ठुल्ला संबंधी बयान: केजरीवाल को उच्च न्यायालय ने अर्जी वापस लेने की अनुमति दी

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Aug 6 2018 8:19PM
ठुल्ला संबंधी बयान: केजरीवाल को उच्च न्यायालय ने अर्जी वापस लेने की अनुमति दी
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न्यायमूर्ति आर के गौबा ने केजरीवाल को उनके विरुद्ध निचली अदालत में आरोप तय होने की स्थिति में उच्च न्यायालय आने की छूट दी।

नयी दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को अपनी वह अर्जी वापस लेने की अनुमति दे दी जिसमें उन्होंने उनके विरुद्ध एक कांस्टेबल द्वारा दायर मानहानि के मामले में अदालत से जारी सम्मन खारिज करने की मांग की है। उच्च न्यायालय ने उनका यह अनुरोध मान लिया कि वह इस बात का इंतजार करेंगे कि निचली अदालत इस कथित अपराध के लिए उनके विरुद्ध आरोप तय करती है या नहीं।

 
न्यायमूर्ति आर के गौबा ने केजरीवाल को उनके विरुद्ध निचली अदालत में आरोप तय होने की स्थिति में उच्च न्यायालय आने की छूट दी। संक्षिप्त सुनवाई के दौरान आप संयोजक के वकील ने इस मामले की सुनवाई स्थगित करने का अनुरोध किया और कहा कि उनके मुवक्किल इस बात का इंतजार करना चाहेंगे कि निचली अदालत इस कथित अपराध के लिए उनके विरुद्ध आरोप तय करती है या नहीं।
 
हालांकि न्यायमूर्ति गौबा का कहना था कि उच्च न्यायालय में समानांतर सुनवाई नहीं हो सकती है और निचली अदालत के सम्मन के विरुद्ध अर्जी लंबित नहीं रखी जा सकती है। बाद में केजरीवाल के वकील ने न्यायाधीश से कहा कि उन्हें मामला वापस लेने का निर्देश है। अदालत ने उन्हें इस बात की छूट दी कि यदि उनके मुवक्किल के विरुद्ध आरोप तय होता है, तो वह चाहें तो उच्च न्यायालय आ सकते हैं। 


 
अदालत ने मानहानि के मामले में केजरीवाल को तलब करने के निचली अदालत के आदेश पर पहले स्थगन लगा दिया था। दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल अनिल कुमार तनेजा ने 23 जुलाई, 2015 को केजरीवाल के विरुद्ध मानहानि की शिकायत दर्ज करायी थी। केजरीवाल की अर्जी का विरोध करते हुए तनेजा ने कहा था कि केजरीवाल ने एक खबरिया चैनल के साथ साक्षात्कार में पुलिसकर्मी को ‘ठुल्ला’ कहकर मर्यादा की सारी सामीएं लांघ दी।
 

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