चक्रवाती तूफान यास ने किस राज्य में कितना मचाया बवाल, पढ़ें प्रभावित क्षेत्रों की रिपोर्ट

चक्रवाती तूफान यास ने किस राज्य में कितना मचाया बवाल, पढ़ें प्रभावित क्षेत्रों की रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को भुवनेश्वर पहुंचे और यहां एक बैठक में चक्रवात ‘यास’ से राज्य के विभिन्न इलाकों में हुए नुकसान की समीक्षा की। राज्यपाल गणेशी लाल, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय मंत्रियों धर्मेंद्र प्रधान और प्रताप सारंगी ने बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को भुवनेश्वर पहुंचे और यहां एक बैठक में चक्रवात ‘यास’ से राज्य के विभिन्न इलाकों में हुए नुकसान की समीक्षा की। राज्यपाल गणेशी लाल, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, केंद्रीय मंत्रियों धर्मेंद्र प्रधान और प्रताप सारंगी ने बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। हवाई अड्डे पर ही सम्मेलन कक्ष में यह बैठक अभी भी जारी है। ज्ञात हो कि चक्रवात यास से जुड़ी घटनाओं में अब तक चार लोगों की मौत हो गयी जबकि इसके कारण ओडिशा, पश्चिम बंगाल और झारखंड में 21 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। चक्रवात के कारण ओडिशा में तीन लोगों और पश्चिम बंगाल में एक व्यक्ति की मौत हो गयी। पश्चिम बंगाल सरकार ने दावा किया है कि इस प्राकृतिक आपदा के कारण कम से कम एक करोड़ लोग प्रभावित हुए हैं। ‘ताउते’ के बाद एक सप्ताह के भीतर देश के तटों से टकराने वाला ‘यास’ दूसरा चक्रवाती तूफान है। प्रधानमंत्री ओडिशा के प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे। इसके बाद वह पश्चिम बंगाल के चक्रवात प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और वहां भी एक समीक्षा बैठक करेंगे। 

आइये आपको बताते हैं कि चक्रवाती तूफान के कारण राज्यों को कितना नुकसान हुआ-  

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 पश्चिम बंगाल में हुआ चक्रवाती तूफान यास से भारी नुकसान

चक्रवातीय तूफान ‘यास’ द्वारा पश्चिम बंगाल में तबाही मचाए जाने के एक दिन बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा कि त्रासदी में राज्य को करीब 15 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। साथ ही उन्होंने प्रभावितों को राहत के लिए ‘दुआरे तारन’ (घर-घर जाकर राहत पहुंचाने का) अभियान शुरू किया। बनर्जी ने चक्रवात प्रभावित क्षेत्र में राहत कार्यों के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित करते हुए कहा कि जरुरत होने पर और धन दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘शुरुआती सूचनाओं के अनुसार, हमें पता चला है कि पश्चिम बंगाल में कुल करीब 15,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। इसके बढ़ने की आशंका है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें जमीनी स्तर पर सर्वेक्षण करने की आवश्यकता है क्योंकि ज्यादातर स्थान पानी में डूबे हुए हैं। इसमें (वित्तीय आकलन में) अभी कुछ समय लगेगा।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र में जनसंख्या घनत्व और कृषि भूमि को ध्यान में रखते हुए सारी गणना की गयी है। उन्होंने कहा, ‘‘सरकार पंचायत और ब्लॉक स्तर पर ‘दुआरे तारन’ योजना चलाएगी ताकि चक्रवात से वास्तव में प्रभावित लोगों की मदद हो सके। यह प्रक्रिया पानी का स्तर घटने के बाद तीन जून से शुरू होगी।’’ राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘दुआरे सरकार’ योजना चलाने वाले ही इस योजना का भी संचालन करेंगे। मुख्यमंत्री ने समझाया, ‘‘दुआरे तारन योजना के लिए आवेदन तीन से 18 जून तक स्वीकार किया जा सकेगा। इस अवधि में शिविर का संचालन करने वाले अधिकारी अर्जी स्वीकार करेंगे।’’ तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने कहा कि 18 से 30 जून के बीच सभी आवेदनों का सत्यापन किया जाएगा ताकि कोई योजना का अनुचित लाभ ना ले। बनर्जी ने कहा, ‘‘सिर्फ पात्र लोगों को ही राहत मिलेगी। हम नहीं चाहते कि किसी को भी नुकसान हो। धर्म, जाति से ऊपर उठकर लोगों को राहत दी जाएगी।’’ मुख्यमंत्री ने बताया कि एक जुलाई से राहत राशि लाभार्थी के बैंक खाते में अंतरित की जाएगी और पूरी प्रक्रिया आठ जुलाई तक पूरी की जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रक्रिया को जल्दीबाजी में पूरा नहीं करेंगे, ताकि सिर्फ पात्र लोगों को ही लाभ मिल सके। सत्यापन में 15 दिन लगेंगे।

