मध्य प्रदेश में बिजली की खपत में वृद्धि से व्यवसायिक-वाणिज्यिक और औद्योगिक गतिविधयों में इजाफा, पिछले साल की तुलना में 271 मेगावाट अधिक खपत दर्ज

मध्य प्रदेश में बिजली की खपत में वृद्धि से व्यवसायिक-वाणिज्यिक और औद्योगिक गतिविधयों में इजाफा,  पिछले साल की तुलना में 271 मेगावाट अधिक खपत दर्ज

22 मई से सामान्य वाणिज्यिक गतिविधियाँ चालू हई हैं। इसी प्रकार 26 मई को समस्त ग्वालियर चंबल संभाग में 06 प्रतिशत तक खपत में वृद्धि हुई है। इसी प्रकार भोपाल और नर्मदापुरम अंचल की बात करें तो 26 मई को विदिशा में 29.35 लाख यूनिट यानि 05 प्रतिशत अधिक वृद्धि हुई है।

भोपाल। मध्य प्रदेश में पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष मई माह में 271 मेगावाट अधिक बिजली की खपत हुई है। कोरोना काल में लाकडाउन के दौरान ग्वालियर चंबल संभाग में 26 मई को ग्वालियर शहर में 56.69 लाख यूनिट की खपत(इनपुट) दर्ज की गई जो कि गत वर्ष के इसी दिन की खपत से 8 प्रतिशत अधिक है। ऐसे ही ग्वालियर ग्रामीण में 38.50 लाख यूनिट खपत हुई जो गत वर्ष से 11 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार दतिया में 11 प्रतिशत अधिक, मुरैना में 3 प्रतिशत, भिण्ड में 1 प्रतिशत, शिवपुरी में 4 प्रतिशत, श्योपुर में 5 प्रतिशत और गुना में 5 प्रतिशत अधिक खपत दर्ज हुई है। 

इसे भी पढ़ें: दिग्विजय सिंह को भाजपा मीडिया प्रभारी ने कहा निर्लज्ज, दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री पर साधा था निशाना

इस बात से समझ आ रहा है कि 22 मई से सामान्य वाणिज्यिक गतिविधियाँ चालू हई हैं। इसी प्रकार 26 मई को समस्त ग्वालियर चंबल संभाग में 06 प्रतिशत तक खपत में वृद्धि हुई है। इसी प्रकार भोपाल और नर्मदापुरम अंचल की बात करें तो 26 मई को विदिशा में 29.35 लाख यूनिट यानि 05 प्रतिशत अधिक वृद्धि हुई है। यह तुलनात्मक रूप से गत वर्ष(26 मई 2019) से ज्यादा है। इसी प्रकार राजगढ़ में 34.56 लाख युनिट 8 प्रतिशत अधिक, होशंगाबाद में 89.66 लाख यूनिट 17 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार 21 मई से 26 मई की बात करें तो रायसेन में 2-3 प्रतिशत, होंशगाबाद में 5 से 17 प्रतिशत खपत में वृद्धि हुई है। 

गौरतलब है कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी घरेलू, गैर घरेलू फीडरों पर रोज 24 घंटे एवं कृषि फीडरों को 10 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है। यदि कंपनी कार्य क्षेत्र में मेगावाट में विद्युत प्रदाय की बात करें तो गत वर्ष 26 मई 2019 को 3028 मेगावाट आपूर्ति की गई जो कि 26 मई 2020 को 3299 मेगावाट विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की गई। इससे संकेत है कि व्यावसायिक वार्णिज्यक गतिविधियों में वृद्धि इुई है। साथ ही औद्योगिक विकास केन्द्र मंडीदीप, पीलूखेड़ी, मालनपुर, बामौर आदि में औद्योगिक इकाइयां शुरू हो गई हैं। उपभोक्ताओं का यह भ्रम कि सभी उद्योग बंद है, उस संबंध में विद्युत आपूर्ति/खपत के आकडें बोलते हैं कि लॉकडाउन-4 के दौरान व्यवसायिक- वाणिज्यिक गतिविधियों बढ़ रही हैं। उच्चदाब के ऐसे शासकीय उपभोक्ताओं द्वारा भी फुल लोड पर काम चालू हो गया है। विद्युत आपूर्ति को बढ़ती खपत साफ तौर पर इस दिशा में संकेत दे रही है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।