हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज कोरोना से संक्रमित, 2 हफ्ते पहले लिया था कोविड का टीका

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  दिसंबर 5, 2020   14:12
  • Like
हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज कोरोना से संक्रमित, 2 हफ्ते पहले लिया था कोविड का टीका

उन्होंने बताया था कि उन्होंने ही ट्रायल में हिस्सा लेने की पेशकश की थी। कोवैक्सिन स्वदेशी टीका है और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के साथ मिलकर भारत बायोटेक इसे विकसित कर रही है।

चंडीगढ़। हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने पिछले महीने परीक्षण के तौर पर कोरोना वायरस के खिलाफ विकसित किए जा रहे स्वदेशी कोवैक्सिन का टीका लिया था। विज ने ट्वीट करके शनिवार को संक्रमित होने की जानकारी दी। उन्होंने एक ट्वीट के माध्यम से जानकारी देते हुए अपील की है कि हाल में उनके संपर्क में जो लोग आए हैं, वे जांच करा लें। उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘ मैं कोरोना वायरस संक्रमित पाया गया हूं और अम्बाला कैंट के सिविल अस्पताल में भर्ती हूं। जो लोग भी मेरे संपर्क में आए हैं, उन्हें जांच कराने की सलाह दी जाती है।’’

जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के तीन सदस्यों वाले एक प्रतिनिधि मंडल ने विज से शुक्रवार को मुलाकात की थी और कृषि कानूनों के खिलाफ ‘दिल्ली चलो’ मार्च में शामिल होने वाले किसानों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने की अपील की थी। जेजेपी राज्य में भाजपा की सहयोगी पार्टी है। इस प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व पार्टी की राज्य इकाई के अध्यक्ष निशान सिंह कर रहे थे और वरिष्ठ पार्टी नेता दिग्विजय सिंह चौटाला इसका हिस्सा थे। योग गुरु रामदेव ने भी मंगलवार को विज से मुलाकात की थी। विज ने कोविड-19 के खिलाफ संभावित टीके कोवैक्सिन के तीसरे चरण के परीक्षण में पहला स्वयंसेवी बनने की पेशकश की थी और उन्हें 20 नवंबर को इसकी खुराक अम्बाला कैंट के सिविल अस्पताल में दी गई थी। 

इसे भी पढ़ें: अनिल कपूर की कोरोना रिपोर्ट आयी नेगिटिव लेकिन बंद की गयी फिल्म की शूटिंग, जानें क्या है वजह

विज ने तब एक ट्वीट में बताया था, ‘‘ मुझे भारत बायोटेक उत्पाद का कोरोना वायरस का परीक्षण टीका कोवैक्सिन कल 11 बजे अम्बाला कैंट के सिविल अस्पताल में पीजीआई रोहतक और स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की एक टीम की निगरानी में दिया जाएगा।’’ उन्होंने बताया था कि उन्होंने ही ट्रायल में हिस्सा लेने की पेशकश की थी। कोवैक्सिन स्वदेशी टीका है और भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के साथ मिलकर भारत बायोटेक इसे विकसित कर रही है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


पं. बृजलाल द्विवेदी स्मृति अखिल भारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान से अलंकृत किए जाएंगे देवेन्द्र कुमार बहल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 28, 2021   15:02
  • Like
पं. बृजलाल द्विवेदी स्मृति अखिल भारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान से अलंकृत किए जाएंगे देवेन्द्र कुमार बहल

वर्ष 2012 से संकल्पसिद्ध शिक्षार्थी भाव से हिन्दी जगत् को ‘अभिनव इमरोज़’ एवं ‘साहित्य नंदिनी’ जैसे दो महत्वपूर्ण पत्रिकाएं देकर अपनी सेवा भाव का प्रत्यक्ष प्रमाण दे रहे हैं।

