नोएडा में अवैध टावर रविवार को गिराए जाएंगे, विभिन्न एजेंसियों की तैयारियां पूरी

Twin tower
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नोएडा के सेक्टर-93-ए में दो अवैध टावर को रविवार दोपहर ढाई बजे विस्फोट से ढहा दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में 10 से 12 सेकंड लगेंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। टावर गिराने के लिए जेट डेमोलिशन, एडफिस इंजीनियरिंग और सीबीआरआई की टीम शनिवार को टावर के अंदर विस्फोटक से जुड़े वायर की जांच और ‘ट्रिगर’ दबाए जाने की तैयारियों को अंतिम रूप देती रही।

नोएडा, 28 अगस्त। नोएडा के सेक्टर-93-ए में दो अवैध टावर को रविवार दोपहर ढाई बजे विस्फोट से ढहा दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में 10 से 12 सेकंड लगेंगे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। टावर गिराने के लिए जेट डेमोलिशन, एडफिस इंजीनियरिंग और सीबीआरआई की टीम शनिवार को टावर के अंदर विस्फोटक से जुड़े वायर की जांच और ‘ट्रिगर’ दबाए जाने की तैयारियों को अंतिम रूप देती रही। नोएडा प्राधिकरण और पुलिस अधिकारी आसपास की व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे रहे। सेक्टर-93-ए में बने 103 मीटर ऊंचे एपेक्स और 97 मीटर ऊंचे सियान टावर को ध्वस्त करने के लिए 3700 किलो विस्फोटक अलग-अलग फ्लोर पर लगाया गया है।

सुरक्षा कारणों से एमराल्ड कोर्ट और आसपास की सोसायटी के फ्लैट खाली कराए जाएंगे। इसके अलावा करीब तीन हजार वाहन और 200 पालतू पशुओं को भी बाहर निकाल लिया जाएगा। एडफिस इंजीनियरिंग के प्रोजेक्ट मैनेजर मयूर मेहता ने बताया कि पुलिस से मंजूरी मिलने पर दोपहर ढाई बजे ‘ट्रिगर’ दबाया जाएगा। डीसीपी (यातायात) गणेश पी साहा ने बताया कि डायवर्जन लागू करने का कार्य देर रात पूरा कर लिया गया। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे दोपहर 2:15 से लेकर 2:45 तक बंद रहेगा। उन्होंने बताया कि धूल का गुबार अगर एक्सप्रेस-वे की तरफ रहा, तो इसे कुछ और देर के लिए बंद रखा जा सकता है।

एक्सप्रेस-वे के बंद रहने की जानकारी गूगल मैप पर करीब पौने घंटे पहले दिखाई देनी शुरू हो जाएगी, ऐसे में वैकल्पिक मार्ग भी गूगल मैप द्वारा बताया जाएगा। डीसीपी (सेंट्रल) राजेश एस ने बताया कि करीब 400 पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी और एनडीआरएफ के जवान भी तैनात किए जाएंगे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ सुनील शर्मा ने बताया कि छह एंबुलेंस मौके पर रहेंगी और जिला अस्पताल के साथ फैलिक्स और यथार्थ अस्पताल में भी बिस्तर आरक्षित किए गए हैं। नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) रितु माहेश्वरी ने बताया कि करीब 60 हजार टन मलबा दोनों टावर से निकलेगा। इसमें से करीब 35 हजार टन मलबे का निस्तारण कराया जाएगा। ध्वस्तीकरण के बाद उठने वाली धूल को साफ करने के लिए कर्मचारी, स्वीपिंग मशीन, एंटी स्माग गन और पानी छिड़कने की मशीन के साथ वहां मौजूद रहेंगे।

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