुरानी स्थिति को बहाल करने के बारे में विचार कर रहा है।

गौरव वल्लभ को मिल रही जमकर शाबाशी

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने जैसे ही पांच ट्रिलियन इकोनामी की बात कही तो कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने उन्हीं से पूछ लिया कि क्या आपको पता है इसमें कितने शून्य होते हैं। वल्लभ के इस सवाल का पात्रा जवाब नहीं दे पाए। यह वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है और उन्हें कांग्रेस का नया हीरो बताया जा रहा है। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भी वह आजकल मीडिया के समक्ष पार्टी का पक्ष रखते हुए दिखाई दे रहे हैं। 

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प्रवक्ताओं को सता रहा डर

गौरव वल्लभ के अचानक सुर्खियां बटोरने के बाद अब राष्ट्रीय प्रवक्ताओं को डर सता रहा है कि कहीं वल्लभ हमसे आगे न निकल जाए। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक प्रवक्ताओं ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से बातचीत की और उन्हें मना भी लिया है। जिसके बाद अब प्रवक्ताओं को जल्द ही टीवी चैनलों पर कांग्रेस पार्टी का पक्ष रखते हुए सुना जा सकेगा।





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