नई दिल्ली। मासिक साहित्यिक पत्रिका ‘अभिनव इमरोज़’ (नई दिल्ली) के संपादक देवेन्द्र कुमार बहल को इस वर्ष का पंडित बृजलाल द्विवेदी स्मृति अखिल भारतीय साहित्यिक पत्रकारिता सम्मान दिया जाएगा। 7 फरवरी को ऑनलाइन आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम में उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। देवेन्द्र कुमार बहल हिंदी प्रेम और अपने गुरु स्वर्गीय डॉ. त्रिलोक तुलसी की प्रेरणा से 70 वर्ष की आयु में संपादन-प्रकाशन की दुनिया में खींचे चले आए। वर्ष 2012 से संकल्पसिद्ध शिक्षार्थी भाव से हिन्दी जगत् को ‘अभिनव इमरोज़’ एवं ‘साहित्य नंदिनी’ जैसे दो महत्वपूर्ण पत्रिकाएं देकर अपनी सेवा भाव का प्रत्यक्ष प्रमाण दे रहे हैं। 

इसे भी पढ़ें: दुनिया को भारत ने सिखाया आपदा में अवसर तलाशना: गजेंद्र सिंह शेखावत

त्रैमासिक पत्रिका ‘मीडिया विमर्श’ के कार्यकारी संपादक प्रो संजय द्विवेदी ने बताया कि यह पुरस्कार प्रतिवर्ष हिंदी की साहित्यिक पत्रकारिता को सम्मानित करने के लिए दिया जाता है। इस अवॉर्ड का यह 13वां वर्ष है। ‘मीडिया विमर्श’ द्वारा शुरू किए गए इस अवॉर्ड के तहत ग्यारह हजार रुपए, शॉल, श्रीफल, प्रतीक चिन्ह और सम्मान पत्र दिया जाता है। पुरस्कार के निर्णायक मंडल में नवभारत टाइम्स, मुंबई के पूर्व संपादक विश्वनाथ सचदेव, छत्तीसगढ़ ग्रंथ अकादमी, रायपुर के पूर्व निदेशक रमेश नैयर तथा इंदिरा गांधी कला केंद्र, दिल्ली के सदस्य सचिव डॉ. सच्चिदानंद जोशी शामिल हैं।

इसे भी पढ़ें: IIMC में पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन, 31 जनवरी तक चलेगा स्वच्छता पखवाड़ा

इससे पूर्व यह सम्मान वीणा (इंदौर) के संपादक स्व. श्यामसुंदर व्यास, दस्तावेज (गोरखपुर) के संपादक डॉ. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी, कथादेश (दिल्ली) के संपादक हरिनारायण, अक्सर (जयपुर) के संपादक डॉ. हेतु भारद्वाज, सद्भावना दर्पण (रायपुर) के संपादक गिरीश पंकज, व्यंग्य यात्रा (दिल्ली) के संपादक डॉ. प्रेम जनमेजय, कला समय (भोपाल) के संपादक विनय उपाध्याय, संवेद (दिल्ली) के संपादक किशन कालजयी, अक्षरा (भोपाल) के संपादक कैलाशचंद्र पंत, अलाव (दिल्ली) के संपादक रामकुमार कृषक, प्रेरणा (भोपाल) के संपादक अरुण तिवारी और युगतेवर (सुल्तानपुर) के संपादक कमल नयन पाण्डेय को दिया जा चुका है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


जानिए कौन है लाल किले पर धार्मिक झंडा लगाने वाला जुगराज, परिवार पर है चार लाख का कर्ज

  •  अंकित सिंह
  •  जनवरी 28, 2021   14:53
  • Like
जानिए कौन है लाल किले पर धार्मिक झंडा लगाने वाला जुगराज, परिवार पर है चार लाख का कर्ज

पुलिस का शिकंजा कसता देख गांव में भगदड़ सी मच गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक झंडा लगाने वाले जुगराज सिंह का परिवार फ़िलहाल गायब हो गया है। पुलिस लगातार छानबीन कर रही है।

