तेजस पर हैमर का तड़का, 70 किलोमीटर तक किसी भी बंकर को कर देगा नेस्तनाबूद

तेजस पर हैमर का तड़का, 70 किलोमीटर तक किसी भी बंकर को कर देगा नेस्तनाबूद

हाइली एजाइल म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज (हैमर) मिसाइलों की पहली खेप राफेल विमानों के लिए मिली थी और फ्रांस की ओर से इनकी आपूर्ति शुरू हुई थी। ये उंचाई पर मौजूद चीनी सेना और उनके बंकरों को उड़ाने में पूरी तरह से सक्षम है।

आपको बालाकोट एयर स्ट्राइक तो बखूबी याद होगा। जिसे अंजाम देने के बाद भारतीय वायुसेना ने संपूर्ण जगत को अपने पराक्रम का लोहा मनवाया था। लेकिन उससे भी ज्यादा विध्वंसक और धारदार तरीके से टारगेट पर सटीक निशाना लगाने के लिए इंडियन एयरफोर्स ने हैमर मिसाइल को अपने हथियारों के जखीरे में शामिल किया है। हैमर मिसाइल पलक झपकते ही दुश्मनों के हौसले पस्त कर सकता है। कहा तो ये भी जा रहा है कि एक बार जहां इसकी धमक पड़ी वहां धरती नहीं पाताल लोक ही नजर आएगा। 

हैमर मिसाइल को 250 किलोग्राम का बम कहा जा सकता है पाकिस्तान और चीन ने हिमालय के निकट अत्याधिक ऊंचाई पर या तिब्बत में अपने बंकर बना रखें हैं, उनसे निपटने के लिए भारत ने हैमर मिसाइल का ऑर्डर किया है। ये बालाकोट एयरस्ट्राइक से कई गुना सटीक हमले को अंजाम दे सकता है। इसके हमले की जद में आने वाला दुश्मन दोबारा खड़ा हो सकने की दूर-दूर तक सोच भी नहीं सकता है। इस मिसाइल को 250 किलोग्राम का बम कहा जा सकता है।

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70 किलोमीटर से अधिक दूरी तक बंकरों को उड़ाने में सक्षम

हाइली एजाइल म्यूनिशन एक्सटेंडेड रेंज (हैमर) मिसाइलों की पहली खेप राफेल विमानों के लिए मिली थी और फ्रांस की ओर से इनकी आपूर्ति शुरू हुई थी। ये उंचाई पर मौजूद चीनी सेना और उनके बंकरों को उड़ाने में पूरी तरह से सक्षम है। इन मिसाइलों की सबसे खास बात है कि 70 किलोमीटर से अधिक दूरी तक किसी भी मजबूत बंकर को भी ध्वस्त करने में सक्षम है।

हैमर मिसाइलों के बाद बढ़ेगी तेजस की क्षमता

फ्रांस से भारत को हैमर मिसाइल मिली है। जिसे एलसीए तेजस फाइटर जेट में लगाया जाएगा। हैमर मिसाइलों के बाद तेजस की क्षमता और भी ज्यादा बढ़ जाएगी। हैमर मिसाइल से लैस होकर तेजस दुश्मन के बंकर को दूर से ही ध्वस्त कर सकेगा। हैमर की खासियत है कि यह दुश्‍मन के एयर डिफेंस सिस्‍टम की नजर में नहीं आ पाता।





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