भारत में आठ महीने बाद 24 घंटे में कोविड-19 से सबसे कम 145 लोगों की मौत

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जनवरी 18, 2021   12:50
  • Like
भारत में आठ महीने बाद 24 घंटे में कोविड-19 से सबसे कम 145 लोगों की मौत

भारत में इस महीने में दूसरी बार एक दिन में कोविड-19 के 14 हजार से कम नए मामले सामने आए जबकि नए मामलों के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,05,71,773 हो गई। वहीं एक दिन में 145 और मरीजों की मौत हुई, जो पिछले करीब आठ महीने में सबसे कम है।

नयी दिल्ली। भारत में इस महीने में दूसरी बार एक दिन में कोविड-19 के 14 हजार से कम नए मामले सामने आए जबकि नए मामलों के बाद देश में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,05,71,773 हो गई। वहीं एक दिन में 145 और मरीजों की मौत हुई, जो पिछले करीब आठ महीने में सबसे कम है। केन्द्रीय स्वास्थय मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार देश में एक दिन में कोविड-19 के 13,788 नए मामले सामने आए। इससे पहले 12 जनवरी को 12,548 नए मामले सामने आए थे।

इसे भी पढ़ें: जेपी नड्डा का दो दिवसीय UP दौरा, योगी सरकार में हो सकते हैं बड़े बदलाव, डिप्टी CM बनेंगे अरविंद शर्मा?

वहीं वायरस से 145 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,52,419 हो गई। आंकड़ों के अनुसार, कुल 1,02,11,342 लोगों के संक्रमण मुक्त होने के साथ ही देश में मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 96.59 प्रतिशत हो गई। वहीं कोविड-19 से मृत्यु दर 1.44 प्रतिशत है। देश में वायरस के उपचाराधीन मरीजों की संख्या तीन लाख से कम ही है। कुल 2,08,012 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 1.97 प्रतिशत है।

इसे भी पढ़ें: अंडमान-निकोबार में कोरोना वायरस के मामले बढ़कर 4,983 हुए

भारत में सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितम्बर को 40 लाख के पार चली गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितम्बर को 50 लाख, 28 सितम्बर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवम्बर को 90 लाख और 19 दिसम्बर को एक करोड़ के पार चले गए थे। भारतीय आयुर्विज्ञान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार देश में 17 जनवरी तक कुल 18,70,93,036 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई। उनमें से 5,48,168 नमूनों की जांच रविवार को की गई। आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे में 145 लोगों की वायरस से मौत हुई। उनमें से महाराष्ट्र के 50, केरल के 21, पश्चिम बंगाल के 12 और दिल्ली के आठ लोग शामिल हैं।

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार देश में वायरस से अभी तक कुल 152419 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 50,438, तमिलनाडु के 12,264, कर्नाटक के 12,166, दिल्ली के 10,746, पश्चिम बंगाल के 10,053, उत्तर प्रदेश के 8,576, आंध्र प्रदेश के 7,140 और पंजाब के 5,504 लोग थे। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की मौत हुई, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मामलों में मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का आईसीएमआर के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


अमित शाह बोले, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजयी होगा राजग गठबंधन

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 7, 2021   14:44
  • Like
अमित शाह बोले, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजयी होगा राजग गठबंधन

जिले के सुसींद्रम से चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए अमित शाह ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि छह अप्रैल के चुनाव के बाद राजग विजय हासिल कर गठबंधन सरकार बनाएगा।

कन्याकुमारी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छह अप्रैल को यहां होने वाले लोकसभा उपचुनाव के लिए रविवार को भाजपा के चुनाव प्रचार की शुरुआत की और विश्वास जताया कि पार्टी न केवल यहां जीतेगी बल्कि अगले महीने के विधानसभा चुनाव में भी राजग विजयी होगा। जिले के सुसींद्रम से चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि छह अप्रैल के चुनाव के बाद राजग विजय हासिल कर गठबंधन सरकार बनाएगा। पिछले साल कांग्रेस सांसद एच वसंत कुमार की कोविड-19 से मृत्यु होने के बाद लोकसभा की यह सीट खाली हो गई थी। इस सीट के लिए हो रहे उपचुनाव में भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. राधाकृष्णन को प्रत्याशी बनाया है। शाह ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश देने के लिए 11 घरों का दौरा किया। 