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 भारी बारिश की घटनाओं में पांच लोगों की मौत

पश्चिम बंगाल में बृहस्पतिवार को बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गयी। आपदा प्रबंधन विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मुर्शिदाबाद जिले के हरिहरपाड़ा में दो किशोरों की तथा नदिया जिले के नकाशीपाड़ा में एक और व्यक्ति की आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु हो गयी। अधिकारी के अनुसार पूर्व मेदिनीपुर के नंदीग्राम में दो लड़के आसमान से गिरी बिजली की चपेट में आने से मारे गये। राज्य में चक्रवाती तूफान ‘यास’ के आने के एक दिन बाद कई शहरों और जिलों में भारी बारिश हुई। 

 बिहार में चक्रवात ‘यास’ के कारण भारी बारिश

बिहार में चक्रवात ‘यास’ के प्रभाव के कारण बृहस्पतिवार को उड़ानें और रेल यातायात के प्रभावित होने के साथ प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश हुई। चक्रवात की वजह से पटना शहर में भारी बारिश के कारण शाम को यहां के हवाई अड्डे पर उड़ानों का परिचालन बंद कर दिया गया। एयरपोर्ट के निदेशक भूपेश नेगी ने बताया कि हवाई यातायात के निलंबन के कारण चार उड़ानें रद्द कर दी गई। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि चक्रवात ‘यास’ के कारण मौसम की स्थिति को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है कि पटना एयरपोर्ट से उड़ान परिचालन शुक्रवार 28 मई को सुबह नौ बजे तक निलंबित रहेगा। परिचालन को फिर से शुरू करने पर निर्णय लेने से पहले स्थिति की समीक्षा की जाएगी। पूर्व मध्य रेल (ईसीआर) ने चक्रवात ‘यास’ के मद्देनजर सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए कुछ स्पेशल ट्रेनों का परिचालन अस्थायी तौर पर रद्द कर दिया है। ईसीआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि ऐसी कुल 15 ट्रेनों का परिचालन रद्द किया गया है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के निदेशक आनंद शंकर ने बताया कि अति गंभीर चक्रवात ‘यास’ ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट से 26 मई को पार करने के बाद कमजोर हो गया है।

वर्तमान में यह एक कम दबाव के क्षेत्र के रूप में झारखंड और बिहार के ऊपर स्थित है। इसके और कमजोर पड़ने और उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढने का अनुमान है। शुक्रवार को यह बिहार और उससे सटे पूर्वी उत्तर प्रदेश पर कम दबाव के क्षेत्र के रूप मे बदल जाएगा। उन्होंने कहा कि इस कम दबाव के मौसमी प्रभाव के कारण राज्य में अगले 48 घंटे के दौरान हल्की से मध्यम स्तर की बारिश होने की संभावना है। जबकि, एक दो स्थानों पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है। इस दौरान हवा की अधिकिम गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की होगी। इसके साथ ही राज्य के दक्षिण तथा पूर्वी हिस्सों में अगले 24 घंटे और राज्य के मध्य हिस्से में कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी है। शंकर ने कहा कि बारिश के कारण निचले क्षेत्र में जल जमाव या बाढ़ जैसी स्थिति बन सकती है। इसलिए राज्य के नागरिकों को उचित सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। 

