केरल में भारी बारिश, IMD ने एर्णाकुलम, इडुक्की, त्रिशूर में रेड अलर्ट किया घोषित, बांधों में जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंचे

Heavy Rainfall
प्रतिरूप फोटो

केरल के जल संसाधन मंत्री रोशी ऑगस्टाइन ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि राज्य के दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश को देखते हुए वहां बढ़ते जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए अपराह्न दो बजे बांध के द्वार 40 सेंटीमीटर तक उठाने का निर्णय लिया गया है।

पथनमथिट्टा। केरल के विभिन्न हिस्सों में शनिवार रात से हो रही भारी बारिश के मद्देनजर भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने रविवार के लिए मध्य केरल के एर्णाकुलम, इडुक्की और त्रिशूर जिले में रेड अलर्ट घोषित किया है। भारी बारिश के कारण राज्य के विभिन्न बांधों में जल स्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया, जिसके परिणाम स्वरूप दोपहर में इडुक्की जलाशय के चेरुथोनी बांध के एक द्वार को खोल दिया गया। केरल के जल संसाधन मंत्री रोशी ऑगस्टाइन ने एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि राज्य के दक्षिणी हिस्सों में भारी बारिश को देखते हुए वहां बढ़ते जल स्तर को नियंत्रित करने के लिए अपराह्न दो बजे बांध के द्वार 40 सेंटीमीटर तक उठाने का निर्णय लिया गया है। इडुक्की जलाशय का जल स्तर सुबह 10 बजे 2398.80 फुट था, जोकि 2399.03 फुट के खतरे के निशान के करीब था। 

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राज्य सरकार के अनुसार सुबह हुई भारी बारिश के दौरान पेरियार नदी के अलावा विभिन्न स्थानों पर जल स्तर बढ़ता देखा गया। दक्षिणी केरल के कई हिस्सों में भारी बारिश से सड़कों पर पानी भर गया है, वहीं कुछ हिस्सों में भूस्खलन भी हुआ है। इडुक्की जिला प्रशासन ने बताया कि तमिलनाडु सरकार के मुताबिक रविवार सुबह मुल्लापेरियार बांध में जलस्तर 140 फुट तक पहुंच गया। नतीजतन, पेरियार नदी के दोनों किनारों पर रहने वाले लोगों को अधिक सतर्क रहने के लिए कहा गया है, क्योंकि अगले 24 घंटे में जलस्तर बढ़ने पर बांध के द्वार खोले जा सकते हैं। पथनमथिट्टा में भारी बारिश होने के बाद जिला प्रशासन ने लोगों को अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है, विशेष रूप से नदी के किनारे या भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है।

समाचार चैनलों पर पथनमथिट्टा और कोल्लम जिलों के विभिन्न हिस्सों में जलमग्न सड़कों के दृश्य दिखाए जा रहे हैं।इन दोनों जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। केरल के कुछ हिस्सों में शनिवार को लगातार बारिश के कारण मामूली भूस्खलन हुआ और ट्रेन सेवाएं बाधित रहीं, जिसके कारण अधिकारियों को पहाड़ी इलाकों, नदी के किनारों और पर्यटन केंद्रों में अत्यधिक सावधानी बरतनी पड़ी। 

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भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शनिवार को तिरुवनंतपुरम में अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई थी। जबकि ऑरेंज अलर्ट के साथ कोल्लम, पथनमथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम और इडुक्की जिलों मेंबहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई थी। आईएमडी के एक बयान में कहा गया है कि 16 नवंबर तक केरल में एक या दो स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने की भी संभावना है। रेड अलर्ट 24 घंटों में 20 सेमी से अधिक भारी से अत्यधिक भारी बारिश का संकेत देता है, जबकि ऑरेंज अलर्ट 6 सेमी से 20 सेमी तक बहुत भारी बारिश को दर्शाता है। येलो अलर्ट का मतलब 6 से 11 सेंटीमीटर के बीच भारी बारिश है।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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