कांग्रेस अगर आणंद से नहीं जीत सकती तो गुजरात में कहीं से नहीं जीत सकती

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: Apr 16 2019 2:27PM
कांग्रेस अगर आणंद से नहीं जीत सकती तो गुजरात में कहीं से नहीं जीत सकती
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भारत की दुग्ध राजधानी के तौर पर पहचाने रखने वाले और अमूल डेयरी ब्रांड के लिए दुनियाभर में मशहूर आणंद में 2004 और 2009 में यहां से दो बार सांसद चुने गए सोलंकी और भाजपा के मितेश पटेल के बीच नजदीकी मुकाबला होने की उम्मीद है।

आणंद/बोरसद (गुजरात)। आणंद लोकसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार भरतसिंह सोलंकी भाजपा से यह सीट छीनने के लिए आश्वस्त हैं और उन्होंने दावा किया कि यह गुजरात में उनकी पार्टी का सबसे सुरक्षित चुनाव है। सोलंकी ने कहा कि अगर कांग्रेस मध्य गुजरात में आणंद लोकसभा सीट नहीं जीत सकती तो वह राज्य की 26 में से कोई भी सीट नहीं जीत सकती। साल 2014 के चुनाव में भाजपा ने गुजरात में सभी 26 लोकसभा सीटें जीती थीं।

 
भारत की दुग्ध राजधानी के तौर पर पहचाने रखने वाले और अमूल डेयरी ब्रांड के लिए दुनियाभर में मशहूर आणंद में 2004 और 2009 में यहां से दो बार सांसद चुने गए सोलंकी और भाजपा के मितेश पटेल के बीच नजदीकी मुकाबला होने की उम्मीद है। पटेल जाने माने कारोबारी हैं जो पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने सत्ता विरोधी लहर को भांपते हुए मौजूदा सांसद दिलीप पटेल को टिकट नहीं दी। पटेल ने नरेंद्र मोदी लहर के सहारे पूर्व केंद्रीय मंत्री सोलंकी को हराया था।


आणंद पारंपरिक रूप से कांग्रेस का गढ़ रहा है। पार्टी यहां से दस बार जीती जबकि भाजपा 1989, 1999 और 2014 में जीतने में कामयाब रही। यहां से कांग्रेस की दस बार की जीत में से पांच बार सोलंकी के नाना ईश्वर चावडा ने जीत दर्ज की।  भाजपा के मितेश पटेल ने दावा किया कि यहां लोग भाजपा के पक्ष में मतदान करेंगे क्योंकि वे नरेंद्र मोदी को फिर से प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं। वहीं, सोलंकी ने कहा कि रोजगार की कमी और कृषि संकट जैसे मूल मुद्दों से कांग्रेस की जीत सुनिश्चित होगी। राज्य में सभी 26 सीटों पर मतदान 23 अप्रैल को होगा।

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