हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल यूथ होस्टल्स एसोसिएशन आॅफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल यूथ होस्टल्स एसोसिएशन आॅफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए

राज्यपाल ने कहा कि गोवा के वन मंत्री रहते हुए उन्होंने गोवा में एक पक्षी महोत्सव का आयोजन किया था। उन्होंने यह जानकारी भी प्राप्त हुई थी कि वाईएचएआई द्वारा प्रकृति और पर्यावरण से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने वाईएचएआई द्वारा विभिन्न प्रकार के आयोजनांे के लिए सराहना करते हुए कहा कि उन्हें पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कार्यक्रमों का भी आयोजन करना चाहिए।

शिमला   हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने आज नई दिल्ली में यूथ होस्टल्स एसोसिएशन आॅफ इंडिया वाईएचएआई की राष्ट्रीय परिषद् की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि वाईएचएआई एक वैश्विक युवा संगठन है। उन्होंने कहा कि भारत एक युवा राष्ट्र है और यह हमारा कत्र्तव्य बनता है कि युवाओं की ऊर्जा का उपयोग सकारात्मक और रचनात्मक तरीकें से करें।

राज्यपाल को सर्वसम्मति से एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया। इस अवसर पर उन्होंने देश के विभिन्न भागों से आए वाईएचएआई के सदस्यों द्वारा उन पर विश्वास व्यक्त करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि निर्विरोध चुने जाने पर वह सम्मानित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय संगठन का 11 वर्षों से नेतृत्व करने के लिए वाईएचएआई के निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद शफी पंडित की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सभी बाधाओं के बावजूद एसोसिएशन का मार्गदर्शन किया।

राज्यपाल ने कहा कि गोवा के वन मंत्री रहते हुए उन्होंने गोवा में एक पक्षी महोत्सव का आयोजन किया था। उन्होंने यह जानकारी भी प्राप्त हुई थी कि वाईएचएआई द्वारा प्रकृति और पर्यावरण से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने वाईएचएआई द्वारा विभिन्न प्रकार के आयोजनांे के लिए सराहना करते हुए कहा कि उन्हें पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कार्यक्रमों का भी आयोजन करना चाहिए। उन्होंने नए पदाधिकारियों से अनछुए क्षेत्रों में नए कार्यक्रम संचालित करने का आग्रह किया।

श्री आर्लेकर ने कहा कि संगठन में शक्ति होती है और शक्ति से सफलता हासिल होती है। उन्होंने कहा कि एक साथ संगठित होना शुरुआत है, साथ रहना प्रगति है और एक साथ काम करने से सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने सुझाव दिया कि वाइएचएआई  को मौजूदा गतिविधियों के अलावा युवाओं को प्रकृति से जोड़ने के प्रयास करनेे चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा नेतृत्व और प्रकृति दोनों के मध्य सांमजस्य होना अति आवश्यक हैं।

उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर सफलता की ओर आगे बढ़ रहे हैं और हमें युवाओं के विचारों को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि उनके अध्यक्ष के रूप में चुने जाने के साथ ही अब उन्हें इस एसोसिएशन को और आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने सदस्यों से कहा कि शिमला के साथ-साथ दिल्ली और गोवा में भी उनका स्वागत है।

इस अवसर पर, श्री आर्लेकर ने राष्ट्रीय अध्यक्ष एस. वेंकट नारायणन, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष मनोज जौहरी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपेश के. पांडे और अन्य नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का भी आभार व्यक्त किया।





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