नेहरू जिन्ना को देश का प्रधानमंत्री बनने देते तो देश का विभाजन नहीं होता: भाजपा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Publish Date: May 13 2019 10:21AM
नेहरू जिन्ना को देश का प्रधानमंत्री बनने देते तो देश का विभाजन नहीं होता: भाजपा
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मध्यप्रदेश में भाजपा के विधायक और उम्मीदवार गुमानसिंह डामोर ने कहा कि आजादी के समय अगर जवाहरलाल नेहरू जिद नहीं करते तो इस देश के दो टुकड़े नहीं होते।

झाबुआ। मध्यप्रदेश में भाजपा के विधायक और झाबुआ-रतलाम संसदीय क्षेत्र के पार्टी उम्मीदवार गुमान सिंह डामोर ने कहा है कि जवाहरलाल नेहरू प्रधानमंत्री बनने की जिद नहीं करते और जिन्ना को देश का प्रधानमंत्री बनने देते तो देश का विभाजन नहीं होता। डामोर ने शनिवार को जिला मुख्यालय से 18 किलोमीटर दूर राणापुर कस्बे में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आजादी के समय अगर जवाहरलाल नेहरू जिद नहीं करते तो इस देश के दो टुकड़े नहीं होते। मोहम्मद जिन्ना एक एडवोकेट और विद्वान व्यक्ति थे। अगर उस समय निर्णय लिया होता तो हमारे देश के प्रधानमंत्री जिन्ना होते और इस देश के टुकडे नहीं हुए होते।

भाजपा को जिताए

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उन्होने कहा कि देश के टुकडे़ करने के लिए अगर कोई जिम्मेदार है तो वह कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार है। नेहरू जी की जिद ने इस देश के टुकडे़ करवाए और ये विभाजन की कार्य नीति बंद नही हुई है। आज भी कांग्रेस की वही नीति है। हमारे देश के विभाजन के लिए अगर कोई जिम्मेदार है तो वो कांग्रेस पार्टी है। 1942 में भारत छोडो आंदोलन हुआ था। उसके बाद हमारे देश में प्रधानमंत्री बनने की होड़ मच गई। कांग्रेस के कुछ लोग चाहते थे कि हम प्रधानमंत्री बनें। डामोर ने कहा कि एक समूह ऐसा है जो कहता है कि भारत तेरे टुकडे होंगे…। उस नारे को लगाने वाले की पीठ पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी हाथ है। राहुल गांधी इस देश में ऐसे लोगों को समर्थन करते है।

डामोर ने कश्मीर की समस्या को भी कांग्रेस की देन बताते हुए कहा कि देश में अमन चैन लुटा है, वो कांग्रेस ने लुटा है। आज हम देश में हिन्दू और मुस्लिम भाई साथ-साथ रह रहे हैं। हमें कोई परेशानी नहीं है। अगर इस देश में विभाजन नहीं होता तो हम और भी अमन चैन से रहते, न ही कश्मीर समस्या होती न ही साम्प्रदायिक दंगे होते। उन्होने आरोप लगाया कि यह सब कुछ कांग्रेस की सोची समझी रणनीति के तहत हुआ है। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष निर्मल मेहता ने उनके बयान पर कहा है कि डामोर सरकारी नौकरी से रिटायर होने के बाद अब भाजपा से लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। शायद इन्हें भारत के इतिहास का भी पता नहीं है। भारत और पाकिस्तान अलग हुए,जिन्ना की जिद से पाकिस्तान बना और देश के टुकडे जिन्ना की जिद से ही हुए हैं।



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उन्होने कहा कि गुमानसिंह जी को इतिहास नहीं पता, इसलिए वह जिन्ना की बात कर रहे है। यदि उन्हे जिन्ना से इतना ज्यादा प्रेम है तो वह पाकिस्तान मे जाकर चुनाव क्यों नहीं लडते। झाबुआ लोकसभा सीट से कांग्रेस के उम्मीदवार पूर्व केन्द्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया हैं। यहां 19 मई को चुनाव है।

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