झारखंड में चक्रवाती तूफान से दो की मौत, बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान

 झारखंड में बंगाल की खाड़ी से आये चक्रवाती तूफान ‘यास’ के चलते हुई भारी वर्षा से मकान गिरने की एक घटना में दो लोगों की मौत की सूचना है जबकि इसके प्रभाव से राज्य में सात से आठ लाख की आबादी प्रभावित हुई और बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ। राज्य के अनेक इलाकों में पिछले दो दिनों से जारी तेज बारिश के चलते अनेक पहाड़ी नदियों में जलस्तर बढ़ गया जिसके कारण कई स्थानों पर पुल भी बह गये। इनमें से रांची को तमाड़ से जोड़ने वाला पुल भी शामिल है। हालांकि आज शाम तक इसका प्रभाव अब कुछ जिलों में सिर्फ बारिश होने तक सिमट कर रह गया है जिसके शुक्रवार शाम तक समाप्त हो जाने की संभावना जतायी गयी है। झारखंड में आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव अमिताभ कौशल ने ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि राज्य में पिछले चौबीस घंटों में प्राकृतिक कारणों से तीन लोगों की मौत की सूचना है जिनमें से दो लोगों की मौत राजधानी रांची में पिछले 36 घंटों से लगातार जारी भारी वर्षा के कारण मकान गिरने से उसके मलबे में दबकर हो गयी। उन्होंने बताया कि एक अन्य व्यक्ति की मौत बोकारो में बिजली गिरने की घटना में हुई जिसे इस चक्रवाती तूफान से जोड़कर नहीं देखा जा सकता है।  

 ‘यास’ के बीच ओडिशा में 300 से अधिक बच्चों का जन्म

ओडिशा प्रशासन चक्रवात यास से जूझ रहा है, जिसने राज्य में व्यापक तबाही मचाई है। इस बीच तटीय राज्य में 300 से अधिक बच्चों का जन्म हुआ और कुछ परिवारों ने अपने नवजात बच्चों का नाम चक्रवाती तूफान के नाम पर ‘यास’ रखा है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इनमें से कई बच्चों का जन्म मंगलवार की रात को हुआ था, जब चक्रवाती तूफान देश के पूर्वी तट पर पहुंच रहा था, जबकि कुछ अन्य ऐसे बच्चे भी हैं, जिन्होंने उस समय दुनिया की रोशनी देखी, जब यास ने बालासोर जिले से 50 किलोमीटर दक्षिण में बहानागा के पास दस्तक दी। बालासोर के पारखी इलाके की रहने वाली सोनाली मैती ने कहा कि वह अपने लड़के के लिए यास से बेहतर नाम नहीं सोच सकती थीं, जिसका जन्म चक्रवात के आगमन को चिह्नित करता है।

इसी तरह, केंद्रपाड़ा जिले की सरस्वती बैरागी ने कहा कि उसने तूफान के नाम पर अपनी नवजात बच्ची का नाम रखा, इस तरह सभी को उसके आने का समय याद रहेगा। बैरागी ने कहा, मैं इस बात से बेहद खुश हूं कि मेरी बच्ची एक ऐसे दिन दुनिया में आयी, जिसे सभी लोग याद रखेंगे। मैंने उसका नाम यास रखा है। अधिकारियों ने कहा कि इसी तरह की खबरें राज्य के अन्य हिस्सों से भी आई हैं। यास को इसका नाम ओमान से मिला है। कहा जाता है कि यह शब्द फारसी से उत्पन्न हुआ है, और अंग्रेजी में इसका अर्थ है जैस्मीन। राज्य सरकार ने पहले कहा था कि प्रभावित स्थलों से निकाले गए लोगों की सूची में 6,500 गर्भवती महिलाएं हैं, जिन्हें निचले इलाकों और चक्रवात प्रभावित क्षेत्रों से स्थानांतरित किया गया था। सरकार ने कहा था कि कई महिलाएं, जो अपनी गर्भावस्था के अंतिम चरण में थीं, उन्हें मां गृह (डिलीवरी सेंटर) और अन्य स्थानीय अस्पतालों में ले जाया गया। 





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