मुझे पूरे सम्मान के साथ बहाल किया जाना चाहिए: कफील खान

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 28, 2019   18:38
मुझे पूरे सम्मान के साथ बहाल किया जाना चाहिए: कफील खान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने शुक्रवार को कहा कि डॉक्टर निजी क्लीनिक चलाते थे जांच में यह आरोप गलत साबित नहीं हुआ है।

नयी दिल्ली। निलंबित बाल रोग विशेषज्ञ कफील खान ने शनिवार को मांग की कि उन्हें पूरे सम्मान के साथ बहाल किया जाए और मामले की सीबीआई से जांच कराई जाए।  खान ने नयी दिल्ली में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में संवाददाताओं से कहा कि उत्तरप्रदेश सरकार को मृतक बच्चों के परिजन से माफी मांगनी चाहिए और उन्हें मुआवजा दिया जाना चाहिए। हालांकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने शुक्रवार को कहा कि डॉक्टर निजी क्लीनिक चलाते थे जांच में यह आरोप गलत साबित नहीं हुआ है। 

इसे भी पढ़ें: महायोगी गोरखनाथ के बिना भारत की आध्यात्मिक परंपरा शून्य: योगी आदित्यनाथ

एक बयान में उन्होंने कहा कि  यह कहना सही नहीं है कि विभागीय जांच में डॉक्टर कफील को क्लीनचिट मिल गई है। उन्होंने रिपोर्ट के गलत निष्कर्ष निकाले हैं।’’ कफील ने दावा किया, ‘‘विभागीय जांच में दिखाया गया है कि मैंने कोई चिकित्सकीय लापरवाही नहीं की या मैं भ्रष्टाचार में संलिप्त नहीं था... अब ‘हत्यारा कफील’ और कुख्यात डॉक्टर कफील का लगा धब्बा धुल गया है।’’ 

इसे भी पढ़ें: हीरो हैं डॉ. कफील खान, 60 बच्चों की मौत पर आई रिपोर्ट में निर्दोष साबित

उन्होंने कहा, ‘‘मैं मांग करता हूं कि मुझे पूरे सम्मान के साथ नौकरी पर बहाल किया जाए और मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।’’ गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में दस अगस्त 2017 की रात करीब 30 बच्चों की मौत हो गई थी और अगले कुछ दिनों में 34 बच्चे काल-कवलित हो गए थे। यह जानकारी उस वक्त अधिकारियों ने दी थी।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।