26 जनवरी को दिल्ली में हुए किसान परेड के दौरान लाल किले पर खालसा झंडा लगाने वाला युवक जुगराज सिंह बताया जा रहा है। जुगराज पंजाब के तरनतारन के गांव तारा सिंह का रहने वाला है। जुगराज सिंह मध्यमवर्गीय परिवार से आता था और ढाई वर्ष पहले चेन्नई में वह निजी काम करने चला गया था। हालांकि 5 महीने पहले ही वह पंजाब लौटा था और खेती किसानी का काम करने लगा था। इन सब के बीच जैसे ही किसान आंदोलन शुरू हुआ, जुगराज सिंह उसमें सक्रिय हो गया। 

इसे भी पढ़ें: जांबाजों के अद्मय साहस को वीरता सम्मान, जानें राष्ट्रपति वीरता पदक पाने वाले वीरों के नाम

ग्रामीणों का दावा है कि जुगराज सिंह सिर्फ मैट्रिक पास है। गांव वालों ने ही टीवी पर खबर देखने के बाद यह दावा किया था कि लाल किले पर झंडा लगाने वाला युवक उसी के गांव का जुगराज सिंह है। 26 जनवरी के दिन पुलिस युवराज के घर भी पहुंची थी और परिवार वालों से पूछताछ भी किया था। जुगराज सिंह के दादा मेहल सिंह ने भी इस बात को स्वीकार किया है कि लाल किले पर झंडा लगाने वाला उन्हीं का पोता है। हालांकि, उन्होंने यह भी दावा किया कि उनका परिवार या उसका कोई सदस्य कभी भी किसी गैर सामाजिक गतिविधि में शामिल नहीं रहा है।

इसे भी पढ़ें: जेल से बाहर तो आ गयीं शशिकला, लेकिन क्या पूरा हो पायेगा वो अधूरा ख्वाब ?

जुगराज के दादा ने बताया कि परिवार के पास 2 एकड़ जमीन है। 3 भैंस और एक गाय भी है। परिवार पर चार लाख का कर्ज भी है। वहीं, दादी ने बताया कि जुगराज गांव के गुरुद्वारे में निशान साहिब पर चोला चढ़ाने का सेवा करता था। गांववालों ने दावा किया कि जोश में आकर वह लाल किले पर चढ़ गया होगा और झंडा चढ़ा दिया होगा। गांव वालों ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है। लगातार जुगराज के घर पर पुलिस दबिश दे रही है। गांव वाले दावा कर रहे हैं कि ऐसी कोई योजना थी ही नहीं लेकिन उसने जो किया वह गलत था। पुलिस का शिकंजा कसता देख गांव में भगदड़ सी मच गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक झंडा लगाने वाले जुगराज सिंह का परिवार फ़िलहाल गायब हो गया है। पुलिस लगातार छानबीन कर रही है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


बजट सत्र से पहले विपक्ष ने दिखाए सख्त तेवर, राष्ट्रपति के भाषण का करेंगे बहिष्कार

  •  अंकित सिंह
  •  जनवरी 28, 2021   14:39
  • Like
बजट सत्र से पहले विपक्ष ने दिखाए सख्त तेवर, राष्ट्रपति के भाषण का करेंगे बहिष्कार

कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ है। उनकी मांग है कि सरकार तत्काल इन तीन कृषि कानूनों को निरस्त करें।

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि राष्ट्रपति के संसद की संयुक्त बैठक के संबोधन का 16 विपक्षी दल किसानों के मुद्दे को लेकर बहिष्कार करेंगे। विपक्षी दलों ने गणतंत्र दिवस के दिन हिंसा के मामले में केंद्र की भूमिका की जांच की मांग की। आजाद ने कहा कि इस फैसले के पीछे प्रमुख कारण यह है कि विधेयकों (फार्म कानून) को विपक्ष के बिना, सदन में जबरन पारित किया गया।

आपको बता दें कि कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ है। उनकी मांग है कि सरकार तत्काल इन तीन कृषि कानूनों को निरस्त करें। गौरतलब है कि इन तीन कृषि कानूनों को लेकर किसान लगभग 60 दिनों से दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept