JCP पैनल ने सुझाए 81 बदलाव, सरकार ने वापस लिया Personal Data Protection Bill

Personal Data Protection Bill
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अभिनय आकाश । Aug 03, 2022 6:41PM
केंद्रीय सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि जेसीपी की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक कानूनी ढांचे पर काम किया जा रहा है। इसलिए 'व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2019 को वापस लेने और एक नया विधेयक जो व्यापक कानूनी ढांचे में फिट बैठता हो पेश किया जाएगा।

केंद्रीय सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2019 को वापस ले लिया। संयुक्त संसदीय समिति द्वारा इसमें 81 संशोधनों का सुझाव दिए जाने के बाद केंद्र सरकार ने बुधवार को व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक को वापस ले लिया गया। केंद्र अब संयुक्त संसदीय समिति की सिफारिशों के अनुसार एक नया विधेयक लाने के लिए एक व्यापक कानूनी ढांचे पर काम कर रहा है। सोशल मीडिया कंपनियों और डेटा एक्टिविस्ट सहित सभी हितधारकों के साथ नए सिरे से विचार-विमर्श किया जाएगा। वैष्णव ने एक बयान में कहा, “व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2019 पर संसद की संयुक्त समिति द्वारा बहुत विस्तार से विचार किया गया। डिजिटल इकोसिस्टम पर व्यापक कानूनी ढांचे की दिशा में 81 संशोधन प्रस्तावित किए गए और 12 सिफारिशें की गईं।

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केंद्रीय सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि जेसीपी की रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए एक व्यापक कानूनी ढांचे पर काम किया जा रहा है। इसलिए 'व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2019 को वापस लेने और एक नया विधेयक जो व्यापक कानूनी ढांचे में फिट बैठता हो पेश किया जाएगा। डेटा सुरक्षा कानून कई सालों से विचाराधीन है, वहीं मौजूदा विधेयक ने बड़ी टेक कंपनियों को चिंतित कर दिया था। नागरिक समाज समूहों ने भी बिल में सरकार को दिए गए ओपन-एंडेड अपवादों की आलोचना की थी।

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पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन बिल दिसंबर, 2019 में पेश किया गया था, जिसमें व्यक्तियों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा प्रदान करने और डेटा सुरक्षा प्राधिकरण स्थापित करने की मांग की गई थी। हालांकि कांग्रेस और टीएमसी ने बिल का विरोध करते हुए दावा किया था कि यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। फिर इसे विचार-विमर्श के लिए संसद की एक संयुक्त समिति के पास भेजा गया।

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