उत्तराखंड : रानीखेत में हिमालयी मसाला उद्यान का उद्घाटन किया गया

Himalaya
प्रतिरूप फोटो
Google Creative Commons
त्तराखंड में अल्मोडा जिले के रानीखेत स्थित सोनी में बने अपनी तरह के पहले हिमालयी मसाला उद्यान का बृहस्पतिवार को विख्यात इतिहासकार शेखर पाठक ने उद्घाटन किया। इस उद्यान में कश्मीरी केसर से लेकर उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले की भैरोंघाटी में पाई जाने वाला प्रसिद्ध तेजपात, तिमूर और वन हींग जैसे प्रमुख हिमालयी मसाले की प्रजातियां मौजूद हैं।

देहरादून, 5 अगस्त। उत्तराखंड में अल्मोडा जिले के रानीखेत स्थित सोनी में बने अपनी तरह के पहले हिमालयी मसाला उद्यान का बृहस्पतिवार को विख्यात इतिहासकार शेखर पाठक ने उद्घाटन किया। इस उद्यान में कश्मीरी केसर से लेकर उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले की भैरोंघाटी में पाई जाने वाला प्रसिद्ध तेजपात, तिमूर और वन हींग जैसे प्रमुख हिमालयी मसाले की प्रजातियां मौजूद हैं।

मुख्य वन संरक्षक (शोध शाखा) संजीव चतुर्वेदी ने बताया कि रानीखेत में करीब चार एकड़ भूमि पर यह उद्यान जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी (जायका) के वित्तीय सहयोग से दो साल में स्थापित किया गया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में उद्यान में मसाले की 30 से अधिक विभिन्न प्रजातियां हैं, जिनमें से आठ हिमालयी क्षेत्र के एलियम परिवार (प्याज) की हैं। वन अधिकारी ने बताया कि मसाला उद्यान स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य भारतीय हिमालयी क्षेत्र में उगने वाले विभिन्न मसालों को लोकप्रिय बनाना और उनके बारे में लोगों को जागरूक करना है।

उन्होंने कहा कि ये मसाले बहुत पौष्टिक और स्वादिष्ट हैं तथा पुराने समय से हिमालयी व्यंजनों का हिस्सा रहे हैं। हिमालयी क्षेत्र के अच्छे जानकार पाठक की कई पुस्तकें, शोध पत्र और लेख छप चुके हैं। हाल में उनकी हिंदी में प्रकाशित पुस्तक हरी भरी उम्मीद पर आधारित अंग्रेजी किताब चिपको आंदोलन: ए पीपुल्स हिस्ट्री आयी है।

अन्य मसालों के अतिरिक्त, हिमालयी मसाला उद्यान में अति उच्च क्षेत्रों में उगने वाला काला जीरा और तड़के के लिए उपयोग में आने वाला जख्या भी मौजूद है। उद्यान में बद्री तुलसी, जांबु की पत्तियां और अल्मोडा की पहचान पीली और तीखी लखोरी मिर्च भी है। चतुर्वेदी ने बताया कि यहां एक ‘इंटरप्रेटेशन सेंटर’ भी बनाया गया है जहां इन मसालों के बारे में जानकारियां दी गयी हैं।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।

अन्य न्यूज़