इसे भी पढ़ें: मिशन दक्षिण पर गृह मंत्री अमित शाह, कन्याकुमारी में किया रोड शो

उन्होंने कहा, “हमने भाजपा का प्रतीक कमल घर-घर ले जाने के लिए अभियान शुरू किया है।” उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि (विधानसभा चुनाव के बाद) अन्नाद्रमुक, भाजपा और पीएमके गठबंधन की सरकार बनेगी।” शाह ने लोगों से राधाकृष्णन को विजयी बनाने की अपील की और कहा कि पार्टी को ‘उनकी जरूरत’ है। शाह ने उपचुनाव के लिए पर्चे बांटे, लोगों से मुलाकात की और कुछ लोगों के साथ फोटो खिंचवाई।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


जम्मू कश्मीर में रोहिंग्याओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, 168 को भेजा गया जेल

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 7, 2021   14:33
  • Like
जम्मू कश्मीर में रोहिंग्याओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई, 168 को भेजा गया जेल

आधिकारिक दस्तावेज के बिना शहर में रह रहे विदेशियों की पहचान करने के लिए यह अभियान चलाया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-से कहा, “कम से कम 168 अवैध प्रवासी रोहिंग्याओं को हीरानगर जेल भेजा गया है।”

जम्मू। जम्मू में अवैध रूप से रह रहे 168 रोहिंग्याओं को जेल भेज दिया गया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। जम्मू कश्मीर प्रशासन ने शनिवार को एक अभियान चलाकर यहां रह रहे रोहिंग्याओं के बायोमीट्रिक और अन्य विवरण एकत्र किए थे। आधिकारिक दस्तावेज के बिना शहर में रह रहे विदेशियों की पहचान करने के लिए यह अभियान चलाया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पीटीआई-से कहा, “कम से कम 168 अवैध प्रवासी रोहिंग्याओं को हीरानगर जेल भेजा गया है।”

इसे भी पढ़ें: फारूक अब्दुल्ला ने संपत्ति जब्त किए जाने के मामले में ईडी के आदेश को चुनौती दी

उन्होंने कहा कि म्यांमा से आए रोहिंग्या मुस्लिमों के सत्यापन की प्रकिया, यहां एमएएम स्टेडियम में कड़ी सुरक्षा के बीच की गई। उन्होंने बताया कि विदेशियों का सत्यापन करने की प्रक्रिया जारी है। सरकारी आकंड़ों के मुताबिक रोहिंग्या मुस्लिमों और बांग्लादेशी नागरिकों समेत 13,700 विदेशी जम्मू और सांबा जिलों में रह रहे हैं जहां 2008 से 2016 के बीच इनकी जनसंख्या में छह हजार से अधिक की वृद्धि हुई।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 8 मार्च से शुरू होगा

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  मार्च 7, 2021   14:23
  • Like
संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 8 मार्च से शुरू होगा

सत्र के दूसरे चरण में सरकार का ध्यान मुख्य रूप से वित्त विधेयक और वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अनुदान की अनेक अनुपूरक मांगों को पारित कराने पर होगा।

नयी दिल्ली। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण सोमवार से आरंभ होगा। चार राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए चल रहे प्रचार के बीच यह चरण महीने भर चलेगा। सत्र के दूसरे चरण में सरकार का ध्यान मुख्य रूप से वित्त विधेयक और वित्त वर्ष 2021-22 के लिए अनुदान की अनेक अनुपूरक मांगों को पारित कराने पर होगा। इन अनिवार्य एजेंडा के अलावा, सरकार ने इस सत्र में कई विधेयकों को भी पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया है। इस सत्र का समापन आठ अप्रैल को होगा। सरकार ने जिन विधेयकों को सूचीबद्ध किया है उनमें पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण (संशोधन) विधेयक, राष्ट्रीय वित्त पोषण अवसंरचना और विकास बैंक विधेयक, विद्युत (संशोधन) विधेयक, क्रिप्टो करेंसी एवं आधिकारिक डिजिटल मुद्रा नियमन विधेयक शामिल हैं।

इसे भी पढ़ें: सेंट्रल विस्टा के अंतर्गत बनेगी सुरंग, आवास से सीधा सदन पहुंच सकते हैं पीएम और उपराष्ट्रपति

बजट सत्र का दूसरा चरण ऐसे समय हो रहा है जब सभी सियासी दलों का ध्यान पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों पर है। इन राज्यों में मार्च-अप्रैल में चुनाव होने हैं। अनुमान है कि चुनाव प्रचार की खातिर कई क्षेत्रीय दलों के वरिष्ठ नेता सदन की बैठकों से अनुपस्थित रहेंगे। बजट सत्र का पहला चरण 29 जनवरी को शुरू हुआ था जिसमें राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया था। राष्ट्रपति के अभिभाषण का कांग्रेस समेत 20 से अधिक विपक्षी दलों ने केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर बहिष्कार किया था। केंद्रीय बजट एक फरवरी को पेश किया गया था।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept